ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल का खास महत्व माना जाता है. बुध के राशि परिवर्तन के बाद शुक्र के साथ उनकी युति बनने जा रही है. जिसे ज्योतिष में लक्ष्मी नारायण राजयोग कहा जाता है. आचार्य मदन मोहन ने बताया कि बुध 26 सितंबर तक कन्या राशि में रहेंगे और इसके बाद तुला राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से शुक्र विराजमान हैं. बुध और शुक्र की यह युति कुछ राशियों के लिए धन, करियर और कारोबार के लिहाज से लाभकारी मानी जा रही है.
कन्या राशि वालों को बिजनेस में मिल सकती है सफलता
आचार्य मदन मोहन ने बताया कि लक्ष्मी नारायण राजयोग कन्या राशि वालों के लिए आर्थिक रूप से अच्छा समय ला सकता है. इस दौरान आत्मविश्वास बढ़ने और शुभ कामों में सफलता मिलने की मान्यता है. कारोबार से जुड़े लोगों को नए प्रोजेक्ट में फायदा मिल सकता है. पैतृक संपत्ति से भी लाभ मिलने के योग बन सकते हैं.
कर्क राशि वालों को अचानक धन लाभ के योग
कर्क राशि के जातकों के लिए भी यह समय लाभकारी माना जा रहा है. आचार्य मदन मोहन के मुताबिक, इस दौरान अचानक धन लाभ के योग बन सकते हैं. इनकम बढ़ने के मौके मिल सकते हैं और निजी जीवन में भी खुशियां बढ़ने की संभावनाा है. इस दौरान जातकों का रुझान आध्यात्म की ओर भी बढ़ सकता है.
मकर राशि वालों नौकरी में मिल सकता है फायदा
मकर राशि वालों के लिए बुध-शुक्र की युति नौकरी और कारोबार के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है. आचार्य मदन मोहन के अनुसार, नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या सैलरी बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं. कारोबार करने वालों को भी फायदा हो सकताा है. आर्थिक स्थिति मजबूत होने से बैंक बैलेंस बढ़ने की संभावना है.
मीन राशि वालों मजबूत हो सकती है आर्थिक स्थिति
मीन राशि वालों के लिए भी लक्ष्मी नारायण राजयोग आर्थिक दृष्टि से शुभ मानाा जा रहा है. आचार्य के अनुसार, करियर में लाभ के अवसर मिल सकते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है. कामकाज में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुलने की संभावना है.
पहले बनेगा भद्र महापुरुष योग
ज्योतिष शास्त्र में बुध के अपनी राशि मिथुन या कन्या में केंद्र भाव में होने पर भद्र महापुरुष योग बनने की मान्यता है. आचार्य के अनुसार, बुध के कन्या राशि में रहने तक इसका प्रभाव माना जाएगा. इसके बाद तुला राशि में शुक्र के साथ बुध की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग बनने की बात कही जाती है. बुध को बुद्धि, वाणी, संचार और कारोबार का काारक माना जाता है. जबकि शुक्र को धन, सुख-सुविधा, कला और ऐश्वर्य से जोड़ा जाता है.
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