- दिल्ली में चलती बस में नाबालिग के साथ गैंगरेप की घटना में कई खुलासे हो रहे हैं.
- आरोपी बस का ड्राइवर बेलगाम था, जिसके 23 दिन में ही 9 ट्रैफिक चालान कटे थे.
- वह ओवरस्पीडिंग का आदी था, उसके खिलाफ 56 हजार रुपए का चालान कटा था.
दिल्ली को हिलाकर रख देने वाले बस गैंगरेप मामले में जितनी जांच आगे बढ़ रही है, उतनी जानकारियां सामने आ रही है. चलती बस में नाबालिग के साथ गैंगरेप करने वाले बस ड्राइवर कुलदीप को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इस ड्राइवर के मामले में बड़ी जानकारी सामने आई है. दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सड़कों पर कानून की धज्जियां उड़ाने वाला यह ड्राइवर पूरी तरह से बेलगाम था. आधिकारिक ट्रैफिक रिकॉर्ड और पुलिस जांच से साफ हुआ है कि ड्राइवर कुलदीप नियमों को ताक पर रखकर बस चलाता था. उसके खिलाफ पिछले 23 दिनों में ही 9 बार चालान कटा है. जबकि 8 बार ओवरस्पीडिंग का मामले भी सामने आए हैं.
दिल्ली में चलती बस में किया था गैंगरेप
दरअसल, दिल्ली में नाबालिग के साथ गैंगरेप का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. 4 अगस्त को चलती बस में ड्राइवर और कंडक्टर ने मैनपुरी की नाबालिग लड़की से दुष्कर्म किया था. इस घटना के बस ड्राइवर का चौंकाने वाला रिकॉर्ड सामने आया है. पुलिस ने जिस बस को जब्त किया है, उसका ट्रैफिक रिकॉर्ड बताता है कि ड्राइवर लगातार नियमों की अनदेखी कर रहा था. उत्तर प्रदेश से दिल्ली तक महज 23 दिनों में बस के 9 चालान हुए थे. रानी की बात ये है कि इनमें 8 चालान सिर्फ ओवरस्पीडिंग के हैं, यानि वह बस के तेज रफ्तार से दौड़ाने का आदि था.
12 मई से 23 जुलाई के बीच कटे चालान
रिकॉर्ड के मुताबिक बस फिरोजाबाद आरटीओ कार्यालय में 28 अप्रैल 2026 को रजिस्टर्ड हुई थी, ऑनलाइन ट्रैफिक रिकॉर्ड की पड़ताल में सामने आया कि करीब 11 महीने में बस से 11 बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन हुआ. उसके खिलाफ पुलिस और ट्रैफिक विभाग से मिले डेटा के मुताबिक कुलदीप सड़कों पर बेलगाम बस दौड़ाता था. तेज रफ्तार में गाड़ी दौड़ाना बिना इंडिकेटर दिए खतरनाक तरीके से अचानक लेन बदलना और यमुना एक्सप्रेसवे और नोएडा सेक्टर-168 जैसे व्यस्त रूटों पर मुसाफिरों की जान जोखिम में डालना उसकी आदत बन चुका था. दिल्ली और नोएडा के बीच उसका अलग-अलग स्थानों पर चालान कटा था.
जुलाई में 56 हजार का चालान
बस ड्राइवर कुलदीप के खिलाफ अकेले जुलाई में 56 हजार रुपये के चालान हुए, लेकिन इनका भुगतान नहीं किया गया है. वहीं मई और जून में हुए तीन चालानों का भुगतान किया जा चुका है. यानी दिल्ली में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म जैसी गंभीर घटना में इस्तेमाल इस बस का ट्रैफिक रिकॉर्ड पहले से ही सवाल खड़े करता है. क्योंकि वह नियमों को लगातार ताक पर रखकर बस चला रहा था.
दिल्ली-नोएडा के बीच 4 अगस्त की घटना
दिल्ली और नोएडा के बीच चलती बस में 4 अगस्त को यूपी के मैनपुरी से आई एक नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया था. लड़की नोएडा के परी चौक पर फंसी हुई थी, इसी दौरान वहां से गुजरी स्लीपर बस को उसने हाथ दिया. तिमारपुर पार्किंग की तरफ लौट रहे कुलदीप और उसके कंडक्टर संदीप ने लड़की को अकेला देखकर उसे मदद का झांसा दिया और बस में बैठा लिया. इसके बाद 47 किलोमीटर तक बस चलाकर दोनों ने गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया. रात का समय था और बस में पर्दे लगे हुए थे. आरोपियों ने इसी का फायदा उठाया था. बाद में दोनों ने लड़की को कश्मीरी गेट के पास सुनसान सड़क फेंक दिया और भाग निकले. घटना के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
ये भी पढ़ेंः स्टेयरिंग पर कंबल, गलियारे में चादर.. दिल्ली में जिस बस में नाबालिग से हुई दरिंदगी, सामने आया VIDEO
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं