फरीदाबाद: क्राइम ब्रांच के हाथ लगी बड़ी कामयाबी, 48 घंटे में मनोज भाटी हत्याकांड का खुलासा

23 दिसंबर को हुए मनोज भाटी हत्याकांड में क्राइम ब्रांच की टीम के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है.

फरीदाबाद: क्राइम ब्रांच के हाथ लगी बड़ी कामयाबी, 48 घंटे में मनोज भाटी हत्याकांड का खुलासा

बहुचर्चित हत्याकांड के आरोपी और क्राइम ब्रांच की टीम

फरीदाबाद:

23 दिसंबर को हुए मनोज भाटी हत्याकांड में क्राइम ब्रांच की टीम के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है. फरीदाबाद सेक्टर 30 के प्रभारी इंस्पेक्टर विमल राय और उनकी टीम ने आरोपियों को सूरजकुंड स्थित खूनी झील के पास छिपने के लिए बनाये हुए गुप्त ठिकाने से गिरफ्तार कर बहुचर्चित मनोज भाटी हत्याकांड की गुथी को मात्र 48 घंटे में सुलझा लिया. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मांगर के अशोक उर्फ़ पाटिल पुत्र पेमी, नंगला एन्क्लेव पार्ट 2 के विकास हरसाना पुत्र कमल, आया नगर दिल्ली के सोनू पुत्र विजेंदर और अनंगपुर के धर्मेन्द्र पुत्र बदलू राम का नाम शामिल है. 


वारदात के बाद पुलिस की सभी क्राइम ब्रांच अलग-अलग टारगेट पर काम कर रही थी, 48 घंटे के अंदर ही 4 अपराधियों को गिरफ्तार करने में क्राइम ब्रांच के हाथ बड़ी सफलता लगी. पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि हत्या का कारण बंधवाड़ी गांव स्थित कूडा डंपिंग स्टेशन का ठेका था. हत्या के समय आरोपी विकास, कोरोला गाडी चला रहा था और आरोपी अशोक उर्फ़ पाटिल कार में मनोज मांगरिया के साथ मौजूद था. 

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आपको बता दें कि साल 23 दिसंबर को मनोज भाटी की ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी. मनोज भाटी, तिगांद विधानसभा सीट से लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के टिकट पर चुनाव भी लड़ चुके हैं. पूछताछ पर सामने आया कि मुख्य आरोपी विकास और अशोक को करीब 20 दिन पहले मनोज मांगरिया ने अपने ठिकाने पर बुलवाया था, वहीं अन्य लोगों की मौजूदगी में मनोज भाटी हत्याकांड की साजिश रची गई थी. हत्या के बाद सभी आरोपी दो कारों में सवार होकर यमुना की तरफ भागे, पुलिस को गुमराह करने के इरादे से उन्होंने अपनी कारों को रास्ते में तिंगाव इलाके में छोड़ दिया.