Viral Video: शीशे की चकाचौंध से चमकती गगनचुंबी इमारतें, रात की जगमगाती रोशनी और एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी का भारी-भरकम टैग. यही तो होता है आज के हर युवा का 'ड्रीम जॉब'? लेकिन क्या इस चमचमाती कांच की दीवार के पीछे का कड़वा सच आपने कभी करीब से देखा है?
साइबर सिटी गुरुग्राम से एक ऐसा ही वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिसने कॉरपोरेट दुनिया की उस जहरीली यानी टॉक्सिक संस्कृति की पोल खोलकर रख दी है, जिस पर अक्सर पर्दा डाल दिया जाता है.
रात के अंधेरे में चमचमाती गगनचुंबी इमारतों के सामने खड़े एक पूर्व कॉरपोरेट कर्मचारी का दर्द छलका है. उसने जो कहा, वो आज हर दूसरे नौकरीपेशा इंसान की दिल की आवाज है.
'बाहर से जितनी सुंदर, अंदर से उतनी टॉक्सिक'
उस लड़के ने अपने पीछे खड़ी बड़ी-बड़ी कॉरपोरेट इमारतों की तरफ इशारा करते हुए एक सीधा सवाल दागा. उसने कहा, "ये देख लो तुम्हारी ड्रीम कंपनी की बिल्डिंग, जितनी खूबसूरत दिखती है ना, अंदर का माहौल उतना ही टॉक्सिक है."
जरा सोचिए, हम और आप यही सोचते हुए बड़े होते हैं कि किसी बड़ी नामी कंपनी में नौकरी मिल जाए, तो समझो जिंदगी संवर गई. एक शानदार ऑफिस, बड़ा पैकेज और समाज में रुतबा. यही तो सफलता का पैमाना माना जाता है. लेकिन जब इंसान इस मायाजाल के अंदर कदम रखता है, तो हकीकत का ऐसा थप्पड़ पड़ता है कि सारे सपने चूर-चूर हो जाते हैं.
'इतना टॉक्सिक कल्चर कि इंसान की जान ले ले'
इस लड़के ने अपना खुद का अनुभव शेयर करते हुए कहा कि कुछ महीनों पहले तक वो भी इसी 'चूहा-दौड़' का हिस्सा था. रात के 9-10 बजे तक ऑफिस की कुर्सियों पर घिसना, काम से ज्यादा ऑफिस की गंदी राजनीति का शिकार होना और एक ऐसा घुटन भरा माहौल झेलना, जो इंसान को अंदर से तोड़कर रख दे. उसने साफ कहा कि अगर आपको ऑफिस की राजनीति करना नहीं आता, तो आप सिर्फ मेहनत के दम पर आगे नहीं बढ़ सकते. वहां हुनर से ज्यादा चापलूसी की कद्र होती है.
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जब बदली सोच और छोड़ा कॉरपोरेट का पिंजरा
लेकिन इस कहानी का सबसे खूबसूरत मोड़ तब आता है, जब इस लड़के ने इस जहरीले चक्रव्यूह से बाहर निकलने की ठानी. उसने कॉरपोरेट की गुलामी पर रोने के बजाय अपनी काबिलियत पर दांव लगाया. धीरे-धीरे उसने खुद से क्लाइंट्स ढूंढना शुरू किया. जब दो-चार क्लाइंट्स मिल गए और अपनी मेहनत का पैसा आने लगा, तो उसे समझ आ गया कि अपनी दाल-रोटी कमाने के लिए किसी बड़ी कंपनी का ठप्पा होना जरूरी नहीं है. उसने नौकरी छोड़ी और अपनी शर्तों पर जीना शुरू कर दिया.
'असली जादू तो तेरे अंदर है'
वीडियो के आखिर में इस युवा ने जो बात कही, वो हर उस इंसान के लिए एक बड़ा सबक है जो किसी कंपनी के टैग तले घुटन महसूस कर रहा है. उसने कहा- "दुनिया, मेरे भाई, असली जादू तेरे अंदर है." यानी आपकी असली पहचान और ताकत किसी बड़ी कंपनी का नाम या चमचमाता ऑफिस नहीं है, बल्कि वो हुनर है जो आपके भीतर छिपा है.
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