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INS महेंद्रगिरी.. दुश्मनों का काल, भारतीय नौसेना की समंदर में बढ़ने वाली है ताकत

INS Mahendragiri: समंदर में भारत की ताकत अब और मजबूत होने जा रही है. 11 जुलाई को भारतीय नौसेना के बेड़े में छठा अत्याधुनिक और स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट 'आईएनएस महेंद्रगिरि' शामिल हो जाएगा.

INS महेंद्रगिरी.. दुश्मनों का काल, भारतीय नौसेना की समंदर में बढ़ने वाली है ताकत
11 जुलाई को नौसेना में शामिल होगा INS महेंद्रगिरि
  • INS महेंद्रगिरि 11 जुलाई को भारतीय नौसेना के बेडे़ में शामिल होगा. यह समुद्र में भारत की ताकत बढ़ाएगा.
  • INS महेंद्रगिरि हवा, सतह और पानी में दुशमन के छक्के छुड़ा देगा.
  • आईएनएस महेंद्रगिरि 149 मीटर लंबा है, जबकि इसका वजन 6670 टन है.

भारतीय नौसेना के लिए 11 जुलाई का दिन अहम रहेगा. इस दिन एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है. भारत के प्रोजेक्ट 17A के तहत छठे स्वदेशी स्टेल्थ फ्रिगेट आईएनएस महेंद्रगिरी को भारतीय वायुसेना के बेडे़ में शामिल कर दिया जाएगा. आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में यह आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि होंगे जो आईएनएस महेंद्रगिरी को नौसेना के बेडे़ में शामिल करेंगे. जो समुद्र में भारत की सुरक्षा में एक अहम कदम साबित होगा. क्योंकि यह युद्धपोत न केवल भारतीय नौसेना की ताकत को बढा़एगा बल्कि समुद्र में एक बड़ा सुरक्षा कवच भी बनेगा. 

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आईएनएस महेंद्रगिरि की ताकत

पूर्वी घाट की राजसी पर्वत श्रृंखला महेंद्रगिरी पर इस युद्धपोत का नाम रखा गया है, जो 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान का एक चमकता हुआ उदाहरण है. इसे भारतीय नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो ने डिजाइन किया है और मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने इसे तैयार किया गया है. आईएनएस महेंद्रगिरि की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्टील्थ डिजाइन है. इसकी जहाज की बाहरी बनावट और खास धातु के उपयोग के कारण इसका रडार सिग्नेच बेहद अहम है. जिसके तहत समंदर में आगे बढ़ते समय दुश्मन के रडार इसे आसानी से पकड़ नहीं पाएंगे. यह क्षमता युद्ध की स्थिति में भारतीय नौसेना को समुद्र में बढ़त दिलाने में मदद करेगी.

बराक-8 और ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस 

आईएनएस महेंद्रगिरि 149 मीटर लंबा है और इसका वजन 6,670 है. यह युद्धपोत हवा सतह और पानी के भीतर एक साथ तीनतरफा हमला करने में सक्षम है. जो बराक-8 और ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस है. बराक-8 लॉन्ग रेंज मिसाइल सिस्टम है, यह दुश्मन के विमानों और मिसाइलों को हवा में ही ध्वस्त करता है. ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जो बी दूरी तक अचूक निशाना लगाने के मामले में दुनिया की सबसे घातक मिसाइल मानी जाती है. रॉकेट लॉन्चर्स और टॉरपीडो को समंदर के नीचे छिपी दुश्मन की पनडुब्बियों का शिकार करने के लिए तैनात किया गया है. 

आईएनएस महेंद्रगिरि की खासियत 

आईएनएस महेंद्रगिरि युद्धपोत के निर्माण में 75 प्रतिशत से ज्यादा सामग्री स्वदेशी है. जिसे मेक इन इंडिया के तहत बनाया गया है. इसके निर्माण में 200 से  ज्यादा  सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों ने योगदान दिया है. ताकि घरेलू रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा मिल सके. यह युद्धपोत 11 जुलाई को विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना में औपचारिक रूप से शामिल हो जाएगा. 

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