Sawan 2026 Rules: सनातन परंपरा में प्रत्येक मास किसी न किसी देवी या देवता की साधना-आराधना के लिए समर्पित है. हिंदू मान्यता के अनुसार श्रावण का महीना देवों के देव महादेव की पूजा, जप, तप और व्रत आदि के लिए सबसे उत्तम माना गया है. यही कारण है कि भोले के भक्त इस पावन मास का पूरे साल इंतजार करते हैं. हिंदू मान्यता के अनुसार यदि इस मास में कोई साधक कुछ विशेष नियमों का पालन करते हुए पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ शिव साधना करता है तो उस पर कल्याण के देवता कहे जाने वाले भगवान शंकर की शीघ्र ही कृपा बरसती है. आइए जानते हैं सावन महीने से जुड़े सभी जरूरी नियमों के बारे में विस्तार से जानते हैं.
श्रावण मास के नियम
1. हिंदू मान्यता के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है. ऐसे में इस पावन मास का पुण्यफल पाने के लिए व्यक्ति को प्रतिदिन शिवलिंग का जलाभिषेक करना चाहिए.

2. भगवान शिव को हमेशा तांबे के लोटे से जल अर्पित करें. शिव को समर्पित श्रावण मास में देवों के देव महादेव की पूजा करते समय कभी भूलकर भी हल्दी का प्रयोग न करें.
3. सावन के महीने में भगवान शिव की साधना-आराधना करने वाले साधक को पूरी तरह से ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए और अपने मन में भूलकर भी काम भावना नहीं लाना चाहिए.
4. सावन के महीने में सिर्फ भगवान शिव ही नहीं बल्कि पूरे शिव परिवार यानि भगवान श्री गणेश, भगवान कार्तिकेय, माता पार्वती और शिव के प्रिय गण नंदी की पूजा भी करनी चाहिए.
5. हिंदू मान्यता के अनुसार श्रावण मास में अलग-अलग कामना के लिए अलग-अलग शिवलिंग की पूजा विधान है तो वहीं शिवलिंग का जलाभिषेक भी अलग-अलग द्रव्यों से किया जाता है.

6. हिंदू मान्यता के अनुसार किसी भी देवी या देवता को शीघ्र ही प्रसन्न करने के लिए व्रत और उपवास को उत्तम उपाय होता है. ऐसे में सावन के महीने में शिव कृपा को पाने के लिए विशेष रूप से सावन सोमवार का व्रत रखना चाहिए.
7. हिंदू मान्यता के अनुसार सावन के महीने में भगवान शिव का व्रत रखने वाले कुछ साधक दिन में एक बार भोजन करते हैं तो वहीं कुछ लोग फलाहार के माध्यम से ही इस व्रत को पूरा करते हैं.
8. हिंदू मान्यता के अनुसार सावन के महीने में कुछेक चीजों को भूलकर नहीं खाना चाहिए. शास्त्रों के अनुसार श्रावण मास में हरे पत्तेदार सब्जी, बैंगन, दूध, मांस-मदिरा आदि का सेवन करने से बचना चाहिए.
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9. हिंदू मान्यता के अनुसार श्रावण मास में शिव साधना करने वाले साधक को अपनी दाढ़ी और बाल नहीं कटवाना चाहिए. मान्यता है कि श्रावण मास में बाल को कटवाने से व्रत और तप खंडित होता है.
10. हिंदू मान्यता के अनुसार सावन के महीने में जहां हरे रंग को प्रकृति, खुशहाली और सुख-सौभाग्य का प्रतीक मानते हुए बेहद शुभ माना गया है, वहीं इस महीने में काले रंग से बचने की सलाह दी जाती है. काले रंग के कपड़े को पहनना बड़ा दोष माना जाता है.
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