Ashwin Amavasya 2026: हिन्दू धर्म में अमावस्या तिथि का खास महत्व होता है. इस दिन पितरों का स्मरण, तर्पण और दान-पुण्य करने का विधान है. पंचांग के अनुसार अभी आश्विन का महीना चल रहा है और इस माह की अमावस्या के साथ पितृ पक्ष की समाप्ति भी होती है. इस अमावस्या को सर्वपितृ अमावस्या, महालया अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है. इसी कड़ी में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आश्विन महीने की अमावस्या कब है और दान-स्नान का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा.
कब है आश्विन अमावस्या?
हिन्दू पंचांग के अनुसार आश्विन अमावस्या तिथि की शुरुआत 9 अक्टूबर 2026 कोो रात 8 बजकर 32 मिनट पर हो रही है. वहीं, इस तिथि का समापन 10 अक्टूबर 2026 को रात 9 बजकर 20 मिनट पर होगा. ऐसे में आश्विन माह की अमावस्या 10 अक्टूबर को मनाई जाएगी.
क्या है दान-स्नान का शुभ मुहूर्त?
दान-तर्पण का शुभ मुहूर्त दोपहर में 12 बजकर 31 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 18 मिनट तक रहेगा. वहीं, स्नान का शुभ मुहूर्त सुबह 4 बजकर 40 मिनट से लेकर सुबह 5 बजकर 29 मिनट तक रहेगा. इस समय आप पवित्र नदियों में स्नान कर सकते हैंं. अगर आप किसी पवित्र नदी में स्नान के लिए नहीं जा सकते हैं, तो घर पर ही पवित्र नदी के जल का इस्तेमाल कर सकते हैं.
आश्विन अमावस्या के उपाय
- हिंदू मान्यता के अनुसार आश्विन मास की अमावस्या के दिन यदि संभव हो तो किसी पवित्र नदी, सरोवर या फिर समुद्र तीर्थ पर जाकर स्नान करना चाहिए. यदि आप किसी कारण से वहां न जा पाएं तो घर में नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें.
- आश्विन मास की अमावस्या के दिन व्यक्ति को प्रात:काल सूर्योदय से पहले उठकर स्नान-ध्यान करना चाहिए. इस दिन भूलकर भी देर तक नहीं सोना चाहिए. इसी प्रकार अमावस्या तिथि पर दिन में भी न सोएं.
- आश्विन मास की अमावस्या के दिन अधिक से अधिक अपने आराध्य देवता के मंत्र का जप करना चाहिए.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
यह भी पढ़ें: देवउठनी के अलावा इन दो तिथि पर भी हो सकता है विवाह, पंडित से जानें इस साल कब-कब है शादी के अबूझ मुहूर्त
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं