सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) के पूर्व मुख्य अभियंता यादव सिंह (Yadav Singh) को आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में जमानत दे दी. हालांकि न्यायालय ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को इस बात की छूट दी कि यदि यादव सबूत के साथ छेड़छाड़ करने या गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश करें तो वह जमानत रद्द करने के लिए आवेदन कर सकता है.
सीबीआई का हलफनामा, नोएडा के पूर्व सीई यादव सिंह ने सोच समझकर भ्रष्टाचार किया
सीबीआई ने सख्त आपत्ति जताई कि यदि यादव सिंह (Yadav Singh) को जमानत पर रिहा किया गया तो वह सबूत के साथ छेड़छाड़ कर सकता है. सीबीआई के आरोप-पत्र में कहा गया है कि सिंह ने अप्रैल 2004 से चार अगस्त, 2015 के बीच आय से अधिक 23.15 करोड़ रुपये जमा किए, जो उनकी आय के स्रोत से लगभग 512 प्रतिशत अधिक है.
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