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मां लक्ष्मी की आरती और मंत्र

अगर शुक्रवार के दिन आप मां लक्ष्मी की पूजा कर रहे हैं, तो पूजा के बाद श्रद्धा के साथ मां लक्ष्मी की आरती जरूर करें. यहां पढ़ें मां लक्ष्मी की आरती-

मां लक्ष्मी की आरती और मंत्र
मां लक्ष्मी
(Photo Credit: NDTV)

शुक्रवार का दिन धन, सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य की देवी मां लक्ष्मी की पूजा के लिए बेहद शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि जो भक्त इस दिन सच्चे मन, श्रद्धा और भक्ति के साथ मां लक्ष्मी की आराधना करते हैं, उनके जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है और आर्थिक परेशानियां धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं. यही वजह है कि हर शुक्रवार बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखते हैं और विधि-विधान से मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं.

पूजा के दौरान भक्त मां लक्ष्मी को कमल का फूल, धूप, दीप, अक्षत, फल और मिठाई अर्पित करते हैं. साथ ही परिवार की खुशहाली, धन-धान्य और सुख-शांति की कामना करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा तभी पूर्ण मानी जाती है जब अंत में आरती की जाए. आरती करने से पूजा का पूरा फल प्राप्त होता है. ऐसे में अगर आप भी शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की पूजा कर रहे हैं, तो पूजा के बाद श्रद्धा और भक्ति के साथ मां लक्ष्मी की आरती जरूर करें. इसके साथ ही मां के पवित्र मंत्रों का जाप भी करें. यहां पढ़ें मां लक्ष्मी की आरती और उनके प्रभावशाली मंत्र.

मां लक्ष्मी की आरती 

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥

ॐ जय लक्ष्मी माता॥

उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥

ॐ जय लक्ष्मी माता॥

दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता।

जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥

ॐ जय लक्ष्मी माता॥

तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता।
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥

ॐ जय लक्ष्मी माता॥

जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता।
सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥

ॐ जय लक्ष्मी माता॥

तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।
खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥

ॐ जय लक्ष्मी माता॥

शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥

ॐ जय लक्ष्मी माता॥

महालक्ष्मी जी की आरती, जो कोई जन गाता।
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥

ॐ जय लक्ष्मी माता॥

मां लक्ष्मी के मंत्र
  • ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभयो नमः
  • ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः
  • ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात्

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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