गुरुवार को अरुण जेटली स्टेडियम में 26,230 दर्शकों के सामने बाएं हाथ के ओपनर अभिषेक शर्मा ने कमाल कर दिया.उन्होंने सिर्फ 30 गेंदों में शतक ठोका. यह टेस्ट खेलने वाले देश के किसी खिलाड़ी द्वारा सबसे तेज टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक और भारत के पुरुष बल्लेबाज द्वारा सबसे तेज शतक है. उनके शतक के दम पर भारत ने तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय में अफगानिस्तान को 127 रनों से रौंदते हुए सीरीज 3-0 से अपने नाम की. अभिषेक को उनकी पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब दिया गया. इसके बाद उन्होंने कहा कि एक या दो सीरीज में खराब प्रदर्शन टीम इंडिया की बैटिंग यूनिंग को डिफाइन नहीं करती.
अभिषेक ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
अगर रविवार को अभिषेक ने जबरदस्त फिफ्टी लगाकर अपनी फॉर्म में वापसी का संकेत दिया था, तो गुरुवार ने कोई शक नहीं छोड़ा. शतक तक पहुंचनेके दौरान बाएं हाथ के इस ओपनर ने कई रिकॉर्ड तोड़े.उन्होंने 2017 में श्रीलंका के ख़िलाफ़ रोहित शर्मा के 35 गेंदों में बनाए गए सबसे तेज़ भारतीय शतक के रिकॉर्ड को बेहतर किया और ओवरऑल लिस्ट में एस्टोनिया के साहिल चौहान (27 गेंद) और तुर्की के मुहम्मद फ़हद (29 गेंद) के बाद तीसरे स्थान पर आ गए.
बल्लेबाजी के लिए आसान पिच पर अभिषेक ने ज़बरदस्त पावर और टाइमिंग दिखाते हुए 34 गेंदों में शानदार 108 रन बनाए. उन्होंने 317.65 के स्ट्राइक रेट से नौ चौके और ग्यारह छक्के जड़े, जिसमें से 102 रन सिर्फ़ बाउंड्री से आए. उनकी तूफ़ानी पारी की बदौलत भारत पावरप्ले के आखिर में 100/0 पर था, और आखिर में थोड़ी लड़खड़ाहट के बावजूद, टीम 220 के आंकड़े को पार करने में सफल रही. उन्हें संजू सैमसन के रूप में एक अच्छा साथी मिला, जिन्होंने 35 गेंदों में 50 रन बनाए - इस सीरीज़ में यह उनकी लगातार दूसरी फिफ्टी थी - और दोनों ने मिलकर ओपनिंग में 142 रन जोड़े.
'एक-दो खराब सीरीज से पहचान तय नहीं होगी'
प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब मिलने के बाद अभिषेक ने पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में कहा,"मैंने पहले इंटरव्यू में भी कहा था, क्योंकि हम पिछले दो साल से ऐसा कर रहे हैं, और मैंने पहले भी कहा था कि एक-दो खराब सीरीज़ से हमारी बैटिंग यूनिट की पहचान तय नहीं होगी, क्योंकि हम वर्ल्ड कप से पहले पूरे साल दबदबा बनाए रखना चाहते थे, चाहे हम किसी के भी खिलाफ खेल रहे हों. लेकिन मुझे लगता है कि एक बैटर और क्रिकेटर के तौर पर, कभी-कभी उतार-चढ़ाव आते ही हैं."
बाएं हाथ के बल्लेबाज ने आगे कहा,"टीम के ड्रेसिंग रूम का माहौल और हम सब जिस तरह से सोचते हैं, वह बहुत ज़रूरी है, क्योंकि उस समय हमें एक यूनिट बनकर रहना होता है, अगले गेम पर फोकस करना होता है और अपना दबदबा बनाए रखना होता है."
गेंदबाजों की धुनाई का गेम प्लान पर किया खुलासा
वहीं जब उनके पूछा गया कि जब वह गेंदबाजों की धुनाई करते हुए तो दिमाग में क्या चल रहा होता है? इस पर अभिषेक ने कहा,"मुझे लगता है कि यह सब उस प्रोसेस पर निर्भर करता है जिसे मैं हर सीरीज़ से पहले फॉलो करता हूं.मेरे लिए यह बहुत अहम होता है कि मैं किसके खिलाफ खेलने जा रहा हूं.और बॉलर्स कौन होंगे. तो एक बैटर के तौर पर, मेरे लिए हमेशा प्रोसेस ही अहम रहा है. मैं पावरप्ले का इस्तेमाल कैसे करूंगा, पावरप्ले में मुझे कौन बॉलिंग करेगा, और फिर सातवें-आठवें ओवर में क्या होगा. मेरे लिए ये सब बहुत अहम होता है."
अभिषेक ने अपनी बैटिंग को लेकर आगे कहा,"मुझे लगता है कि जब आप किसी खास तरीके से खेलना चाहते हैं, तो यह बहुत ज़रूरी है कि कप्तान और कोच आपके साथ हों, क्योंकि आपको मैनेजमेंट, कोच और कप्तान से भरोसा मिलना चाहिए. इसलिए मुझे लगता है कि उन्हीं की वजह से हम पिछले कुछ सालों से ऐसा कर पा रहे हैं. और उम्मीद है कि हम इसे आगे भी जारी रखेंगे."
विस्फोटक ओपनर ने आगे कहा,"मैं बस जाकर खुलकर खेलना चाहता हूं, और गेंद पर ज़बरदस्ती शॉट नहीं मारना चाहता. बस गेंद को देखना है और हिट करना है, और आने वाले सभी मैचों में भी मेरे लिए यही आसान तरीका रहेगा. लेकिन जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, आप हमेशा यह पक्का नहीं कह सकते कि आप बहुत अच्छा ही खेलेंगे. लेकिन मुझे लगता है कि हमारी टीम में जो कल्चर बन रहा है, उसमें हमें डॉमिनेट करना है और पावरप्ले का फ़ायदा उठाना है, इसलिए सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा है."
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