Father Thrown Baby in the Drain: आधुनिक समाज में जहां बेटियों को बेटों के बराबर दर्जा दिया जा रहा है. वहीं, देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है. दरअसल, रोहिणी (Rohini) के बुध विहार इलाके में एक कलयुगी पिता ने अपनी ही महज एक महीना 12 दिन की मासूम बच्ची को गंदे नाले के पास फेंक कर मौत के मुंह में धकेल दिया. लेकिन कहते हैं न कि 'जाको राखे साइयां, मार सके न कोय'. इस बच्ची के साथ भी ऐसा ही हुआ. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के जवानों ने देवदूत बनकर न सिर्फ कुछ ही घंटों में इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश किया, बल्कि नाले से बच्ची को सुरक्षित रेस्क्यू कर उसकी जान भी बचा ली.
रोहिणी जिले के डीसीपी शशांक जायसवाल से मिली जानकारी के मुताबिक, बीते सोमवार की सुबह बुध विहार थाना पुलिस को एक बदहवास महिला की पीसीआर कॉल मिली. महिला ने रोते हुए बताया कि उसकी करीब डेढ़ महीने की बच्ची अचानक घर से लापता हो गई है. पीड़ित मां ने पुलिस को बताया कि रात में वह अपनी बच्ची को साथ लेकर सोई थी. सुबह तड़के जब उसकी आंख खुली, तो उसने देखा कि उसका पति सज्जन कुमार बच्ची को अपने सीने पर सुला रहा था. इसके बाद महिला की दोबारा आंख खुली तो बच्ची गायब थी. जब उसने पति से पूछा, तो उसने बेहद शातिर अंदाज में कहानी गढ़ी कि 'कोई बच्ची को उठाकर ले गया है.' हालांकि, मां का दिल पति के इस झूठ को स्वीकार नहीं कर पाया. उसने तुरंत पुलिस को इस बात की सूचना दी कि उसकी बेटी के जन्म के बाद से ही उसका पति सज्जन नाखुश रहता था और उसी ने बच्ची को गायब किया है.
पुलिस की सख्ती के आगे टूटा जालिम पिता
मामले की संवेदनशीलता और मासूम की जान के खतरे को भांपते हुए बुध विहार थाना पुलिस तुरंत एक्शन में आई. पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए ह्यूमन रिसोर्स और टेक्निकल सर्विलांस का सहारा लिया और संदेही पिता सज्जन कुमार को हिरासत में ले लिया. शुरुआत में आरोपी पिता अपनी पत्नी और पुलिस को लगातार गुमराह करता रहा. वह खुद को बेकसूर बताता रहा, लेकिन जब दिल्ली पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गया. उसने जो सच उगला, उसने पुलिसकर्मियों के भी होश उड़ा दिए. आरोपी ने कबूल किया कि वह बेटी के पैदा होने से बेहद खफा था, इसलिए उसने सुबह-सुबह ही बच्ची को बुद्ध विहार के एक गंदे नाले में फेंक दिया था.
गंदे नाले में उतरे खाकी के 'देवदूत'
सच सामने आते ही पुलिस टीम के पास एक-एक सेकंड कीमती था. पुलिस तुरंत आरोपी को साथ लेकर बताए गए नाले पर पहुंची. किस्मत अच्छी थी कि मासूम बच्ची नाले के तेज बहाव में बहने की बजाय वहां जमा कूड़े-कचरे के ढेर पर अटकी हुई थी. अगर थोड़ी सी भी देर और हो जाती, तो बच्ची गंदे पानी में समा सकती थी.
पुलिस की तत्परता बनी मिसाल
मौके पर मौजूद बुध विहार थाने के एसआई (SI) जीत सिंह, हेड कांस्टेबल अजय, राजेश और कुलदीप ने बिना अपनी परवाह किए तुरंत नाले में छलांग लगा दी. उन्होंने बेहद सावधानी से मासूम को वहां से निकाला और तुरंत रोहिणी के बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया. समय पर इलाज मिलने के कारण बच्ची की जान बच गई, हालांकि, इस क्रूर घटना के कारण मासूम को काफी गंभीर चोटें आई हैं.
जांच में सामने आया है कि 20 वर्षीय आरोपी पिता सज्जन कुमार और उसकी पत्नी मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं. दोनों ने प्रेम विवाह (Love Marriage) किया था और फिलहाल बुध विहार इलाके में किराए के मकान में रह रहे थे. आरोपी बवाना की किसी फैक्ट्री में मजदूरी करता है. फिलहाल, पुलिस ने इस कलयुगी पिता के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे सलाखों के पीछे भेज दिया है.
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