- दिल्ली के मुखर्जी नगर में 19 वर्षीय अमान की नाबालिग दोस्त ने दिनदहाड़े चॉपर से बेरहमी से हत्या कर दी
- अमान ने अपने नाबालिग दोस्त को कुछ दिन पहले काम पर रखा था और दोनों के बीच मामूली विवाद के बाद वारदात हुई
- घायल अमान ने मौत से पहले अपने दोस्तों को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी लेकिन अस्पताल में उसकी मौत हो गई
Mukherjee nagar murder news: देश की राजधानी के उत्तर-पश्चिमी जिले का मुखर्जी नगर ( Mukherjee Nagar) इलाका उस वक्त दहल उठा, जब एक 19 वर्षीय युवक की दिनदहाड़े बेरहमी से हत्या कर दी गई. इस मामले में सनसनीखेज बात यह है कि इस वारदात को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि मृतक का वही दोस्त है, जिसे उसने चंद दिनों पहले खुद अपने साथ काम पर लगवाया था. मीट काटने वाले चॉपर से किए गए खौफनाक वार ने आपसी भरोसे और दोस्ती के रिश्तों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
मृतक की पहचान 19 वर्षीय अमान के रूप में हुई है. अमान दिल्ली के संगम पार्क इलाके का रहने वाला था और गोश्त (मीट) की सप्लाई के काम से जुड़ा था. परिजनों के अनुसार, अमान ने दरियादिली दिखाते हुए अपने एक नाबालिग परिचित को कुछ दिनों पहले अपने साथ काम पर रखवाया था. लेकिन, सोमवार सुबह करीब 9 बजे अमान रोज की तरह अपनी स्कूटी से काम के लिए निकला तो आरोपी नाबालिग भी उसके साथ ही निकला. बताया जा रहा है कि रास्ते में पुलिस लाइन के पास कूड़े के ढेर के पास अचानक दोनों के बीच मामूली विवाद हो गया, जिसके बाद नाबालिग ने पीछे से अमान पर मीट काटने वाले भारी चॉपर से हमला कर दिया. आरोपी ने एक के बाद एक करीब 67 वार अमान के शरीर पर किए, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा. इस हत्या पर मृतक के भाई रहमान ने बताया कि 9 बजे वह घर से निकला था और 10:30 बजे हमें उसकी मौत की खबर मिली, जिस लड़के ने मारा, वह हमारे ही मोहल्ले का है. मामूली बात पर कोई किसी की जान कैसे ले सकता है?
अमन ने मरते दम तक दिखाई हिम्मत
वारदात जितनी दर्दनाक थी, अमान की हिम्मत उतनी ही चौंकाने वाली रही. गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरे घाव होने के बावजूद अमान ने हार नहीं मानी. उसने गंभीर हालत में ही अपने फोन से दोस्तों को कॉल किया और पूरी घटना की जानकारी दी. मौके पर पहुंचे दोस्त उसे आनन-फानन में अस्पताल ले गए, लेकिन घाव इतने गहरे थे कि डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका. करीब 10:30 बजे जब परिजनों को सूचना मिली, तब तक अमान दुनिया छोड़ चुका था.
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
अमान के भाई रहमान और अन्य परिजनों ने इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं. परिवार का आरोप है कि वारदात के इतने घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है. परिजनों का कहना है कि आरोपी उनके ही इलाके का है, फिर भी पुलिस की ढिलाई समझ से परे है. भाई की मौत के गम में डूबे अमान के भाई ने सिसकते हुए बताया कि मेरे भाई ने ही उसे काम दिलाया था. उसे क्या पता था कि वह अपनी मौत को साथ लेकर घूम रहा है. हमें सिर्फ इंसाफ चाहिए और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए.
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इस हत्याकांड ने एक बार फिर दिल्ली में बढ़ते 'चाकू कल्चर' और अपराध की दुनिया में नाबालिगों की बढ़ती भागीदारी पर चिंता जता दी है. मुखर्जी नगर जैसे व्यस्त इलाके में ऐसी वारदात होना कानून व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगाता है. फिलहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन में जुट गई है, लेकिन पीड़ित परिवार की आंखों में इंसाफ के इंतज़ार के साथ-साथ दिल्ली की सड़कों पर असुरक्षा का डर भी साफ देखा जा सकता है.
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