Nag Panchami: हर साल सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाई जाती है. इस साल नाग पंचमी 17 अगस्त को मनाई जाएगी. हिंदू धर्म में नाग पंचमी का विशेष महत्व माना गया है. मान्यता है कि इस दिन नाग देवता की पूजा करने से परिवार को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है और कालसर्प दोष सहित कई बाधाओं से राहत मिल सकती है. इस बार की नाग पंचमी बेहद खास मानी जा रही है, क्योंकि इसी दिन सावन का तीसरा सोमवार भी है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव के आभूषण नाग देवता की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन की समस्याएं खत्म होती हैं. चलिए आपको बताते हैं नाग पंचमी की पूजा कैसे करें, नाग पंचमी की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त.
नाग पंचमी का शुभ मुहूर्त
17 अगस्त 2026 को प्रातः 5:51 बजे से सुबह 8:29 बजे तक
नाग पंचमी पूजा विधि
- स्नान व संकल्प- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें. साफ वस्त्र पहनकर पूजा का संकल्प लें.
- स्थापना- घर के मंदिर में नाग देवता के चित्र या मिट्टी से बने नाग को स्थापित करें.
- अभिषेक व अर्पण- नाग देवता को जल और कच्चा दूध अर्पित करें.
- शोडशोपचार पूजा- चंदन, कुमकुम व अक्षत का तिलक लगाएं. सुगंधित फूल और इत्र चढ़ाएं.
- धूप-दीप- धूप और दीपक जलाकर आरती करें.
- भोग व मंत्र- मीठे दूध और गुड़-लावा का भोग लगाएं.
- मंत्र- 'ॐ नाग देवताय नमः' या 'सर्वे नागाः प्रीयन्तां मे...' मंत्र का जाप करें.
नाग पंचमी की धार्मिक मान्यता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन नाग देवता की पूजा करने से भय, बाधाएं और नकारात्मकता दूर होती है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पूजा में भक्ति, श्रद्धा और सकारात्मक भाव होना चाहिए. सच्चे मन से की गई आराधना ही सबसे बड़ा पूजन मानी जाती है.
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