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'धड़कनें तेज, पैनिक अटैक से सिकुड़ जाता था चेहरा', शराब की लत से तलाक तक, युजवेंद्र चहल ने सुनाई सबसे मुश्किल दौर की कहानी

आईपीएल इतिहास के सबसे सफल गेंदबाज युजवेंद्र चहल ने शराब की लत, तलाक, एंग्जायटी और पैनिक अटैक से जुड़ी अपनी निजी लड़ाई पर खुलकर बात की.

'धड़कनें तेज, पैनिक अटैक से सिकुड़ जाता था चेहरा', शराब की लत से तलाक तक, युजवेंद्र चहल ने सुनाई सबसे मुश्किल दौर की कहानी
युजवेंद्र चहल ने सुनाई जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर की कहानी

अगर आप आईपीएल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी को खोजेंगे, तो युजवेंद्र चहल का नाम सबसे ऊपर आता है. 188 मैचों में 233 विकेट लेकर वह इस सूची में शीर्ष पर हैं. इस सूची में जसप्रीत बुमराह, सुनील नरेन, रविचंद्रन अश्विन और लसिथ मलिंगा जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी शामिल हैं. हालांकि, चहल का करियर कई विरोधाभासों से भरा रहा है. उन्होंने 72 वनडे में 121 विकेट और 80 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 96 विकेट लिए हैं, लेकिन उन्हें टेस्ट क्रिकेट खेलने का एक भी मौका नहीं मिला. निजी जिंदगी में भी हमेशा खुशमिजाज नजर आने वाले चहल को कई मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा. शराब की लत, तलाक और लगातार लोगों की नजरों में रहना, चहल ने इन सभी चुनौतियों का सामना किया है.

36 वर्षीय चहल ने हाल ही में भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा के पॉडकास्ट में इन सभी मुद्दों पर खुलकर बात की. पॉडकास्ट के दौरान चोपड़ा ने पूछा, "यूजी, तुम वह इंसान हो जिसने हमेशा सबको हंसाया है. मैदान पर तुम हमेशा ऊर्जा से भरे रहते हो, लेकिन जब तुम अपनी निजी जिंदगी में मुश्किलों से गुजर रहे थे, तब क्या कोई तुम्हारे साथ था? यह जिंदगी का सबसे बुरा दौर होता है. निजी जिंदगी में जब कोई संकट आता है, तो उससे मिलने वाले भावनात्मक घाव बिल्कुल अलग होते हैं. ऐसे घाव, जो पेशेवर जिंदगी की मुश्किलों से कहीं ज्यादा गहरे होते हैं."

चहल ने जवाब दिया, "मेरे सबसे अच्छे दोस्त और मेरा परिवार मेरे साथ थे."

इसके बाद चोपड़ा ने पूछा, "तो तुमने शराब छोड़ने का फैसला कब लिया?"

चहल ने बताया, "पिछले साल काउंटी क्रिकेट के बाद. बात हद से ज्यादा बढ़ गई थी, इसलिए मैं एक रिहैब सेंटर चला गया और वहां 26 दिन रहा. अब मुझे पता है कि इसे कैसे संभालना है. उस फैसले से मेरी निजी जिंदगी में बहुत बड़ा बदलाव आया. मेरी समझदारी बढ़ी है. अब मेरी भावनाएं संतुलित हैं. पिछले आईपीएल में मुझे ऐसा लगा जैसे मैं फिर से 30 साल का हो गया हूं. मैं जिम में मेहनत कर रहा था, फील्डिंग की प्रैक्टिस कर रहा था और सही तरीके से ट्रेनिंग कर रहा था."

चोपड़ा ने फिर पूछा, "लेकिन इसकी शुरुआत कैसे हुई और क्यों?"

चहल ने कहा, "शुरुआत में मैं काफी युवा था. तब पार्टियां हुआ करती थीं. 2011 में मैंने अपना पहला आईपीएल खेला था. एक बार एबी डिविलियर्स ने मुझसे कहा था, 'जिंदगी में संतुलन बहुत जरूरी है.' यह सुनने में आसान लगता है, लेकिन ऐसा है नहीं. मेरे तलाक के बाद चीजें हद से ज्यादा बढ़ गई थीं और मेरी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी. मुझे एहसास हुआ कि अगर मैं इसी रास्ते पर चलता रहा, तो मैं उसी चीज को बर्बाद कर दूंगा जिससे मुझे सबसे ज्यादा प्यार है, यानी क्रिकेट. इसलिए मैंने इन सब पर लगाम लगाई और अब मैं पहले से कहीं ज्यादा खुश और बेहतर स्थिति में हूं."

इंटरव्यू के एक अन्य हिस्से में चहल से उनकी निजी जिंदगी के सार्वजनिक हो जाने और उस पर उनकी प्रतिक्रिया के बारे में पूछा गया.

उन्होंने कहा, "जब आप एक सार्वजनिक व्यक्ति होते हैं, तो आपकी जिंदगी में जो कुछ भी होता है, उस पर लोगों को टिप्पणी करने का मौका मिल जाता है. मुझे बुरा लगा और मुझे कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा. इसका असर मेरे क्रिकेट पर भी पड़ा. उस साल मैंने दो व्हाइट बॉल मैच खेले, लेकिन उसके बाद टी20 नहीं खेला क्योंकि मेरा मानसिक स्तर ठीक नहीं था. मैं पूरी तरह तैयार नहीं था और मैं नहीं चाहता था कि मेरी वजह से टीम को कोई नुकसान हो."

चहल ने आगे बताया, "मैंने अनिरुद्ध सर से बात की और ब्रेक मांगा. उन्होंने मुझे पूरा समर्थन दिया. फिर मैंने सोचा कि मैं कब तक इस बोझ को ढोता रहूंगा. मेरी जिंदगी में एंग्जायटी और पैनिक अटैक आने लगे थे."

जब उनसे पैनिक अटैक के बारे में पूछा गया तो चहल ने कहा, "एंग्जायटी में ऐसा होता है कि दिल की धड़कनें तेज हो जाती हैं. मेरे मामले में पैनिक अटैक के दौरान मेरा चेहरा सिकुड़ जाता था. मैं बोल भी नहीं पाता था. मेरे होंठ खिंचकर एक तरफ हो जाते थे, जिससे लोगों को पता चल जाता था कि कुछ तो गड़बड़ है. तब मुझे पहली बार एहसास हुआ कि एंग्जायटी कितनी गंभीर हो सकती है. फिर मुझे समझ आया कि सोशल मीडिया पर लोग बहुत कुछ कहेंगे. इसलिए बेहतर था कि मैं आईपीएल पर ध्यान दूं."

उन्होंने आगे कहा, "जब मामला धीरे-धीरे शांत हुआ तो मैंने इसे पीछे छोड़ने का फैसला किया. सोशल मीडिया पर बातें होती ही रहेंगी. आप हर किसी का मुंह बंद नहीं कर सकते. इसलिए मैंने नई शुरुआत करने का फैसला किया. पंजाब किंग्स के साथ पहले साल में, जब उन्होंने मुझ पर 18 करोड़ रुपये खर्च किए, तो मुझे लगा कि उन्होंने मुझ पर भरोसा करके इतनी बड़ी रकम लगाई है, इसलिए मैं उन्हें निराश नहीं कर सकता. केकेआर के खिलाफ मैच में 111 रन के स्कोर का बचाव करते हुए मुझे एहसास हुआ कि अब मुझे जिम्मेदारी लेनी होगी."

आईपीएल 2025 सीजन से पहले पंजाब किंग्स ने चहल को अपनी टीम में शामिल किया था. आईपीएल 2025 में उन्होंने 16 विकेट लिए थे, जबकि 2026 सीजन में उनके नाम 12 विकेट दर्ज रहे.

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