महाराष्ट्र में साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर टीम को बड़ी सफलता मिली है. देश के अब तक के सबसे बड़े “डिजिटल अरेस्ट” फ्रॉड मामले में ठगी का शिकार हुए पीड़ित को 2 करोड़ रुपये की पहली किस्त वापस की गई है. अदालत के आदेश के बाद यह रकम रिफंड के रूप में पीड़ित को सौंपी गई. हाई-प्रोफाइल मामले में ठगों ने पीड़ित से कुल 58 करोड़ 13 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी. महाराष्ट्र साइबर ने BNS और आईटी एक्ट की कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था.
पहली राहत कैसे मिली
महाराष्ट्र साइबर की लगातार और तकनीकी तौर पर गहन जांच, पैसों के डिजिटल ट्रेल की बेहद बारीकी से पड़ताल की. बैंकों से समन्वय और समय पर की गई कानूनी कार्रवाई की वजह से यह रकम रिकवर कर पाना संभव हुआ. जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से जुड़ी कई अन्य संपत्तियों की पहचान की गई, जिन्हें अब फ्रीज कर दिया गया है. अदालत की अनुमति मिलने के बाद इन्हें भी रिकवरी प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा, ताकि पीड़ित को आगे और रकम वापस दिलाई जा सके.
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फरार आरोपी पर 3 लाख का इनाम
इस मामले का एक प्रमुख आरोपी देवेंद्र सैनी अभी तक फरार बताया जा रहा है. इस मामले की जांच में खुलासा हुआ कि वह पूरे गिरोह का मुख्य ऑपरेशनल हैंडलर था. उसकी गिरफ्तारी के लिए Maharashtra Cyber ने 3 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है. पुलिस ने कहा है कि जो भी व्यक्ति उसकी गिरफ्तारी में मददगार पुख्ता जानकारी देगा, उसे यह इनाम दिया जाएगा.
जांच जारी, जल्द होगी गिरफ्तारी
महाराष्ट्र साइबर का कहना है कि इंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन, तकनीकी जांच और जनता की मदद से फरार आरोपी को जल्द पकड़ लिया जाएगा. विभाग ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.
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