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ऑपरेशन सिंदूर पर अजीत डोभाल बोले- 'भारत की सहनशीलता को कमजोरी समझने की भूल न करें'

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि देश जरूरत पड़ने पर जोखिम उठाकर कड़ा जवाब देने की क्षमता रखता है.

ऑपरेशन सिंदूर पर अजीत डोभाल बोले- 'भारत की सहनशीलता को कमजोरी समझने की भूल न करें'
ऑपरेशन सिंदूर पर पहली बार अजीत डोभाल बोले है.

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा संदेश देते हुए कहा है कि भारत की उदारता और सहनशीलता को उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश अपने हितों की रक्षा के लिए जोखिम उठाने और कड़ा प्रहार करने में सक्षम है, चाहे उसके परिणाम कुछ भी हों.

ऑपरेशन का लक्ष्य था आतंकी ढांचों को नष्ट करना

ऑपरेशन सिंदूर के बाद दिए अपने पहले साक्षात्कार में डोभाल ने बताया कि इस सैन्य अभियान का मुख्य उद्देश्य उन आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना था जो पहलगाम आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार थे. उन्होंने कहा कि अभियान शुरू करने से पहले लक्ष्य पूरी तरह तय कर लिए गए थे और कार्रवाई उसी रणनीति के तहत की गई.

दुनिया के लिए साफ संदेश

डोभाल ने कहा कि भारत शांतिप्रिय देश है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह अपनी सुरक्षा से समझौता करेगा. उन्होंने कहा कि दुनिया को यह समझ लेना चाहिए कि भारत जरूरत पड़ने पर निर्णायक कदम उठा सकता है. उनका कहना था कि देश की सहनशीलता को कमजोरी मानने की भूल किसी को नहीं करनी चाहिए.

‘डीक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर' में सामने आएंगे कई पहलू

डोभाल के बयान डिस्कवरी की नई डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘डीक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर' में सामने आए हैं. दो भागों में तैयार इस विशेष श्रृंखला में सैन्य और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारियों के अनुभव और फैसलों की जानकारी दी जाएगी. इसमें ऑपरेशन के दौरान लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों और रणनीति की भी चर्चा होगी.

पहलगाम हमले के बाद शुरू हुआ था अभियान

22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई की तैयारी शुरू की थी. इसके तहत छह और सात मई की दरम्यानी रात ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया गया. भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद कई आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए.

88 घंटे तक चला संघर्ष

भारतीय कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की ओर से भी जवाबी हमले किए गए. इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव बढ़ गया. लगभग 88 घंटे तक चले इस संघर्ष के दौरान भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत जवाबी कार्रवाई जारी रखी. आखिरकार 10 मई की शाम दोनों देशों के बीच बने समझौते के बाद सैन्य टकराव थम गया.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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