Guru Purnima 2026 Diye ke upay: हिंदू धर्म में आषाढ़ मास के शुक्लपक्ष की पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा या फिर गुरु पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है. यह महापर्व उस गुरु को समर्पित होता है जो अपने शिष्य को अंधकार से निकालकर प्रकाश की ओर ले जाता है. गुरु पूर्णिमा का पर्व न सिर्फ धार्मिक बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत ज्यादा मायने रखता है. हिंदू मान्यता के अनुसार गुरू पूर्णिमा के पर्व पर यदि पूजा से जुड़े कुछेक उपायों को श्रद्धा और विश्वास के साथ किया जाए तो न सिर्फ सिद्ध संतों का आशीर्वाद बल्कि सुख-सौभाग्य की भी प्राप्ति भी होती है. आइए गुरू पूर्णिमा पर किए जाने वाले दीये से जुड़े महाउपाय के बारे में विस्तार से जानते हैं.

1. पूजा स्थान पर जलाएं दीया
हिंदू मान्यता के अनुसार गुरु पूर्णिमा पर सबसे पहले अपने घर के ईशान कोण में स्थित पूजा स्थान पर दीया जलाएं और अपने गुरु और देवी-देवताओं से सुख-सौभाग्य की कामना करें.
2. गुरु स्थान पर जलाएं दीया
हिंदू मान्यता के अनुसार गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर व्यक्ति को अपने गुरु स्थान पर या फिर अपने घर में अपने गुरु के चित्र के सामने शुद्ध देशी घी का दीया जरूर जलाना चाहिए. मान्यता है कि गुरु पूर्णिमा पर किए जाने वाले दीये के उपाय से पूरे साल गुरु कृपा बनी रहती है.
3. तुलसी पूजा में जलाएं दीया

सनातन परंपरा में तुलसी को माता लक्ष्मी का स्वरूप और भगवान विष्णु की प्रिया माना गया है. ऐसे में गुरु पूर्णिमा का पुण्यफल पाने के लिए साधक को इस पावन पर्व पर विशेष रूप तुलसी माता की पूजा करते हुए शुद्ध देशी घी का दीया जलाना चाहिए और उसकी परिक्रमा करनी चाहिए.
4. पीपल के पेड़ के नीचे जलाएं दीया
सनातन परंपरा में तुलसी के पौधे का संबंध धन की देवी मां लक्ष्मी से माना गया है, वहीं पीपल के पेड़ में श्री हरि का वास माना गया है. ऐसे में साधक को गुरु पूर्णिमा वाले दिन पीपल के पेड़ में जल अर्पित करने के बाद शुद्ध देशी घी का दीया जलाना चाहिए. मान्यता है कि इस उपाय से साधक को श्री हरि संग माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
5. जलतीर्थ पर करें दीपदान

हिंदू मान्यता के अनुसार गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर न सिर्फ जल तीर्थ पर स्नान करने का महत्व माना गया है बल्कि स्नान के बाद दान और दीपदान का भी बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. ऐसे में साधक को गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर गंगा, यमुना, गोदावरी आदि नदियों में स्नान करने के बाद उसके पास विशेष रूप से दीपदान करना चाहिए.
6. किचन में जलाएं दीया
हिंदू मान्यता के अनुसार घर के रसोईघर में मां लक्ष्मी का ही स्वरूप मानी जाने वाली मां अन्नपूर्णा का वास होता है. ऐसे में धन-धान्य की कामना को पूरा करने के लिए साधक को गुरु पूर्णिमा वाले दिन अपने किचन में सुरक्षित स्थान पर दीया जलाना चाहिए.
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7. मुख्य द्वार पर जलाएं दीया

सनातन परंपरा में घर के मुख्य द्वार का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है क्योंकि इसी द्वार से आपके घर में सुख-सौभाग्य का प्रवेश होता है. ऐसे में व्यक्ति को गुरु पूर्णिमा वाले दिन अपने मुख्य द्वार को आम्रपल्लव, रंगोली आदि मंगल प्रतीकों से सजाते हुए शुद्ध देशी घी का दीया जलाना चाहिए. मान्यता है कि आषाढ़ी पूर्णिमा पर दीये के इस उपाय को करने वाले व्यक्ति के यहां हमेशा धन-धान्य भरा रहता है.
8. देवालय पर जलाएं दीया
हिंदू मान्यता के अनुसार गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के मंदिर में जाकर शुद्ध देशी घी का दीया जलाने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है. मान्यता है कि दीये के इस उपाय से जीवन के सभी दुख दूर और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है.
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