February 2026 Mein Chandra Darshan Kab Hai: सनातन परंपरा में चंदा, चांद या फिर कहें चंद्रमा की पूजा का बहुत ज्यादा धार्मिक महत्व माना गया है. हिंदू मान्यता के अनुसार चंद्रमा की साधना-आराधना करने से व्यक्ति का मन शीतल बना रहता है और उसे सुख-समृद्धि प्राप्त होती है. जिस चंद्रमा को ज्योतिष में मन और माता का कारक माना गया है, उसकी किसी भी मास की अमावस्या से ठीक दूसरे दिन दर्शन और पूजन करना अत्यंत ही शुभ और पुण्यदायक माना गया है. हिंदू मान्यता के अनुसार चंद्र दर्शन करने पर व्यक्ति के जीवन की नकारात्मकता दूर होती है और उसे अच्छी सेहत के साथ मन की शांति और सुख प्राप्त होता है. आइए फरवरी महीने में होने वाले चंद्र दर्शन की सही तारीख और चंद्रोदय का शुभ मुहूर्त जानते हैं.
कब होगा चंद्र दर्शन?

पंचांग के अनुसार जिस चंद्र दर्शन से व्यक्ति को सुख-सौभाग्य प्राप्त होता है, वह 18 फरवरी 2026, बुधवार को होगा. इस दिन चंद्र देवता के दर्शन सायंकाल 06:03 से 06:52 बजे के बीच करना अत्यंत ही शुभ साबित होगा.
चंद्रमा का व्रत

सनातन परंपरा में न सिर्फ चंद्र देवता के दर्शन और पूजन करने का बल्कि उनके लिए व्रत रखने का भी धार्मिक महत्व माना गया है. यदि आप चंद्र देवता की कृपा पाना चाहते हैं तो चंद्र दर्शन वाले दिन प्रात:काल से व्रत रखें और पूरे दिन फलहार करते हुए रात को चंद्रोदय के समय पूजा करने के बाद ही अपना व्रत खोलें.
चंद्र दर्शन का उपाय

यदि आप चंद्र दर्शन का शुभ फल प्राप्त करना चाहते हैं तो चंद्र दर्शन वाले दिन चंद्रोदय से पहले तन और मन से पवित्र हो जाएं और सफेद या क्रीम कलर के कपड़े पहनकर चंद्र देवता को दूध, चावल, सफेद पुष्प मिश्रित जल का अर्घ्य देना चाहिए. चंद्र देवता को अर्घ्य देते समय व्यक्ति को चंद्र देवता के मंत्र 'ॐ सों सोमाय नम:' का जप करना चाहिए. चंद्र दर्शन वाले दिन चंद्र देवता को खीर या फिर सफेद मिठाई का भोग लगाना चाहिए.
चंद्र दर्शन के लाभ

हिंदू मान्यता के अनुसार चंद्र दर्शन से व्यक्ति का मन प्रसन्न और शरीर स्वस्थ रहता है. चंद्रमा के शुभ प्रभाव से व्यक्ति को सुख-सौभाग्य, धन और वैभव बढ़ता है. चंद्र दर्शन से व्यक्ति के जीवन के निगेटिविटी दूर होती है और उसके भीतर सकारात्मकता आती है. मान्यता यह भी है कि शिव के मस्तक पर शोभायमान रहने वाले चंद्र देवता के पूजन और दर्शन करने से भगवान शिव भी प्रसन्न होकर साधक पर अपनी कृपा बरसाते हैं. चंद्र दर्शन वाले दिन विधि-विधान से अर्घ्य देने से महिलाओं को अखंड सुहाग का वरदान प्राप्त होता है. चंद्र दर्शन और पूजन से महिलाओं को वैवाहिक सुख की वृद्धि होती है और पति को लंबी आयु प्राप्त होती है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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