Rashi Ke Anusar Gupt Navratri ki puja: सनातन परंपरा में शक्ति की साधना के लिए साल भर में चार बार पड़ने वाली नवरात्रि को अत्यंत ही शुभ और शीघ्र फलदायी माना गया है. हिंदू मान्यता के अनुसार इन चार नवरात्रि में से दो नवरात्रि चैत्र और आश्विन मास में पड़ती है, जिसमें देवी दुर्गा की प्रत्यक्ष रूप से साधना-आराधना बड़ी धूम-धाम से की जाती है तो वहीं माघ और आषाढ़ मास में पड़ने वाली नवरात्रि में देवी दुर्गा की गुप्त रूप से पूजा और आराधना करने का विधान है.
पंचांग के अनुसार इस साल आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि का महापर्व 15 जुलाई 2026 से प्रारंभ होकर 23 जुलाई तक मनाया जाएगा. हिंदू मान्यता के अनुसार यदि कोई साधक इन पावन 9 दिनों में अपनी राशि के अनुसार देवी की साधना करता है तो उसकी मनोकामना शीघ्र ही पूरी होती है. आइए जानते हैं कि गुप्त नवरात्रि में किस राशि के व्यक्ति को देवी पूजा का क्या उपाय करना चाहिए.

मेष
मेष राशि के जातकों को गुप्त नवरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा में विशेष रूप से लाल रंग का पुष्प जैसे गुड़हल या गुलाब, लाल रंग के वस्त्र, रोली, लाल चंदन, आदि आर्पित करते हुए लाल रंग का फल और मिष्ठान का भोग लगाना चाहिए. मेष राशि के जातकों को गुप्त नवरात्रि के दौरान किसी कन्या का पूजन करते समय लाल रंग की चुनरी जरूर अर्पित करना चाहिए.
वृषभ
वृषभ राशि के जातकों को गुप्त नवरात्रि की पूजा में विशेष रूप से सफेद रंग के पुष्प अथवा सफेद फूलों वाली माला देवी को अर्पित करना चाहिए. हिंदू मान्यता के अनुसार देवी पूजा में वृषभ राशि के जातकों को सफेद चंदन का तिलक अर्पित करते हुए सफेद रंग की मिठाई अथवा बताशे का भोग लगाना चाहिए.
मिथुन
मिथुन राशि के जातकों को गुप्त नवरात्रि में देवी दुर्गा को विशेष रूप से हरे रंग की चुनरी और हरी चूड़ियां अर्पित करना चाहिए. देवी की साधना करते समय मिथुन राशि के जातकों को ॐ दुं दुर्गायै नम: मंत्र का अधिक से अधिक जप करना चाहिए.
कर्क
कर्क राशि के जातकों को गुप्त नवरात्रि की पूजा में माता को विशेष रूप से चमेली का पुष्प अर्पित करना चाहिए. हालांकि आप शक्ति की साधना में गुड़हल और गेंदा का फूल अर्पित करके खीर का भोग लगाना चाहिए. साथ ही साथ 'ॐ ललिता देव्यै नम:' मंत्र का अधिक से अधिक जप करना चाहिए.

सिंह
सिंह राशि के जातकों को गुप्त नवरात्रि की साधना गुप्त रूप से करते हुए पूजा में विशेष रूप से कमल या कनेर का पुष्प अर्पित करना चाहिए. माता से मनचाहा फल पाने के लिए साधना के दौरान मां दुर्गा के नवार्ण मंत्र 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' का अधिक से अधिक जप करें.
कन्या
कन्या राशि के जातकों को देवी की पूजा में विशेष रूप से हरे रंग की चुनरी, पान और हरी चूड़ियां अर्पित करना चाहिए. कन्या राशि के जातकों को माता को शीघ्र ही प्रसन्न करने के लिए प्रतिदिन पूजा में दुर्गा चालीसा का पाठ और 'ॐ शूल धारिणी देव्यै नम:' का मंत्र जपना चाहिए.
तुला
गुप्त नवरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा करते समय तुला राशि के जातकों को सफेद रंग के पुष्प, जैसे कमल, जूही और हरसिंगार आदि अर्पित करना चाहिए. साथ ही साथ किसी कन्या का पूजन करने के बाद उसे सफेद रंग की मिठाई खिलाकर आशीर्वाद लेना चाहिए. तुला राशि वालों को देवी की पूजा में 'ॐ ह्रीं महालक्ष्म्यै नम:' मंत्र का अधिक से अधिक जप करना चाहिए.
वृश्चिक
वृश्चिक राशि के जातकों को देवी दुर्गा की गुप्त साधना करते हुए पूजा में विशेष रूप से गुड़हल, गुलाब जैसे लाल रंग के पुष्प अर्पित करना चाहिए. साथ ही साथ माता (Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)को लाल रंग की चुनरी, लाल फल और लाल रंग की मिठाई का भोग लगाना चाहिए. शक्ति की साधना के दौरान वृश्चिक राशि के साधकों को 'ॐ शक्तिरूपायै नम:' मंत्र का जप कमलगट्टे की माला से जपना चाहिए.

धनु
धनु राशि के जातकों को गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की विशेष साधना करते समय गेंदा, कमल, आदि का पुष्प तथा पीले रंग की चुनरी अर्पित करना चाहिए. देवी दुर्गा की पूजा में प्रतिदिन मां दुर्गा के नवार्ण मंत्र 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' का मंत्र अधिक से अधिक जपना चाहिए.
मकर
मकर राशि के जातकों को गुप्त नवरात्रि की साधना करते समय अपराजिता का पुष्प चढ़ाकर प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए. यदि अपराजिता का पुष्प न मिले तो आप उसकी जगह गुड़हल या गुलाब का पुष्प अर्पित करके देवी की पूजा करें.
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कुंभ
कुंभ राशि के जातकों को भी गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा करते समय अपराजिता का पुष्प चढ़ाकर गुप्त रूप से साधना करनी चाहिए. साथ ही साथ ‘ॐ ब्राह्मयै नमः' मंत्र का अधिक से अधिक जप करना चाहिए.
मीन
मीन राशि के जातकों को गुप्त नवरात्रि की पूजा में कमल, कनेर और गेंदे का पुष्प अर्पित् करना चाहिए. अपनी मनोकामना को शीघ्र पूरा करने के लिए गुप्त नवरात्रि के 9 दिनों तक 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं दुर्गा देव्यै नम:' मंत्र का अधिक से अधिक जप करना चाहिए.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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