चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए हेलीकॉप्टर सेवा 15 सितंबर से फिर शुरू होने जा रही है. इस सेवा को दोबारा शुरू करने के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) ने तैयारियां तेज कर दी हैं. वहीं, हेलीकॉप्टर टिकटों की बुकिंग के लिए पहला स्लॉट 7 सितंबर को खोला जाएगा, ताकि श्रद्धालु पहले से अपनी यात्रा की योजना बना सकें. यूसीएडीए के सीईओ प्रतीक जैन ने कहा कि यह फैसला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद लिया गया है.
सुरक्षा पर दिया जाएगा जोर
उन्होंने बताया कि मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के आधार पर 15 सितंबर तक मानसून के कमजोर पड़ने और पीछे हटने की संभावना है. ऐसे में मौसम की स्थिति हेलीकॉप्टर संचालन के लिए सुरक्षित रहने की उम्मीद है. आगे उन्होंने कहा कि हेलीकॉप्टर सेवाओं को सुरक्षित तरीके से संचालित करने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय, AAI और DGCA के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा हैै. उन्होंने कहा कि सभी हेलीकॉप्टर कंपनियों को तय मेंटेनेंस स्टैंडर्ड का पालन करना होगा और हर हेलीकॉप्टर में आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध होने सुनिश्चित किए जाएंगे.

Photo Credit: https://www.heliyatra.irctc.co.in/
आधिकारिक पोर्टल से करें बुक
सभी श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि हेलिकॉप्टर सर्विस को बुक करने के लिए आधिकारिक पोर्टल heliyatra.irctc.co.in का ही इस्तेमाल करें. साथ ही किसी भी अनऑथराइज्ड पोर्टल से टिकट बुक न करें. ऐसे में स्कैम होने का खतरा बना रह सकता है.
यात्रा के लिए व्यवस्था
Rudraprayag, Uttarakhand: DM Vishal Mishra says, "The number of pilgrims for the Shri Kedarnath Dham pilgrimage is expected to increase because, as seen in previous years, the headcount of pilgrims rises once the rainy season ends. In line with this, I held a meeting today with… pic.twitter.com/NBopBN35Xv
— IANS (@ians_india) September 1, 2026
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने समाचार एजेंसी IANS को बताया 'श्री केदारनाथ धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि पिछले सालों की तरह बारिश का मौसम खत्म होने के बाद यात्रियों की संख्या में इजाफा होता है. इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की. उन्हें निर्देश दिए हैं कि अधिकारियों के ठहरने की व्यवस्थाा, सार्वजनिक शौचालय, पेयजल सुविधाएं और घोड़े-खच्चरों के प्रबंधन सहित सभी व्यवस्थाओं की दोबारा जांच की जाए. साथ ही जहां कहीं भी छोटी या बड़ी मरम्मत की जरूरत हो, उसे समय रहते पूरा किया जाए.'
यह भी पढ़ें: Janmashtami Pooja 2026: कान्हा का जन्म कैसे करें? जानें जन्माष्टमी पर खीरे से नाल छेदन की ये पूरी विधि
यह भी पढ़ें: घर पर जन्माष्टमी की पूजा कैसे करें? श्री कृष्ण के इन 7 मंत्रों का करें जाप, पूरी हो सकती है हर इच्छा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं