वैदिक ज्योतिष में शनि देव को कर्म, न्याय और अनुशासन का ग्रह माना जाता है. जब शनि अपनी चाल बदलते हैं या वक्री अवस्था में रहते हैं तो इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप में पड़ता है. ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय के अनुसार, 9 अक्टूबर तक शनि की वक्री यानी टेढ़ी चाल कुछ राशियों के लिए चुनौतियां बढ़ा सकती है. ऐसे में करियर, कारोबार और आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी जाती है.
मेष राशि को कार्यस्थल पर बरतनी होगी सावधानी
ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय बताते हैं कि मेष राशि के जातकों पर काम का दबाव बढ़ सकता है. वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तालमेल बनाए रखें और जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें.
कर्क और कन्या राशि वालों के लिए धैर्य जरूरी
कर्क राशि के लोगों को आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है. वहीं कन्या राशि के जातकों को नौकरी और व्यापार में देरी या विरोध का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे समय धैर्य और संयम बनाए रखना बेहतर रहेगा.
वृश्चिक और मीन राशि रखें खर्च पर नियंत्रण
वृश्चिक राशि के लोगों के अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं और निवेश से तुरंत लाभ मिलने की संभावना कम रह सकती है. वहीं मीन राशि वालों को करियर में बड़े बदलाव फिलहाल टालने और सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी जाती है.
नौकरी और कारोबार पर क्या रहेगा असर
पंडित कौशल पांडेय के अनुसार, शनि की वक्री चाल के दौरान कुछ लोगों की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं. प्रमोशन या वेतन वृद्धि में देरी भी संभव है. कारोबारियों को नए सौदों और दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करने के बाद ही निर्णय लेना चाहिए.
निवेश करते समय रखें ये बातें ध्यान
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में भावनाओं में आकर निवेश करने से बचें. लंबी अवधि की योजना बनाएं और किसी भी बड़े निवेश से पहले वित्तीय विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. हालांकि, किसी भी व्यक्ति पर शनि का वास्तविक प्रभाव उसकी जन्म कुंडली, दशा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर भी निर्भर करता है.
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