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Salman Khan ने पूजा में गलती से की उल्टी आरती, आरती करने का सही तरीका क्या है? जानें भगवान के सामने दीपक कितनी बार और किस क्रम में घुमाएं

हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के बाद आरती करने की खास परंपरा है. हालांकि, बेहद कम लोग जानते हैं कि दीपक को भगवान के सामने किसी भी तरह घुमाना सही नहीं माना जाता है. श्रीमद् एकलिंगमाहात्म्यम् में मंगल आरती करने की एक पारंपरिक विधि बताई गई है. आइए जानते हैं इसके बारे में-

Salman Khan ने पूजा में गलती से की उल्टी आरती, आरती करने का सही तरीका क्या है? जानें भगवान के सामने दीपक कितनी बार और किस क्रम में घुमाएं
Aarti ke Niyam: आरती करने का सही तरीका क्या है?
(Photo Credit: NDTV)

हिंदू धर्म में पूजा के बाद आरती करने की परंपरा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कोई भी पूजा आरती के बिना पूरी नहीं मानी जाती है. हालांकि, बेहद कम लोग जानते हैं कि आरती करने की भी एक सही विधि और सही क्रम होता है. दीपक को भगवान के सामने किसी भी तरह घुमाना सही नहीं माना जाता है.

हाल ही में बॉलीवुड एक्टर सलमान खान से भी पूजा के दौरान आरती करते समय एक ऐसी ही गलती हो गई. बीते मंगलवार को सलमान खान अपने भाई सोहेल खान के घर गणपति विसर्जन के लिए पहुंचे थे. इस दौरान परिवार के साथ उन्होंने गणपति की पूजा और आरती में हिस्सा लिया. आरती करते समय सलमान खान गलती से दीपक को उल्टी दिशा में घुमा रहे थे, जिसके बाद बहन अर्पिता खान ने तुरंत सलमान खान को आरती करने का सही तरीका बताया. इसके बाद सलमान खान ने सही दिशा में आरती की.

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आरती करने का सही तरीका क्या है?

श्रीमद् एकलिंगमाहात्म्यम् में मंगल आरती करने की एक पारंपरिक विधि बताई गई है. इसमें बताया गया है कि भगवान के किस अंग के सामने दीपक कितनी बार घुमाना चाहिए. आइए जानते हैं इसके बारे में-

सबसे पहले चरणों की आरती करें

श्रीमद् एकलिंगमाहात्म्यम् में कहा गया है, 'चतुष्टयं पादतले नीराजनम्' यानी सबसे पहले भगवान के चरणों के पास दीपक चार बार घुमाना चाहिए. भगवान के चरणों को बहुत पवित्र माना जाता है. आरती की शुरुआत चरणों से करना भगवान के प्रति श्रद्धा और समर्पण का भाव माना जाता है.

नाभि के पास दो बार घुमाएं दीपक

श्लोक में कहा गया है, 'द्वौ नाभिदेशे' यानी चरणों के बाद दीपक को भगवान की नाभि के पास दो बार घुमाना चाहिए. नाभि को जीवन के केंद्र से जोड़ा जाता है. माना जाता है कि भगवान ब्रह्मा का जन्म भगवान विष्णु की नाभि से हुआ था, ऐसे में भगवान के चरणों में नमन करने के बाद नाभि का पूजन किया जाता है.

फिर भगवान के मुख के सामने एक बार दीपक घुमाएं

'मुखमण्डले एकम्' यानी नाभि के बाद भगवान के मुख के सामने दीपक एक बार घुमाया जाता है. इस समय भगवान के सुंदर स्वरूप का ध्यान किया जाता है.

अंत में पूरे शरीर की आरती सात बार

श्रीमद् एकलिंगमाहात्म्यम् में आगे कहा गया है, 'सर्वाङ्गदेशेषु च सप्तवारम्'. इसका अर्थ है कि अंत में भगवान के पूरे स्वरूप के सामने दीपक को सात बार घुमाना चाहिए.

माना जाता है कि इस तरह कुल 14 बार आरती घुमाने से यानी चरणों पर 4 बार, नाभि पर 2 बार, मुख पर 1 बार और पूरे स्वरूप पर 7 बार आरती घुमाने से चौदह भुवनों तक आपकी भक्ति पहुंचती है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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