Coach Rajkumar on Virat Kohli Comeback in Test cricket: भारत के अनुभवी बल्लेबाज़ विराट कोहली ने अपने टेस्ट और T20I करियर को अलविदा कह दिया है और अब एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के तौर पर सिर्फ ODI फॉर्मेट में ही सक्रिय हैं. इस स्टार खिलाड़ी ने T20 फॉर्मेट के सबसे ऊंचे स्तर से तब संन्यास लिया, जब भारत ने 2024 में T20 वर्ल्ड कप जीता था. एक साल बाद, कोहली ने खेल के सबसे लंबे फॉर्मेट को भी छोड़ने का फ़ैसला किया, जो काफ़ी चौंकाने वाला था. इस खिलाड़ी का रेड-बॉल क्रिकेट के प्रति अटूट प्रेम किसी से छिपा नहीं है. इसके अलावा, उनकी जबरदस्त फ़िटनेस को देखते हुए टेस्ट क्रिकेट छोड़ने के उनके फ़ैसले पर और भी ज्यादा हैरानी जताई गई.
टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद से, कोहली के इस कदम को लेकर काफी चर्चाएं हुई हैं. कुछ विशेषज्ञों और पूर्व क्रिकेटरों ने तो यह भी राय दी है कि इस खिलाड़ी को अपना फैसला बदलकर (U-turn लेकर) खेल के सबसे लंबे फ़ॉर्मेट में वापस आ जाना चाहिए. मौजूदा हालात को देखते हुए, कोहली अभी टेस्ट और T20I क्रिकेट से दूर ही हैं. हालांकि, उनके बचपन के कोच राजकुमार शर्मा की हालिया टिप्पणी ने कोहली के प्रशंसकों में उम्मीद की एक नई किरण जगा दी है.
भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल टेस्ट कप्तान विराट कोहली के 'सफेद जर्सी' (टेस्ट क्रिकेट) को अलविदा कहने के बाद भी फैंस का दिल यह मानने को तैयार नहीं है. प्रशंसक आज भी उन्हें लाल गेंद के सामने बल्लेबाजी करते देखना चाहते हैं. इस बीच, विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसने करोड़ों क्रिकेट फैंस की उम्मीदों को एक बार फिर जगा दिया है.
कोच राजकुमार शर्मा ने 'एक्सप्रेस कैफे' पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान बताया कि फैंस लगातार उनसे विराट को मनाने की गुजारिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा, "विराट कोहली के कई कट्टर प्रशंसकों ने मुझसे आकर कहा है कि 'सर, प्लीज आप उनसे टेस्ट क्रिकेट में वापस आने के लिए कहिए, क्योंकि वह आपकी बात कभी नहीं टालेंगे और आपकी बात जरूर सुनेंगे.'"
जब पॉडकास्ट में राजकुमार शर्मा से सीधा सवाल पूछा गया कि क्या उन्होंने सच में विराट कोहली को टेस्ट क्रिकेट में वापस लौटने के लिए मनाने की कोई कोशिश की है? तो कोच ने मुस्कुराते हुए एक बड़ा संकेत दिया. उन्होंने जवाब देते हुए कहा, "इस बारे में हमारी बात तो हुई है, अब देखते हैं आगे क्या होता है." उनके इस छोटे से बयान ने क्रिकेट गलियारों में हलचल तेज कर दी है.
टेस्ट क्रिकेट में छोड़ गए हैं एक ऐसी विरासत
आधुनिक युग के महानतम खिलाड़ी विराट कोहली ने जब टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया, तो लाल गेंद वाले खेल का एक स्वर्णिम अध्याय समाप्त हो गया. विराट ने टेस्ट मैचों के प्रति न सिर्फ भारतीय टीम का, बल्कि पूरी दुनिया का नजरिया बदल कर रख दिया था. उन्होंने अपने पीछे रिकॉर्ड्स की एक ऐसी गगनचुंबी विरासत छोड़ी है जिसे आने वाली कई पीढ़ियां याद रखेंगी.
विराट कोहली ने अपने शानदार टेस्ट करियर में 123 मैच खेले और 9,230 रन बनाए. लेकिन उनकी विरासत सिर्फ इन आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी असली विरासत वह आक्रामक सोच और विजन है जिसने भारतीय टीम को दुनिया के हर कोने में जीतना सिखाया और भारत को खेल के सबसे लंबे फॉर्मेट में एक वैश्विक ताकत बना दिया. अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या अपने गुरु की बात मानकर विराट फैंस को कोई बड़ा सरप्राइज देते हैं या नहीं.
2011 में डेब्यू करने वाले एक युवा और आक्रामक बल्लेबाज़ से लेकर टेस्ट क्रिकेट में भारत की निडरता का प्रतीक बनने तक, कोहली का सफ़र लगातार बेहतरीन प्रदर्शन से भरा रहा है.
कोहली की कप्तानी ने भारतीय टेस्ट क्रिकेट की संस्कृति को ही बदल दिया. उन्होंने 68 मैचों में भारत की कप्तानी की, जिनमें से 40 में जीत हासिल की, 17 में हार का सामना करना पड़ा और 11 मैच ड्रॉ रहे - उनका जीत का प्रतिशत 58.82% रहा, जो किसी भी भारतीय कप्तान का अब तक का सबसे बेहतरीन रिकॉर्ड है.
उनके करियर का सबसे गौरवशाली पल 2018-19 में आया, जब उन्होंने भारत को ऑस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट सीरीज़ जिताई और 71 साल पुराने सूखे को खत्म किया. कोहली की कप्तानी में, भारत अपने घरेलू मैदानों पर एक अजेय शक्ति बन गया और विदेशी दौरों पर भी एक बेहद मज़बूत और प्रतिस्पर्धी टीम के तौर पर उभरा. 2016 से 2021 तक, भारत ICC टेस्ट रैंकिंग में नंबर 1 के स्थान पर बना रहा, और उन्होंने 2021 में आयोजित पहली वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल तक भी टीम को पहुंचाया.
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