Gavaskar on Suryakumar: अगले महीने भारत और श्रीलंका में होने जा रहे टी20 विश्व कप (T20 World Cup 2026) से पहले टीम सूर्यकुमार को आगे बढ़ने के क्रम में कई बॉक्स टिक करने थे. और इसमें सबसे बड़ा बॉक्स कप्तान सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) की फॉर्म को लेकर था. यादव पिछले एक साल से एक अदद पचासे के लिए तरस गए थे और उनका औसत 20 के आस-पास सिमट कर रह गया था. पूर्व क्रिकेटरों ने तो यहां तक कहना शुरू कर दिया था कि अगर वह कप्तान न होते, तो टीम में जगह भी न बन पाती. बात में सौ फीसद दम था. न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला मैच खराब गया, तो आलोचकों ने और घेर लिया, लेकिन फिर रायपुर और गुवाहाटी में सूर्यकुमार ने ऐसी दहाड़ लगाई कि तमाम आलोचक अपनी खोली में चले गए हैं. यादव ने दोनों मैचों में नाबाद और तूफानी अर्द्धशतक जड़ते हुए टीम इंडिया को जीत दिलाने और सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बनाने में बहुत ही अहम योगदान दिया है.
अब इस पर भारत के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज़ सुनील गावस्कर ने कहा है कि पहले टी20I में खेली गई पारी वही थी जिसकी सूर्यकुमार को ज़रूरत थी. रायपुर में दूसरे मैच में जो पारी उन्होंने खेली, उसने उन्हें बिल्कुल वही आत्मविश्वास दिया जिसकी उन्हें ज़रूरत थी. उनके खेल में कोई कमी नहीं थी, लेकिन बस रन नहीं बन पा रहे थे.' सूर्यकुमार ने पहले मैच में 22 गेंदों पर 32 रन बनाए थे, जिसमें भारत ने 48 रन से जीत दर्ज की. इसके बाद दूसरे टी20I में उन्होंने 37 गेंदों पर नाबाद 82 रन की शानदार पारी खेली और तीसरे मैच में 26 गेंदों पर 57 रन बनाकर नाबाद रहे.
गावस्कर ने आगे कहा, 'वह नेट्स में बहुत अच्छा अभ्यास कर रहे थे. उन्हें वहां कोई दिक्कत नहीं हो रही थी. वह गेंद को साफ़-सुथरा और मैदान के हर कोने में मार रहे थे. बस मैचों में चीज़ें उनके फेवर में नहीं जा रही थीं. कई बार शुरुआत के लिए थोड़ा सा भाग्य भी चाहिए होता है. इस बार तो उन्हें उसकी भी ज़रूरत नहीं पड़ी. वह पारी उनके लिए बिल्कुल सही समय पर आई.'
पिछले साल 15 से भी कम पर सिमट गया था औसत
बता दें कि पिछले साल सूर्यकुमार यादव के करियर का सबसे खराब साल रहा. उन्होंने 2025 में 19 टी20I पारियों में सिर्फ 218 रन बनाए, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 123.16 और औसत महज़ 13.62 रहा. यह उनके करियर में पहली बार था जब किसी कैलेंडर वर्ष में उनका स्ट्राइक रेट 150 से कम रहा. इससे पहले भी उनका फॉर्म कुछ समय से गिरावट पर था, और 2024 टी20 वर्ल्ड कप में भारत के सफल अभियान के बाद कप्तानी संभालने के बावजूद, वह उन ऊँचाइयों को लगातार नहीं छू पा रहे थे. इसके दम पर उन्हें दुनिया का सर्वश्रेष्ठ टी20 बल्लेबाज़ माना जाने लगा था.
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