यूथ फॉर इक्वलिटी (YFE) नें मंगलवार को चुनाव आयोग में जम्मू कश्मीर की दो बड़ी पार्टियों महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) की पीडीपी (PDP) और फारूक अबदुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस की मान्यता रद्द करने के लिए पत्र लिखा. यूथ फॉर इक्विलिटी राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर कौशलकांत मिश्रा NDTV को बताया कि इस पत्र में जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती व नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला उनके पुत्र उमर अब्दुल्ला और राज्य के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों के उन बयानों को संदर्भित किया है जो पिछले कुछ दिनों में इन नेताओं द्वारा दिए गए हैं.
जम्मू-कश्मीर में RSS नेता की हत्या पर महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला ने दिया बयान, कही यह बात
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देश में 2019 लोकसभा चुनाव के समय जम्मू कश्मीर के इन नेताओं के बयान पर निराशा जताते हुए YFE ने चुनाव आयोग को मामले से अवगत कराया है. इन नेताओं नें भारत की संप्रभुता व अखंडता को सीधे चुनौती देते हुए कई बार ये बयान दिए हैं कि अगर भारत सरकार द्वारा अनुच्छेद 35(A) व 370 हटाया गया तो जम्मू कश्मीर भारत से अलग हो जाएगा. ऐसी गतिविधियों के जरिए पार्टी व इनके नेताओं ने राजद्रोह की भावना व्यक्त की है. इसलिए इन दलों की मान्यता को 1951 के जनप्रतिनिधि कानून की धारा 9 (2) के अंतर्गत रद्द कर दिया जाए.

उन्होंने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि इन उपयुक्त मामलों का शीघ्र परीक्षण करके तीनों पार्टी नेताओं के भविष्य में किसी भी चुनाव लड़ने पर अयोग्य करार दिया जाए और इसके लिए प्रक्रिया को भी जल्द शुरू किया जाए. इसके अलावा पीडीपी व नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टियों की मान्यता को भी कानून के अधीन चुनाव आयोग अमान्य करे.
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