- देश के कई हिस्सों में तापमान 46 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है.
- भारत मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने और आगे बढ़ने की संभावना जताई है.
- इस साल जून से सितंबर के दौरान मानसून में औसत से कम बारिश होने का पूर्वानुमान El Niño की सक्रियता के कारण है.
देश के कई हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी अपने चरम पर है. कई राज्यों में तापमान 46 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे लोगों का जीना मुश्किल हो गया है. तेज धूप और लू के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं और राहत के लिए बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. इसी बीच मौसम विभाग (IMD) ने अच्छी खबर दी है. विभाग के अनुसार मानसून जल्द ही सक्रिय होने वाला है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है.
Monsoon News : तेजी से आगे की ओर बढ़ रहा है मानसून
दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे भारतीय तट की तरफ आगे बढ़ रहा है. रविवार को भारत मौसम विभाग ने मानसून पर जारी अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा, 'अगले 2-3 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण पश्चिम, दक्षिण पूर्व और पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के शेष भागों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं.'
मौसम संबंधी चेतावनी
— India Meteorological Department (@Indiametdept) May 23, 2026
मुख्य बिंदु
(i) अगले 7 दिनों के दौरान मध्य भारत में, पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत में 23 से 26 मई तक और उत्तर-पश्चिमी भारत में 24 से 29 मई तक उष्ण लहर से लेकर भीषण उष्ण लहर की स्थिति बनी रहने की संभावना है।
(ii) केरल, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, उत्तर-पूर्वी भारत और… pic.twitter.com/SbDLJokFx8
आम तौर पर मॉनसून सीजन 1 जून के आसपास शुरू होता है. लेकिन पिछले साल मानसून 1 जून, 2025 से 8 दिन पहले, 24 मई को ही केरल तट पर पहुंच गया था और मॉनसून ने औसत से 9 दिन पहले 29 जून को ही पूरे देश को कवर कर लिया था. भारत मौसम विभाग ने इस साल जून से सितम्बर के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान देश के अधिकतर हिस्सों में औसत से कम बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है.
Weather Today : औसत से कम बारिश के पूर्वानुमान
Monsoon Mission Climate Forecast System (MMCFS) के आंकलन के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान El Niño conditions विकसित हो सकती हैं. मानसून सीजन - 2026 के दौरान औसत से कम बारिश के पूर्वानुमान की एक अहम वजह El Nino कंडीशंस का जुलाई के बाद सक्रिय होना है. IMD का अनुमान है की कंडीशंस जून तक न्यूट्रल रहेंगे. लेकिन इसके बाद El Nino कंडीशंस के सक्रिय होने का ज्यादा असर मॉनसून की बारिश पर अगस्त और सितंबर महीनों में पड़ने का अंदेशा है.
Aaj Ka Mausam : मानसून सीजन कृषि क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण
दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन कृषि क्षेत्र, विशेषकर कृषि अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, और इसका सीधा असर खरीफ सीजन के दौरान फसलों की बुआई पर पड़ता है. IMD के मुताबिक, भारत में अधिकतर खरीफ फसलों की बुवाई जून और जुलाई महीने में हो जाती है. ऐसे में भारत मौसम विभाग का अनुमान है की इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान औसत से कम बारिश होने का महत्वपूर्ण खरीफ फसलों की बुवाई पर ज्यादा असर नहीं होगा.
भारत मौसम विभाग के पहले Long Range Forecast रिपोर्ट में कहा गया है इस साल जून से सितंबर, 2026 के बीच देशभर में Long Period Average का 92 फ़ीसदी बारिश होने की संभावना है. रिपोर्ट के मुताबिक, देश के अधिकतर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है, हालाँकि नार्थ-ईस्ट, उत्तर-पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक बारिश होने का पूर्वानुमान है. अब भारत मौसम विभाग दक्षिण-पश्चिम मॉनसून को लेकर दूसरा लॉन्ग रेंज फोरकास्ट रिपोर्ट मई के अंत में जारी करेगा.
ब्रह्मपुरी देश का सबसे गर्म स्थान रहा
महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र का ब्रह्मपुरी 47.2 डिग्री सेल्सियस के साथ देश का सबसे गर्म स्थान रहा. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी. हालांकि, मौसम विभाग ने 29 मई से गर्मी से धीरे-धीरे राहत मिलने का अनुमान लगाया है. आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान में कहा, ‘‘अगले सात दिनों तक मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में तथा अगले 3-5 दिनों तक पूर्वी और उससे सटे प्रायद्वीपीय भारत में लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है.''
इन राज्यों में बारिश का अलर्ट
केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में अगले कुछ दिनों तक जोरदार बारिश की संभावना जताई गई है. पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा के साथ ही पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार में भी अगले 4-5 दिनों में भारी बारिश हो सकती है. पिछले 24 घंटे में भी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और असम-मेघालय में भारी बारिश दर्ज हुई, जबकि बिहार, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा के कुछ इलाकों में भी जोरदार वर्षा हुई.
मानसून अपडेट और बारिश का अलर्ट
उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश, गरज और बिजली के साथ तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) चलने की संभावना है. वहीं पश्चिम भारत में कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है. कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है.
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में पहले तापमान बढ़ेगा, लेकिन इसके बाद इसमें गिरावट देखने को मिल सकती है. पूर्वी भारत और तेलंगाना में भी आने वाले दिनों में तापमान कम होने की उम्मीद है, जबकि देश के अन्य हिस्सों में ज्यादा बदलाव नहीं होगा. इस बीच यूपी, मध्य प्रदेश, विदर्भ, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर और अन्य कई राज्यों में लू और भीषण गर्मी का असर बना रहेगा. कुछ जगहों पर उमस भरी गर्मी और गर्म रातों की भी चेतावनी दी गई है.
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