New Noida DNGIR Sector Plan: नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बाद अब न्यू नोएडा (New Noida) शहर आकार ले रहा है. न्यू नोएडा अब कागजों से निकलकर जमीन पर उतरने की तैयारी में है. DNGIR यानी दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र के पहले चरण के लिए 37 गांवों में जमीन लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. खास बात ये है कि न्यू नोएडा में सेक्टर-1 की लोकेशन पहले से तय नहीं है. नोएडा प्राधिकरण के अनुसार, जिस गांव की जमीन पहले आपसी सहमति से उपलब्ध होगी, वहीं से सेक्टर-1 का विकास शुरू किया जाएगा.
नोएडा प्राधिकरण के CEO कृष्णा करुणेश के मुताबिक, जिस गांव की जमीन पहले मिलेगी, उसे सेक्टर-1 नाम दिया जाएगा. इसके बाद जमीन उपलब्ध होने के क्रम में सेक्टर-2, सेक्टर-3 और आगे के सेक्टर विकसित होंगे.
बुलंदशहर के 24, गौतमबुद्ध नगर के 13 गांव
न्यू नोएडा के पहले चरण में कुल 37 गांव शामिल हैं. इनमें 24 गांव बुलंदशहर और 13 गांव गौतमबुद्ध नगर के हैं.
जमीन की खरीद किसानों से आपसी सहमति के आधार पर की जा रही है. प्राधिकरण की टीमें जमीन के दस्तावेज, मालिकाना हक और राजस्व रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं.
किसानों को जमीन खरीद की प्रक्रिया, मुआवजे और दूसरी शर्तों की जानकारी देने के लिए कैंप लगाने की भी व्यवस्था की जा रही है.
बुलंदशहर के ये गांव होंगे न्यू नोएडा में शामिल
बुलंदशहर के पहले चरण में बिरोंडी फौलादपुर, बिरोंडी तेजपुर, चोला, डिमरी आदिलपुर, गोपालपुर, हृदयपुर, जोखाबाद, कैथरा, कनवरा, काड़ू, किशनपुर, लुहाकर, मुरादाबाद, नगला बरोधा, नवादा, राजरमपुर, राजपुर खुर्द, सबदलपुर, सलेमपुर कायस्थ, सनवाली, शाहपुर कलां, सेरपुर और सिकरा समेत 24 गांव हैं.
गौतमबुद्ध नगर के ये गांव होंगे न्यू नोएडा में शामिल
गौतमबुद्ध नगर के 13 गांवों में आनंदपुर, बैरंगपुर उर्फ नई बस्ती, बील अकबरपुर, छायसा, दया नगर, गिरिराजपुर, कोट, मिलक खंडेरा, नगला कामरू, नगला न्यानसुख, नेकरामपुर उर्फ विशुनपुर और फूलपुर समेत गांव शामिल हैं.
20,911 हेक्टेयर में बनेगा न्यू नोएडा
DNGIR का कुल क्षेत्र करीब 209.11 वर्ग किलोमीटर यानी 20,911 हेक्टेयर रखा गया है. इसका विकास चार चरणों में किया जाना है.

न्यू नोएडा में करीब 40% जमीन औद्योगिक इस्तेमाल के लिए रखी गई है. इसके अलावा करीब 13% आवासीय और 18% क्षेत्र ग्रीन बेल्ट व मनोरंजन के लिए प्रस्तावित है.
इंडस्ट्रीज, लॉजिस्टिक्स और जेवर एयरपोर्ट से कनेक्शन
न्यू नोएडा को सिर्फ नई रिहायशी टाउनशिप के तौर पर विकसित नहीं किया जा रहा है. इसका बड़ा फोकस इंडस्ट्रीज, लॉजिस्टिक्स और आर्थिक गतिविधियों पर है.
DNGIR का कनेक्शन डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ा जा रहा है. न्यू नोएडा को जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी जोड़ने की योजना है. उपलब्ध परियोजना विवरण के मुताबिक एयरपोर्ट यहां से करीब 32 किलोमीटर दूर है.
जमीन का मुआवजा करोड़ों में, प्लॉट भी मिलेगा
न्यू नोएडा के पहले चरण में जमीन खरीद के लिए 4,300 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर बताई गई थी, जिसे संशोधित कर 6,459 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया है. इस हिसाब से एक एकड़ यानी करीब 4,046.86 वर्गमीटर जमीन का मूल मुआवजा लगभग 2.61 करोड़ रुपये से ज्यादा बैठता है.
हालांकि किसानों के लिए पैकेज सिर्फ नकद मुआवजे तक सीमित नहीं है. जमीन खरीद की शर्तों में आबादी भूखंड का लाभ भी प्रस्तावित है. पहले और दूसरे चरण में 6% आबादी भूखंड और तीसरे-चौथे चरण में 7% आबादी भूखंड का मॉडल प्रस्तावित है.
यानी किसान को जमीन के बदले सिर्फ नकद रकम नहीं, बल्कि विकसित आबादी भूखंड का लाभ भी मिल सकता है.
न्यू नोएडा के नक्शे पर पहला सेक्टर किसी पहले से तय गांव के नाम पर नहीं, बल्कि सबसे पहले जमीन उपलब्ध कराने वाले गांव से तय होगा.
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