टीम इंडिया का अगले 2027 विश्व कप का प्लान कुछ दिन पहले ही शुरू हो चुका है. लेकिन उसके साथ ही चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर चर्चा में हैं. खबरें ये आ रही हैं कि इस महीने की समाप्ति के साथ ही उनका कार्यकाल खत्म होने के साथ ही भारत को नया चीफ सेलेक्टर मिल जाएगा. इस रेस में पार्थिव पटेल और प्रज्ञान ओझा के भी नाम चल रहे हैं. अगरकर जुलाई 2023 में बीसीसीआई के मुख्य चयनकर्ता बने थे. तब से भारत ने एक वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल खेला, दो टी20 वर्ल्ड कप जीते. साथ ही, एशिया कप के साथ-साथ चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब भी अपने नाम किया. वहीं, उनके कार्यकाल में विराट कोहली और रोहित शर्मा (टी20आई और टेस्ट से) और रविचंद्रन अश्विन (सभी प्रारूपों से) का संन्यास भी देखने को मिला.
पहले साल से ही हो गए थे बीसीसीआई से मतभेद
यह लगभग एक साल के अंतराल के बाद तेज गेंदबाज की वापसी सीरीज थी. और यह सीरीज घरेलू धरती पर होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी के रूप में काम कर रही थी.
इस खिलाड़ी को कप्तान बनाना चाहते थे अगरकर
अगरकर चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ को कप्तान बनाना चाहते थे, जो उसी वर्ष बाद में आयोजित एशियाई खेलों में भी कप्तान थे. उनका तर्क यह था कि वापसी सीरीज में बुमराह के वर्कलोड को मैनेज किया जाना चाहिए. हालांकि, रिपोर्ट में दावा किया गया कि बोर्ड ने हस्तक्षेप किया और तेज गेंदबाजी के अगुवा बुमराह के पक्ष में फैसला सुनाया. बीसीसीआई का मानना था कि बुमराह 'नेतृत्व करने के इच्छुक थे और इसलिए उन्हें यह अवसर दिया जाना चाहिए.'
पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर जारी ड्रामा और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण के साथ बढ़ते मतभेद ही 2027 वनडे वर्ल्ड कप से पहले मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर और बीसीसीआई के अलग होने की मुख्य वजह बने. और संभवत: उनके फैसले रूपी ताबूत में आखिरी कील यह रही कि अगरकर इंग्लैंड सीरीज की नाकामी पर चर्चा करने और आगे की राह करने के लिए मुंबई में हुई बेहद अहम समीक्षा बैठक में दूर-दूर तक शामिल नहीं हुए.
सचिव ने किया था बचाव
बीसीसीआई सचिव देवाजीत सैकिया ने उनका बचाव किया, लेकिन एक स्तर पर, बोर्ड में कई लोगों का मानना था कि अगरकर को इतनी महत्वपूर्ण बैठक में उपस्थित होना चाहिए था. हालांकि वे दक्षिण अफ्रीका में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के अंत तक पद पर बने रहने के खिलाफ नहीं थे, लेकिन बीसीसीआई ने पिछले एक महीने में ऐसे कई संकेत दिए कि बोर्ड अब यहां से नए चेहरे की तलाश करेगा. सामान्यतः बीसीसीआई किसी ऐसे व्यक्ति को जाने देना पसंद नहीं करेगा जिसकी चयन समिति ने पिछले तीन वर्षों में चार आईसीसी व्हाइट-बॉल टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाली टीमें चुनीं और तीन ट्रॉफियां (दो टी20 वर्ल्ड कप खिताब और एक चैंपियंस ट्रॉफी) जीतीं.
F & Q: Frequently Asked Questions
प्र. 1: मुख्य चयनकर्ता के रूप में अजीत अगरकर के कार्यकाल में भारतीय क्रिकेट टीम की सबसे बड़ी उपलब्धियाँ क्या रहीं?
उत्तर: जुलाई 2023 में पदभार संभालने के बाद अगरकर की चयन समिति का कार्यकाल नतीजों के लिहाज से बेहद सफल रहा। उनके कार्यकाल के दौरान भारतीय टीम ने नीचे लिखे खिताब जीते
दो टी20 वर्ल्ड कप खिताब (2024 और 2026) जीते.
आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब अपने नाम किया.
2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल तक का सफर तय किया.
एशिया कप (2023 और 2025) में खिताबी जीत हासिल की.
प्र. 2: अगरकर के कार्यकाल के दौरान टीम इंडिया के नेतृत्व (कप्तानी) में कौन-कौन से प्रमुख और कड़े बदलाव देखे गए?
उत्तर: अगरकर की चयन समिति ने कप्तानी को लेकर कई बड़े और भविष्यगामी फैसले लिए:-
टी20 कप्तानी: 2024 में रोहित शर्मा के टी20 से संन्यास के बाद उन्होंने हार्दिक पांड्या की जगह सूर्यकुमार यादव को कप्तान बनाया. बाद में टी20 में फॉर्म में गिरावट के बाद कप्तानी श्रेयस अय्यर को सौंपी गई.
वनडे कप्तानी: चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद रोहित शर्मा की जगह युवा शुभमन गिल को वनडे टीम की कमान सौंपी गई.
प्र. 3: अपने कार्यकाल के दौरान अगरकर को किन प्रमुख विवादों और बीसीसीआई (BCCI) के साथ मतभेदों का सामना करना पड़ा?
उत्तर: रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगरकर का पहला बड़ा मतभेद जुलाई 2023 में आयरलैंड दौरे पर जसप्रीत बुमराह को कप्तान बनाने को लेकर हुआ. अगरकर चोट से वापसी कर रहे बुमराह का वर्कलोड मैनेज करने के लिए रुतुराज गायकवाड़ को कप्तान बनाना चाहते थे, लेकिन बोर्ड ने बुमराह के पक्ष में फैसला दिया, इसके अलावा, कोचिंग स्टाफ (वीवीएस लक्ष्मण) के साथ मतभेद और महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकों में उनकी गैर-मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठे,
प्र. 4: अगरकर की चयन नीति में कौन-सी ऐसी सीरीज रहीं, जहां टीम के प्रदर्शन और फैसलों की कड़ी आलोचना हुई?
उत्तर: आईसीसी टूर्नामेंट्स में सफलता के बावजूद घरेलू टेस्ट और द्विपक्षीय सीरीज में कुछ नतीजों पर चयनकर्ताओं को आलोचना झेलनी पड़ी:
न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज (2024): भारत को अपनी ही धरती पर पहली बार 0-3 से करारी शिकस्त मिली.
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (2024-25): ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1-3 से मिली हार में वॉशिंगटन सुंदर और नितीश कुमार रेड्डी जैसे फैसलों पर सवाल उठे।
न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज (2025-26): भारत को अपनी सरजमीं पर पहली बार न्यूजीलैंड से वनडे सीरीज गंवानी पड़ी.
प्र. 5: अगरकर के कार्यकाल में किन वरिष्ठ खिलाड़ियों के दौर का अंत हुआ और किन नए खिलाड़ियों को पहचान मिली?
उत्तर: अगरकर के कार्यकाल को "संक्रमण काल" के रूप में भी जाना जाता है। इस दौरान विराट कोहली, रोहित शर्मा और रवींद्र जडेजा ने टी20 से संन्यास लिया, जबकि आर. अश्विन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा. वहीं दूसरी तरफ, अगरकर की समिति ने यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, वाशिंगटन सुंदर और कुलदीप यादव जैसे युवाओं को तीनों फॉर्मेट में मजबूती से स्थापित करने का काम किया.
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