Sunil Gavaskar on Sunrisers Leeds Team Pick Abrar Ahmed: इंग्लैंड की ‘द हंड्रेड' लीग के पहले पुरुष ऑक्शन में सनराइजर्स लीड्स द्वारा पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद को खरीदने का फैसला चर्चा का विषय बन गया है. रविवार को लंदन में हुए ऑक्शन में उन्हें 1,90,000 पाउंड की कीमत पर टीम में शामिल किया गया. इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं और विरोध के चलते टीम का X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट कुछ समय के लिए सस्पेंड भी हो गया. सनराइजर्स लीड्स की मालिकाना कंपनी के पास आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद और SA20 लीग में सनराइजर्स ईस्टर्न केप जैसी टीमें भी हैं.
IPL में पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर प्रतिबंध
पाकिस्तान के खिलाड़ी आईपीएल में नहीं खेलते. उन्होंने सिर्फ 2008 में हुए पहले सीजन में हिस्सा लिया था. उसी साल नवंबर में मुंबई में हुए आतंकी हमलों के बाद भारतीय लीग में पाकिस्तानी खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर सख्त रुख अपनाया गया. आमतौर पर जिन भारतीय फ्रेंचाइज़ियों की टीमें विदेशी लीगों में खेलती हैं, वे भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल करने से बचती रही हैं, लेकिन इस मामले में सनराइजर्स लीड्स ने अलग फैसला लिया.
सुनील गावस्कर ने जताई कड़ी आपत्ति
भारतीय क्रिकेट के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने इस मामले पर स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है. उनका कहना है कि भारतीय मालिकाना हक वाली टीमों को पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन करने से बचना चाहिए.
गावस्कर के अनुसार, मुंबई हमलों के बाद से भारतीय फ्रेंचाइज़ी मालिकों ने आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को पूरी तरह नजरअंदाज किया है. उनका मानना है कि जब किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को फीस दी जाती है, तो वह अपने देश में टैक्स देता है और उस पैसे का इस्तेमाल भारत के खिलाफ भी हो सकता है. इसी कारण भारत में कई संस्थाएं अब पाकिस्तानी कलाकारों और खिलाड़ियों के साथ काम करने से दूरी बनाए हुए हैं.
टीम के मालिकों को समझदारी दिखानी चाहिए थी
गावस्कर ने कहा कि चाहे भुगतान किसी विदेशी लीग के माध्यम से हो, लेकिन अगर फ्रेंचाइज़ी का मालिक भारतीय है तो उसे इस संवेदनशील स्थिति को समझना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि टीम के कोच डेनियल विटोरी शायद इस राजनीतिक और सामाजिक पहलू को पूरी तरह न समझते हों, लेकिन टीम मालिकों को ऐसे फैसलों में सावधानी बरतनी चाहिए थी.
फैंस के बहिष्कार की आशंका
गावस्कर ने यह भी चेतावनी दी कि इस फैसले के कारण फैंस टीम का विरोध कर सकते हैं. उनका कहना है कि संभव है कि टीम के मैचों के दौरान स्टेडियम के अंदर और बाहर प्रदर्शन देखने को मिलें. यहां तक कि दर्शक टीम के मैचों से दूरी बनाकर भी अपनी नाराजगी जाहिर कर सकते हैं.
BCCI ने कहा – विदेशी लीग का मामला
इस पूरे विवाद पर बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि बोर्ड इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता. उनके अनुसार, यह फैसला एक विदेशी लीग से जुड़ा हुआ है और इसमें अंतिम निर्णय संबंधित फ्रेंचाइज़ी को ही लेना होगा. हालांकि, इस मुद्दे पर क्रिकेट जगत और प्रशंसकों के बीच बहस लगातार जारी है.
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