इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान क्रिकेट की हुई दुर्दशा के बाद से पाकिस्तान क्रिकेट में बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है.सोमवार को दिन में रिपोर्ट्स आई कि बोर्ड मोहम्मद रिजवान और इमाम उल हक को वापस बुलाएगा, लेकिन रात होते होते बोर्ड ने ना सिर्फ इन दो खिलाड़ियों को बल्कि पांच अन्य खिलाड़ी और दो कोच की भी छुट्टी कर दी. पीसीबी के इस फैसले पर कई सवाल उठे. इसके कुछ घंटों बाद चीफ सेलेक्टर मिस्बाह उल हक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. हालांकि, बोर्ड ने उनका रिजाइन स्वीकार नहीं किया था. लेकिन अब इस मामले में एक नई खबर सामने आई है. दावा है कि रिजवान और इमाम उल हक के सेलेक्शन को लेकर सेलेक्शन कमेटी से जवाब मांगा गया था. चयनकर्ताओं के पास इसके लिए 24 घंटे थे. लेकिन इस बीच पाकिस्तान के पूर्व कप्तान के इस्तीफे की खबर आ गई.
जियो टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के दौरे के लिए कुछ खिलाड़ियों के चयन पर स्पष्टीकरण मांगा था. PCB ने चयन समिति के सदस्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया, जिसमें असल में इमाम-उल-हक और मोहम्मद रिज़वान को चुनने के चयनकर्ताओं के फैसले को चुनौती दी गई है.
आकिब जावेद, मिसबाह-उल-हक, सरफराज अहमद और असद शफीक जैसे मशहूर पूर्व खिलाड़ियों वाली चयन समिति को जवाब देने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया था.
PCB के नोटिस में खास तौर पर 2 जून, 2026 को हुई सिलेक्शन कमिटी की मीटिंग का जिक्र किया गया. इस मीटिंग में सदस्यों को वेस्ट इंडीज़ और इंग्लैंड के दौरों के लिए टेस्ट टीम के खिलाड़ियों पर विचार करने और उन्हें चुनने का काम सौंपा गया था.
PCB के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर सुमैर अहमद ने सेलेक्टर्स से पूछा था,"सक्षम अधिकारी की सलाह के अनुसार, आपसे अनुरोध है कि आप उन दो खिलाड़ियों के चयन के आधार और तर्क के बारे में स्पष्टीकरण दें, जिसमें चयन के संबंधित मानदंड, प्रदर्शन पर विचार और चयन प्रक्रिया के दौरान ध्यान में रखे गए अन्य कारक शामिल हों."
पीसीबी ने लॉर्ड्स टेस्ट में मिली हार के बाद यह कदम उठाया था. इससे पहले बोर्ड ने सीरीज के बीच में ही इंग्लैंड से सात खिलाड़ियों को वापस बुला लिया और हेड कोच सरफ़राज़ अहमद समेत कुछ कोचों को भी हटा दिया. चयनकर्ताओं से उनके चयन के कारणों और चयन प्रक्रिया के बारे में बताने को कहा गया है, और उन्हें इस नोटिस को "अत्यंत ज़रूरी और महत्वपूर्ण" मानने के लिए कहा गया है.
क्रिकेट प्रशासन में व्यक्तिगत मामलों में चयन समिति के फैसले और विवेक पर सवाल उठाना दुर्लभ है. लेकिन पाकिस्तान का इतिहास ऐसे उदाहरणों से भड़ा पड़ा है, जब खिलाड़ियों को चुनने में नियमों का पालन नहीं किया गया हो.
इमरान खान चयन के मामलों में चयनकर्ताओं और कभी-कभी बोर्ड की बात न मानने के लिए जाने जाते थे, और इंजमाम-उल-हक इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं. चयनकर्ताओं की आपत्तियों को दरकिनार करते हुए इमरान के ज़ोर देने पर इंजमाम को चुना गया था, और उन्होंने पाकिस्तान की 1992 विश्व कप जीत में अहम योगदान देकर सभी को चौंका दिया था.
लॉर्ड्स में बाबर आज़म की टीम के 194 रनों से हारने के बाद इमाम और रिज़वान के अलावा सलमान अली आगा, अली उस्मान, आमिर जमाल, मुहम्मद अवैस ज़फ़र और खुर्रम शहज़ाद को इंग्लैंड से घर लौटने के लिए कहा गया था. बर्मिंघम में 9 सितंबर से शुरू होने वाले तीसरे और अंतिम टेस्ट के लिए इन सातों की जगह नए खिलाड़ियों को शामिल किया गया है.
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