
हिमालयी क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ के असर के कारण उत्तर के मैदानी इलाकों में सर्द हवाओं ने दिल्ली एनसीआर क्षेत्र को एक तरफ वायु प्रदूषण से राहत दी है, साथ ही हल्की बारिश के कारण मैदानी क्षेत्रों में अगले दो दिनों में तापमान में गिरावट के साथ सर्द मौसम की दस्तक हो जायेगी. मौसम विभाग की उत्तर क्षेत्रीय पूर्वानुमान इकाई के प्रमुख वैज्ञानिक कुलदीप श्रीवास्तव ने गुरुवार को बताया कि हिमालयी क्षेत्र में पांच नवंबर को सक्रिय हुये पश्चिमी विक्षोभ के कारण जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों में बर्फबारी के कारण पंजाब, हरियाणा और दिल्ली एनसीआर सहित आसपास के इलाकों में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गयी है.
डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि गुरुवार को दिल्ली एनसीआर सहित उत्तर के तमाम मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश के बाद अगले 48 घंटों में इन क्षेत्रों का तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक और कम होकर 15 डिग्री सेल्सियस तक आने का अनुमान है. उन्होंने बताया कि इससे सर्दी में इजाफा होगा, लेकिन सर्द मौसम के लिये जरूरी न्यूनतम तापमान 10 से 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने में अभी एक सप्ताह और लग सकता है.
उन्होंने बताया कि दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में अभी उत्तर पश्चिमी हवाओं की गति 20 से 25 किमी प्रति घंटा है. पश्चिमी विक्षोभ का असर शुक्रवार सुबह तक ही रहेगा. दिल्ली के प्रदूषण के बारे में उन्होंने कहा कि हल्की बारिश से प्रदूषण के लिये जिम्मेदार पार्टिकुलेट तत्वों का वायुमंडल में एकत्र होने का खतरा होता है, लेकिन हवा की गति मौजूदा स्तर पर बरकरार रहने पर वायु प्रदूषण बढ़ने का खतरा प्रभावी नहीं रहता है. उल्लेखनीय है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) गुरुवार को “बहुत खराब” से “खराब” की श्रेणी में आ गया. दिल्ली में एक्यूआई 214 के स्तर पर था.
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