नेपाल त्रासदी सबने देखी लेकिन चीन में मची तबाही छिपाई गई, देखिए पूरी सच्‍चाई?

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  • प्रकाशित: सितम्बर 02, 2026

एक ही हिमालय, एक ही सैलाब लेकिन दो अलग तस्वीरें हैं. नेपाल में तबाही की तस्वीरें दुनिया के सामने हैं, लेकिन बॉर्डर के उस पार तिब्बत में तबाही से ज्यादा रिकंस्ट्रक्शन दिखाया जा रहा है. चीन की एजेंसियों ने तिब्बत में वीडियो जारी किए हैं, जिनमें उफनती नदी के किनारे भारी मशीनें लगी हैं, पहाड़ काटकर नया रास्ता बनाया जा रहा है. नेपाल सीमा के पास गोंग पोर्ट तक सड़क एक हफ्ते में तैयार कर ली गई और नेशनल हाईवे G216 को फिर से खोल दिया गया है. गोंग पोर्ट वही जगह है जहां सैलाब ने चीन के इमिग्रेशन सेंटर का नामोनिशान मिटा दिया था, अब वहां मलबे में सर्च ऑपरेशन चल रहा है. चीन का फोकस हालात संभालने और अपनी ताकत दिखाने के नैरेटिव पर है.
NDTV इंडिया ने नेपाल-तिब्बत सीमा के पास त्रिशूली का जो एरियल व्यू दिखाया, उसमें बाजार पूरी तरह ध्वस्त, गांव खाली, इमारतें जमींदोज हैं. अगर नेपाल साइड में इतनी तबाही है तो एपिसेंटर तिब्बत में कितना नुकसान हुआ होगा, अंदाजा लगाया जा सकता है. सैटेलाइट से बदला भूगोल छिपाया नहीं जा सकता. सवाल क्षमता पर नहीं, पारदर्शिता पर है - क्या चीन तबाही से लड़ रहा है या तबाही की तस्वीरों से भी लड़ रहा है?