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आज रखा जाएगा मासिक शिवरात्रि का व्रत, यहां पढ़ें शिव पूजा की विधि और जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

आज मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जा रहा है. ऐसे में आइए जानते हैं आज शिव पूजा के लिए सबसे शुभ मुहूर्त क्या रहेगा, साथ ही जानेंगे शिव पूजा की विधि-

आज रखा जाएगा मासिक शिवरात्रि का व्रत, यहां पढ़ें शिव पूजा की विधि और जानें पूजा का शुभ मुहूर्त
मासिक शिवरात्रि व्रत के नियम
(Photo Credit: NDTV)

हिंदू धर्म में मासिक शिवरात्रि के व्रत का खास महत्व माना जाता है. यह दिन भगवान शिव को समर्पित होता है. हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को यह पावन व्रत रखा जाता है. आज यानी 9 सितंबर, बुधवार को भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है. ऐसा में आज मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा. आइए जानते हैं आज के दिन भगवान शिव की पूजा कैसे करें, साथ ही जानेंगे आज पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहेगा- 

कब शुरू होगी चतुर्दशी तिथि?

पंचांग के अनुसार, त्रयोदशी तिथि 9 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 31 बजे तक रहेगी. इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू होगी. मासिक शिवरात्रि का व्रत 9 सितंबर को ही रखा जाएगा.

पूजा के लिए कौन सा समय शुभ?

आज सुबह 11 बजकर 53 मिनट से दोपहर 12 बजकर 43 मिनट तक अभिजित मुहूर्त हेगा. यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है. ऐसे में शिव भक्त इस समय दोपहर की पूजा-अर्चना कर सकते हैं. वहीं, अमृत काल दोपहर 1 बजकर 42 मिनट से 3 बजकर 12 मिनट तक रहेगा. 

हालांकि, मासिक शिवरात्रि की पूजा निशिता काल में करना सबसे शुभ माना जाता है. 9 सितंबर को निशिता काल देर रात 11 बजकर 55 मिनट से 12 बजकर 41 तक रहेगा. 

आज के दिन कैसे करें भगवान शिव की पूजा?
  • मासिक शिवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें. 
  • इसके बाद भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें. 
  • घर के मंदिर में या किसी शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर जल और गंगाजल चढ़ाएं.
  • इसके बाद शिवलिंग पर दूध, दही, शहद चढ़ाएं. 
  • भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा और सफेद फूल भी अर्पित करें. 
  • पूजा के दौरान शिव मंत्रों का जाप करना और शिव चालीसा का पाठ करना शुभ माना जाता है. 
  • भगवान को शक्कर और घी से तैयार मिठाई का भोग लगाएं. 
  • पूजा के आखिर में घी का दीपक जलाकर शिवजी की आरती करें.
  • रात के समय निशिता काल में एक बार फिर भोलेनाथ की पूजा करें.
मासिक शिवरात्रि व्रत के नियम

मासिक शिवरात्रि के दिन कुछ भक्त निर्जला उपवास रखते हैं,  जबकि कई लोग फलाहार करते हैं. आप अपनी श्रद्धा और क्षमता के अनुसार दोनों में से कोई भी तरीका अपान सकते हैं. उपवास रखने के दौरान गुस्सा करने, झूठ बोलने और किसी से विवाद करने से बचना चाहिए. अगले दिन पूजा करने के बाद व्रत का पारण किया जाता है. 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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