हिंदू धर्म में मां दुर्गा को शक्ति और साहस की देवी माना गया है. मान्यताओं के अनुसार, सच्चे मन से देवी की पूजा-अर्चना करने से भक्तों के दुख-दर्द दूर होने लगते हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग खुलता है. देवी पूजा के लिए खासकर मासिक दुर्गाष्टमी का दिन विशेष महत्व रखता है. हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाती है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से व्रत और पूजा करने से मां दुर्गा की कृपा मिलती है और मां दुर्गा अपने भक्तों के सभी दुखों को हर लेती हैं.
पंचांग के अनुसार, इस बार अष्टमी तिथि 19 अगस्त 2026 को शाम 7 बजकर 19 मिनट से शुरू हुई और 20 अगस्त को रात 9 बजकर 18 मिनट तक रहेगी. उदयातिथि को ध्यान में रखते हुए आज यानी 20 अगस्त को मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जा रहा है. ऐसे में आइए जानते हैं आज के दिन मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कैसे करें, साथ ही जानेंगे पूजा के लिए सबसे शुभ मुहूर्त क्या रहने वाला है.
मासिक दुर्गाष्टमी पूजा विधि
- व्रत रखने वाले भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें.
- इसके बाद पूजा स्थान की सफाई करके एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं.
- चौकी पर मां दुर्गा की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें और व्रत का संकल्प लें.
- पूजा में माता को रोली, अक्षत, सिंदूर, लाल चुनरी और सोलह श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें.
- मां को लाल कनेर या गुड़हल के फूल अर्पित करना भी बेहद शुभ माना जाता है.
- इसके बाद घी का दीपक जलाकर मां को फल, मेवे, हलवा या खीर का भोग लगाएं.
- मां दुर्गा के मंत्रों का सच्चे मन से जाप करें.
- दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें.
- अंत मे मां की आरती कर पूजा को संपन्न करें और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें.
बीज मंत्र
ॐ दुं दुर्गायै नमः
ध्यान मंत्र
ॐ जटा जूट समायुक्तमर्धेंन्दु कृत लक्षणाम
लोचनत्रय संयुक्तां पद्मेन्दुसद्यशाननाम।।
आज पूजा के लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 37 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. वहीं, गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 55 मिनट से 7 बजकर 17 मिनट तक रहेगा.
मासिक दुर्गाष्टमी के उपाय- दुर्गाष्टमी के दिन लाल रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है.
- सुहागिन महिलाओं को 16 श्रृंगार की चीजें दान करना शुभ माना जाता है.
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करना और अपनी क्षमता के अनुसार दान करना भी शुभ माना जाता है.
- शाम के समय गोधूलि मुहूर्त में दीपक जलाकर मां दुर्गा की आरती जरूर करें. मान्यता है कि सच्चे मन से की गई देवी की उपासना से भक्तों को शक्ति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है.
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