- साइकिल ट्रैक अब कारों, टैक्सियों और अन्य वाहनों की अवैध पार्किंग का अड्डा बन गया है.
- सेक्टर-21 की ओर जाने वाली सड़क पर अक्सर बनी रहती है जाम की स्थिति.
- निजी वाहनों के बाद ई-रिक्शा चालकों ने भी ट्रैक के किनारे स्थायी ठिकाना बना लिया है.
NCR में अवैध पार्किंग पर हमारी ग्राउंड रिपोर्ट सीरीज के सातवें भाग में हम पहुंचे हैं दिल्ली के द्वारका सेक्टर-12, जहां मेट्रो स्टेशन और सिटी सेंटर मॉल के सामने बना साइकिल ट्रैक अपने मकसद से भटक चुका है. स्थानीय लोगों के लिए तैयार किया गया यह ट्रैक अब कारों, टैक्सियों और अन्य वाहनों की अवैध पार्किंग का अड्डा बन गया है. जिस जगह पर साइकिल और पैदल चलने वालों को प्राथमिकता मिलनी थी, वहां वाहन कतारबद्ध खड़े दिखाई देते हैं.

रोड डिजाइन और कमर्शियल गतिविधियों का दबाव
स्थानीय निवासियों का कहना है कि समस्या केवल अवैध पार्किंग तक सीमित नहीं है. सेक्टर-14 से आने वाला ट्रैफिक सेक्टर-12 मेट्रो स्टेशन के पास एक संकरी लेन में समेट दिया जाता है, जबकि यहां ट्रैफिक सिग्नल की व्यवस्था भी नहीं है. मेट्रो स्टेशन, मॉल और मल्टीप्लेक्स आने वाले कई लोग निर्धारित पार्किंग का इस्तेमाल करने के बजाय सीधे साइकिल ट्रैक पर वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे सेक्टर-21 की ओर जाने वाली सड़क पर अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है.

ई-रिक्शा और अव्यवस्था ने बढ़ाई मुश्किल
निजी वाहनों के बाद ई-रिक्शा चालकों ने भी ट्रैक के किनारे स्थायी ठिकाना बना लिया है. बड़ी संख्या में ई-रिक्शा यहां खड़े दिखाई देते हैं और कुछ को खुले में चार्जिंग करते हुए भी देखा जा सकता है. नतीजतन, साइकिल और पैदल यात्रियों के लिए बनाया गया यह ट्रैक लगातार अतिक्रमण की चपेट में है.

महिलाओं और यात्रियों ने जताई चिंता
स्थानीय लोगों के मुताबिक मेट्रो स्टेशन के नीचे मौजूद शराब के ठेके के कारण शाम के समय स्थिति और ज्यादा अव्यवस्थित हो जाती है. कई वाहन सड़क और ट्रैक के किनारे खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे भीड़भाड़ बढ़ती है. महिलाओं, बुजुर्गों और मेट्रो यात्रियों का कहना है कि इस वजह से उन्हें असहज माहौल और यातायात बाधाओं का सामना करना पड़ता है.
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वेंडर्स ने लगाए वसूली के आरोप
रिपोर्टिंग के दौरान कुछ स्ट्रीट वेंडर्स और फूड कार्ट संचालकों ने आरोप लगाया कि इलाके में अवैध पार्किंग और अतिक्रमण लंबे समय से जारी है. उनका दावा है कि कार्रवाई न होने के पीछे स्थानीय स्तर पर संरक्षण और कथित वसूली की व्यवस्था काम करती है. हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.

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कार्रवाई की मांग
स्थानीय निवासियों का कहना है कि स्वास्थ्य और पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया साइकिल ट्रैक अब अपने मूल उद्देश्य से पूरी तरह दूर जा चुका है. लोगों की मांग है कि ट्रैफिक पुलिस, डीडीए और संबंधित एजेंसियां संयुक्त अभियान चलाकर अवैध पार्किंग हटाएं, नियमित चालान और टोइंग की कार्रवाई करें तथा ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार करें. उनका कहना है कि जब तक सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक द्वारका अवैध पार्किंग और जाम के दुष्चक्र से बाहर नहीं निकल पाएगा.
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