DPL controversy, Who is Dev Chaudhary: दिल्ली प्रीमियर लीग में 'फर्जीवाड़ा' का पता चला है जिसको लेकर बातें हो रही है. दरअसल, देव चौधरी नाम के क्रिकेटर को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है. जिसके कारण दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट्स क्रिकेट एसोसिएशन जांच के घेरे में है और अब DDCA, दिल्ली प्रीमियर के एक विवादित नियम की समीक्षा करेगा. यह कदम तब उठाया गया है जब क्रिकेटर देव चौधरी को 'नई दिल्ली टाइगर्स' की टीम में शामिल किए जाने के बाद स्थानीय क्रिकेट संस्था के भीतर भ्रष्टाचार और बदनामी के आरोप लगे हैं.
दरअसल, जिस खिलाड़ी की बात हो रही है, उसने ओपनर के तौर पर 2 मैच खेले, उसने 'साउथ दिल्ली सुपरस्टार्स' के खिलाफ 2 गेंदों पर 0 रन और 'वेस्ट दिल्ली लायंस' के खिलाफ 24 गेंदों पर 16 रन बनाए. 'वेस्ट दिल्ली लायंस' के खिलाफ खेली गई उसकी पारी ने कई सवाल खड़े कर दिए, क्योंकि बैटर का बैटिंग स्टांस अजीब था और वह एक भी जोरदार शॉट नहीं खेल पा रहे थे. पावरप्ले में स्पिनर के खिलाफ लगातार 5 डॉट बॉल खेलने की वजह से खिलाड़ी, कोच और अधिकारी दबी जबान में यह सवाल उठाने लगे कि आखिर देव 'प्लेइंग इलेवन' का हिस्सा कैसे बने.
This fraud Dev Chaudhary can't even hold bat properly but he is still playing in Delhi premier league 😭🤣
— JB (@93Yorker) August 25, 2026
- look at the non striker reaction 😂😭 pic.twitter.com/qyj1UKi0bm
He Is Dev Chaudhry son of a big businessman in Delhi. Just look at his running and catching technique here. He doesn't even seem to know how to run properly, yet he is selected and playing in the Delhi Premier League 🤦♂️
— ElysiumCricket (@CricketElysium) August 25, 2026
Meanwhile, so many genuinely talented players go to waste… pic.twitter.com/F7t52h8d07
A new video has surfaced showing Dev Chaudhary, the player accused of securing a spot in the Delhi Premier League through improper means, drops a catch and started shouting at his coach 😂
— Richard Kettlebourogh Fans (@RichKettle07) August 25, 2026
A must watch video 👇🏻 pic.twitter.com/svWbs1R5TX
DPL के नियम पर सवाल
इस सीजन में DPL के 'टूर्नामेंट नियमों' के तहत सभी 8 फ्रेंचाइजी को नीलामी के बाहर अपनी पसंद के 3 खिलाड़ी चुनने की इजाजत दी गई थी, जिसके लिए कम से कम DDCA लीग में 5 मैच खेलने की शर्त थी. लेकिन DDCA की एपेक्स काउंसिल के कई सदस्यों ने इस नियम का समर्थन नहीं किया क्योंकि उन्हें डर था कि इससे काफी भ्रष्टाचार हो सकता है.रिपोर्ट में ये भी बातें सामने आ रही है कि एपेक्स काउंसिल के चार सदस्यों..वकील श्याम शर्मा और सीनियर सदस्य मंजीत सिंह, हरीश सिंगला और शिखा कुमार ने इस नए नियम का विरोध किया था. उन्हें डर था कि इससे ऐसे खिलाड़ियों को भी खेलने का मौका मिल सकता है जो इसके लायक नहीं हैं. फिर भी, कुछ प्रभावशाली अधिकारियों के कहने पर यह नियम पास कर दिया गया था.
कौन है देव चौधरी
देव चौधरी के क्रिकेट करियर के बारे में बस इतना ही पता है कि उन्हें एक बार दिल्ली U-19 ट्रायल्स के लिए बुलाया गया था, जिसमें सैकड़ों दूसरे खिलाड़ी भी शामिल थे. DPL के लिए क्वालिफ़ाई करने के लिए उन्होंने जिस क्लब से DDCA लीग मैच खेले, वह 'स्पोर्टिंग क्लब' है. इसी क्लब से भारत के तेज़ गेंदबाज प्रिंस यादव भी खेल चुके हैं. बता दें कि देव चौधरी का किसी सीनियर लेवल कोई अनुभव नहीं है. 2021 के DDCA ट्रायल डॉक्यूमेंट में उन्हें अंडर-19 स्तर पर एक ऑलराउंडर के तौर पर दिखाया गया है, जो मिडिल ऑर्डर में बैटिंग और राइट-आर्म फास्ट बॉलिंग करते हैं.
खुद पर लगे आरोपों पर देव चौधरी ने भी कमेंट किया है. उन्होंने ‘अनफिल्टर्ड क्रिकेट लौंडा' यूट्यूब चैनल को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि "उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि लोग उनके बारे में क्या कह रहे हैं. वह शुरू से ही इसी तरह से बैट पकड़ते आए हैं. और उनका यह तरीका हमेशा कारगर रहा है".
🔴DEV CHOUDHARY BREAK SILENCE ON VIRAL ALLEGATIONS 🤯
— Sam (@cricsam02) August 26, 2026
🎙️: He has denied claims that he never played any league cricket before entering the DPL auction. He says he played T20 league matches for Sporting Club, featuring in 8–7 matches, and his name was also listed in the auction.… https://t.co/rsZAjzUBnb pic.twitter.com/N1KI7xRRBQ
गलत इस्तेमाल और भ्रष्टाचार के आरोप से डीपीएल में मचा बवाल
एपेक्स काउंसिल के सदस्य और जाने-माने वकील श्याम शर्मा ने PTI से बातचीत में यह आरोप लगाया, उन्होंने कहा, "यह बहुत शर्मनाक बात है. मैंने ही सबसे पहले इस नियम के खिलाफ आवाज उठाई थी. उन्होंने एक नियम बनाया था कि बिना नीलामी के DPL में जगह पाने के लिए DDCA लीग के पांच मैच खेलना ही काफी होगा. मैंने फोरम पर पूछा था कि अगर कोई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन नहीं करता है और फिर भी उसे चुन लिया जाता है, तो क्या होगा? देव चौधरी का मामला तो सामने आ गया है, लेकिन ऐसे कई खिलाड़ी हैं जो सिफारिश के दम पर टीमों में आए हैं."
विराट कोहली के कोच पर सवाल
इस टीम के कोच द्रोणाचार्य अवॉर्ड पाने वाले और भारत के बेहतरीन बल्लेबाज विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार हैं, और बंटू सिंह असिस्टेंट कोच हैं।. PTI ने राजकुमार को कई WhatsApp मैसेज और कॉल करके यह जानना चाहा कि एक कम मशहूर लीग क्रिकेटर, जिसने दिल्ली लीग मैचों में स्पोर्टिंग क्लब के लिए खेला था और कोई खास प्रदर्शन नहीं किया था, उसे राज्य-स्तर की टॉप T20 लीग की प्लेइंग XI में जगह कैसे मिली, जहां IPL स्काउट्स अच्छे टैलेंट की तलाश में मैच देखने आते हैं, लेकिन राजकुमार ने कोई जवाब नहीं दिया है.
(PTI के इनपुट के साथ)
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