लोकसभा में पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया. जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने से जुड़े उनके बयान को लेकर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई. इसके बाद सदन के भीतर और बाहर सरकार और विपक्ष के बीच तीखा टकराव देखने को मिला.
सरकार ने उठाया कड़ा विरोध
संसद में सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के बयान का विरोध किया. उन्होंने स्पीकर से आग्रह किया कि अमित शाह के संबंध में राहुल गांधी द्वारा कही गई बातों को सदन की कार्यवाही से हटाया जाए. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी खड़े हुए और कहा कि राहुल गांधी के बेबुनियाद आरोपों को सदन की कार्यवाही से हटा दिया जाना चाहिए. विवाद बढ़ने पर सदन में जोरदार हंगामा हुआ और कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी.
स्पीकर के सामने हुई आमने-सामने की बातचीत
कार्यवाही स्थगित होने के बाद किरेन रिजिजू ने संसद भवन में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इस दौरान वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, भाजपा सांसद और राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी तथा पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा भी मौजूद रहे.
इसके बाद रिजिजू विरोध दर्ज कराने के लिए स्पीकर के पास पहुंचे. वहीं कांग्रेस की ओर से प्रियंका गांधी वाड्रा, के.सी. वेणुगोपाल और गौरव गोगोई भी स्पीकर से मिलने पहुंचे. सूत्रों के अनुसार बाद में स्पीकर की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच सीधे बातचीत हुई.
"उन्हें माफ़ी माँगनी होगी"
रिजिजू ने राहुल गांधी के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "उन्हें माफ़ी माँगनी होगी." उन्होंने कहा, "राहुल गांधी ने गृह मंत्री का नाम लेकर आरोप लगाया था कि उनके कहने पर गोली चलाई गई." इसके साथ ही उन्होंने कहा, "यह बहुत संवेदनशील मामला है और इस तरह की गैरजिम्मेदार बात नहीं की जानी चाहिए."
कांग्रेस नेताओं ने इसका विरोध करते हुए स्पष्ट किया कि राहुल गांधी को अपना भाषण पूरा करने का अवसर दिया जाना चाहिए. हालांकि रिजिजू अपने रुख पर कायम रहे और कहा, "अगर राहुल गांधी माफ़ी नहीं माँगेंगे तो सदन नहीं चल सकता."
हंगामे के बीच पारित हुआ विधेयक
सूत्रों के मुताबिक बाद में यह रणनीति बनी कि यदि राहुल गांधी माफी नहीं मांगते हैं तो मंत्री के जवाब के बाद विधेयक पारित कराया जाएगा. इस विवाद के कारण विपक्ष के कुछ अन्य सांसदों को बोलने का मौका भी नहीं मिल सका.
जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो मंत्री जितेंद्र सिंह चर्चा का जवाब देने के लिए खड़े हुए. इसी दौरान कांग्रेस सांसद वेल में पहुंच गए और राहुल गांधी को भाषण पूरा करने देने की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे. हंगामे के बीच जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी के आरोपों का बिंदुवार जवाब दिया. बाद में ध्वनिमत से विधेयक पारित कर दिया गया.
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