- दिल्ली बुक फेयर का 53वां संस्करण आज से शुरू हो रहा है, जिसमें करीब 20 लाख बुक लवर्स के आने की संभावना है.
- बुक फेयर में 35 से अधिक देशों के 1000 से ज्यादा प्रकाशक करीब 3000 स्टॉल पर किताबें पेश करेंगे.
- इस आयोजन में 600 से अधिक कार्यक्रम होंगे, जिसमें 1000 से ज्यादा वक्ता अपने विचार और अनुभव साझा करेंगे.
किताबों के शौकीनों का स्वर्ग दिल्ली बुक फेयर (Delhi Book Fair) आज से शुरू हो रहा है. देश-दुनिया की तमाम किताबों का एक ठिकाना आज से दिल्ली का भारत मंडपम होगा, जहां पर आप अलग-अलग प्रकाशकों की किताबों को खरीदने के साथ ही विभिन्न आयोजनों में देश-दुनिया के नामचीन लेखकों को भी सुन सकेंगे. यह मौका सभी के लिए लेखकों के विचारों और उनके अनुभवों से रूबरू होने का भी होगा. हालांकि दिल्ली के ट्रैफिक के बीच सबसे बड़ी चिंता आयोजन स्थल तक पहुंचने की है. ऐसे में हम आपको बता रहे हैं दिल्ली बुक फेयर तक पहुंचने से लेकर इसकी थीम और एंट्री से जुड़ी हर बात.
दिल्ली बुक फेयर दुनिया का सबसे बड़ा बुक फेयर है. आज से शुरू हो रहा दिल्ली बुक फेयर का यह 53वां संस्करण है और यह आयोजन 18 जनवरी तक चलेगा. उम्मीद की जा रही है कि इस आयोजन में करीब 20 लाख लोग आ सकते हैं.
बुक फेयर तक कैसे पहुंचे
दिल्ली के ट्रैफिक में बुक फेयर तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है. हालांकि मेट्रो का सफर आपको यहां तक तेजी से पहुंचा सकता है. अगर आप मेट्रो से आ रहे हैं तो आपको ब्लू लाइन पर पड़ने वाले सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर उतरना होगा. यहां से चलकर आयोजन स्थल तक पैदल ही पहुंचा जा सकता है.
35 देश, 1000 से ज्यादा प्रकाशक
इस आयोजन के दौरान 35 से अधिक देशों के 1000 से अधिक प्रकाशक करीब 3 हजार स्टॉल पर किताबें और किताबों से जुड़ी अन्य एसेसरीज पेश करेंगे.
600 आयोजन, 1000 से ज्यादा वक्ता
यह आयोजन किताबों के साथ ही अपने प्रिय लेखकों से मिलने की ख्वाहिश रखने वालों के लिए भी बेहद शानदार रहने वाला है. इस बार के आयोजन में 600 से अधिक 1000 आयोजनों से ज्यादा वक्ता अपने विचारों को साझा करेंगे.
इस बार मिलेगा निशुल्क प्रवेश
बुक फेयर में इस बार निशुल्क प्रवेश की व्यवस्था है. यह पहली बार है जब बुक फेयर को हर किसी के लिए निशुल्क रखा गया है. बुक फेयर में जाने वालों को किसी तरह की टिकट नहीं लेनी होगी और आप फ्री एंट्री कर सकेंगे.
इस बार ये रहेगी बुक फेयर की थीम
दिल्ली बुक फेयर की इस बार की थीम 'भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य एवं प्रज्ञा 75' है. इसके तहत मुख्य आकषर्णों में अर्जुन टैंक, आईएनएस विक्रांत और एलसीएम तेजस की प्रतिकृतियां होंगी. साथ ही देश के 21 परमवीर क्र विजेताओं को भी श्रद्धांजलि और 1947 से ऑपरेशन सिंदूर तक के प्रमुख युद्धों और सैन्य अभियानों पर भी सत्रों का आयोजन किया जाएगा.
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