- ABVP ने आरोप लगाया कि NSUI कार्यकर्ता सदस्यों के घर में घुसे हमला किया.
- ABVP ने दावा किया कि उसने NSUI के एक सोशल मीडिया कैडर के शख्स को पकड़ा.
- NSUI ने पलटवार करते हुए कहा कि 200 ABVP कार्यकर्ताओं ने उनके उम्मीदवारों को डराया-धमकाया.
दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्र चुनाव से पहले घमासान हो गया है. ABVP और NSUI ने एक-दूसरे पर सदस्यों और उम्मीदवारों पर हमले और डराने-धमकाने के आरोप लगाए हैं. ABVP ने आरोप लगाया कि NSUI के कार्यकर्ता दिल्ली के हरि मंदिर में उनके सदस्यों के घर में घुस गए, उन पर हमला किया. संगठन ने कहा कि घटना के वक्त घर पर महिला छात्रा सदस्य भी मौजूद थीं और मीटिंग हो रही थी. ABVP ने कहा कि हमले के बाद कई लोग मौके से भाग गए, जबकि एक शख्स को उनके सदस्यों ने पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया. उन्होंने यह भी दावा किया कि पकड़े गए शख्स ने माना कि वह NSUI के सोशल मीडिया कैडर का हिस्सा था.
ABVP दिल्ली राज्य के सेक्रेटरी सार्थक शर्मा ने कहा, "NSUI को यह बताना चाहिए कि उसके कार्यकर्ता ABVP सदस्यों के घर क्यों गए और उन पर हमला क्यों किया, जबकि वहां महिला छात्र कार्यकर्ता भी मौजूद थीं. ABVP मेंबर शांतिपूर्ण बैठक कर रहे थे और उन्होंने किसी को उकसाया नहीं था. हमले के बाद भाग रहे एक शख्स को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया. ABVP ने कानून अपने हाथ में नहीं लिया, बल्कि हमने उस शख्स को पुलिस को सौंप दिया."

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'कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि...'
छात्र संगठन ने आरोप लगया कि कांग्रेस-IYC-NSUI को यह बताना चाहिए कि उसका सोशल मीडिया कैडर ABVP सदस्यों के घर पर हुए हमले में क्यों शामिल था? दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र लोकतांत्रिक तरीके से छात्रों की भागीदारी और हिंसा के इस्तेमाल के बीच का अंतर साफ देख सकते हैं. ABVP सदस्य लगातार छात्रों के साथ शांतिपूर्ण तरीके से जुड़ रहे हैं, जबकि कांग्रेस-IYC-NSUI से जुड़े लोग कथित तौर पर हिंसा का सहारा ले रहे हैं.
ABVP कार्यकर्ता सार्थक शर्मा ने आगे कहा, "कांग्रेस नेतृत्व को अपने युवा और छात्र संगठनों की गतिविधियों के लिए अपनी राजनीतिक जवाबदेही स्पष्ट करनी चाहिए. ABVP हिंसा या दबाव से डरेगा नहीं. हम निष्पक्ष पुलिस जांच और इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित उपायों की मांग करते हैं. घटना की सच्चाई की पुष्टि स्थानीय पुलिस से भी की जा सकती है.”
NSUI ने क्या कहा?
वहीं, NSUI ने आरोप लगाया है कि ABVP कार्यकर्ताओं ने हमारे DUSU कैंडिडेट्स विजय शंकर मीणा और गोपाल चौधरी के घरों पर हमला किया. करीब 200 ABVP कार्यकर्ताओं ने हमारे उम्मीदवारों को निशाना बनाया और उन्हें डराया-धमकाया.
NSUI के मीडिया इंचार्ज रवि पांडे ने कहा, "यह DUSU चुनाव से ठीक पहले डर और हिंसा फैलाने की एक हताश कोशिश है. हम मांग करते हैं कि दिल्ली पुलिस तुरंत दखल दे और हमारे उम्मीदवारों व छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कार्रवाई करे. लोकतांत्रिक छात्र चुनाव में इस तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जा सकती."
उन्होंने कहा, "ABVP जानती है कि छात्र बदलाव के लिए तैयार हैं. 18 सितंबर को दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र अपने लोकतांत्रिक वोट के जरिए डराने-धमकाने वाली इस राजनीति का जवाब देंगे."
NSUI ने अपने बयान में दिल्ली पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन से अपील की है कि वे चुनाव प्रक्रिया के दौरान शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाएं.
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ABVP के पैनल में खिलाड़ी और छात्र नेता
ABVP ने अध्यक्ष पद के लिए यश डबास को मैदान में उतारा है. डबास ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज से अपनी अंडरग्रेजुएट पढ़ाई पूरी की है. एक इंटरनेशनल लेवल के टेनिस खिलाड़ी के तौर पर उन्होंने स्पेन, ऑस्ट्रेलिया और सर्बिया में ITF प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है.
उपाध्यक्ष पद के लिए, ABVP ने वाराणसी के रहने वाले इशू मौर्य को मैदान में उतारा है. इशू ने सत्यवती कॉलेज से ग्रेजुएशन किया और 2021 में ABVP से जुड़े. वे डिबेटिंग सर्कल में एक्टिव रहे हैं और सत्यवती कॉलेज (मॉर्निंग) यूनिट के अध्यक्ष के साथ-साथ 'स्टूडेंट्स फॉर सेवा' के को-कन्वीनर के तौर पर भी काम कर चुके हैं. अभी वे DU के कैंपस लॉ सेंटर में लॉ की पढ़ाई कर रहे हैं.
रिया छावड़ी ABVP की ओर से सेक्रेटरी पद की उम्मीदवार हैं. दिल्ली के बदरपुर इलाके के मोदबंद गांव की रहने वाली रिया एक किसान परिवार से आती हैं. उन्होंने श्री अरबिंदो कॉलेज से पढ़ाई की है और इंटर-कॉलेज लेवल पर बास्केटबॉल खेला है. वह अभी BA प्रोग्राम के चौथे साल में हैं.
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ABVP ने जॉइंट सेक्रेटरी पद के लिए राजस्थान के चुरू जिले के लक्ष्य राज सिंह को मैदान में उतारा है. उन्होंने SGTB खालसा कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया है. लक्ष्य राज एक इंटरनेशनल लेवल के हैंडबॉल खिलाड़ी हैं, जिन्होंने एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया है. उन्होंने नेशनल गेम्स में राजस्थान और ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में दिल्ली यूनिवर्सिटी का भी प्रतिनिधित्व किया है. फिलहाल, वह फैकल्टी ऑफ लॉ के कैंपस लॉ सेंटर से लॉ की पढ़ाई कर रहे हैं.
NSUI के पैनल में आदिवासी और किसान परिवार के कैंडिडेट्स
NSUI ने प्रेसिडेंट पद के लिए विजय शंकर मीणा को अपना उम्मीदवार बनाया है. आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले और किसान परिवार से आने वाले मीणा ने कहा कि किसान परिवार के ऐसे पहले बच्चे के तौर पर जिसने यह रास्ता चुना है, उन्होंने आम छात्रों की मुश्किलों और समस्याओं को बहुत करीब से देखा और महसूस किया है. उन्होंने बताया कि उनका कोई राजनीतिक बैकग्राउंड नहीं है और NSUI ने उन्हें छात्रों के अधिकारों के लिए लड़ने का मौका दिया है.

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NSUI के आधिकारिक पैनल में वाइस प्रेसिडेंट पद के लिए नेशनल लेवल के कांग्रेस नेता मनीष छत्रथ के बेटे वीर छत्रथ शामिल हैं. सेक्रेटरी पद के लिए नम्रता चौधरी और जॉइंट सेक्रेटरी के लिए गोपाल चौधरी उम्मीदवार हैं. खास बात यह है कि NSUI के चारों उम्मीदवार बुद्धिस्ट स्टडीज डिपार्टमेंट के छात्र हैं.
(ANI के इनपुट के साथ)
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