- गिल ने चयनकर्ताओं के फैसले का सम्मान करते हुए कहा कि उनकी किस्मत पर कोई प्रभाव नहीं डाल सकता है
- इंग्लैंड दौरे पर गिल ने पांच टेस्ट में चार शतक और दोहरा शतक बनाकर कप्तान सुनील गावस्कर का रिकॉर्ड तोड़ा था
- गिल ने कहा कि वनडे और अन्य फॉर्मेट में सफलता के लिए लगातार मेहनत और पक्के इरादे की आवश्यकता होती है
टी20 वर्ल्ड कप टीम से जब उपकप्तान रहे शुभमन गिल बाहर हुए तो क्रिकेट फ़ैन्स और एक्सपर्ट्स ने चयनकर्ताओं और कोच गौतम गंभीर के बोल्ड फ़ैसले की तारीफ़ की. कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी इस फ़ैसले की तरफ़दारी करते हुए कहा था कि टीम वर्ल्ड कप के लिहाज़ से चुनी गई है. गिल की तो गिल ही जानें पर उनके फ़ैन्स का दिल ज़रूर टूट गया.
‘मेरी किस्मत में जो लिखा है उसे कोई मुझसे छीन नहीं सकता'
गिल के टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर हुए अभी महीना भर भी नहीं बीता है और इस युवा कप्तान के सामने वनडे की चुनौती सामने आ गई है. क्रिकेट सर्किट में ये चर्चा तेज़ है कि गिल नए अवतार में दिखेंगे. छह-सात महीने पहले इंग्लैंड के मुश्किल दौरे पर टेस्ट टीम में उन्होंने बतौर कप्तान और बतौर बल्लेबाज़ जो कर दिखाया वो किसी कारनामे से कम नहीं.
गिल ने साफ़ तौर पर कहा कि उनकी किस्मत को उनसे कोई नहीं छीन सकता. ज़ाहिर तौर पर ये एक ऐसी चुनौती का एलान है जो उन्हें साल 2026 में पिछले साल से भी कहीं बेहतर करता हुआ देख सकेगा.
नये साल का संकल्प
नये साल की चुनौतियों के शुरू होने से पहले उन्होंने एक तरह से अपने नये साल के संकल्प- New Year Resolution- लेकर ये ऐलान कर दिया कि उनकी किस्मत पर किसी का ज़ोर नहीं चलने वाला. गिल ने भारत-न्यूज़ीलैंड की सीरीज़ से ठीक पहले एक सवाल के जवाब में कहा, 'मैं चयनकर्ताओं के फैसले का सम्मान करता हूं. टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम को मेरी तरफ से शुभकामनाएं.'
उन्होंने ये भी कहा, 'मैं वहीं हूं. जहां मुझे होना चाहिए. मेरी किस्मत में जो लिखा है उसे कोई मुझसे छीन नहीं सकता है. एक खिलाड़ी हमेशा यह सोचता है कि वह देश के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करे और चयनकर्ताओं को अपना काम करना है.'
गिल का रिकॉर्ड हर फॉर्मेट में शानदार रहा है. उनके फॉर्म को लेकर जरूर सवाल रहे. गिल ने अंतर्राष्ट्रीय टी-20 में अपनी आख़िरी अर्द्धशतकीय पारी जुलाई 2024 में 18 पारियों के पहले खेली थी. बीच में उनकी कुछ शानदार पारियां भी हीं लेकिन अर्द्धशतक का मौक़ा नहीं मिल पाया. लेकिन एक बार वो फॉर्म में लौटे तो सिर्फ़ उनकी स्ट्राइक रेट पर ही एक्सपर्ट्स की नजरें रहेंगी.
तीनों फॉर्मैट के धुरंधर हैं शुभमन गिल
गिल ने हर फॉर्मेट में हर स्तर पर शतकीय पारियां खेली हैं. लेकिन मौजूदा हालात और बेहद कठिन कंपीटिशन में गिल को टी20 में अपने औसत और अपने स्ट्राइक रेट पर काम करने की जरूरत होगी. और, जिस इरादे के साथ गिल 2026 की शुरुआत कर रहे हैं, वो यकीनन अपने नये अवतार में नजर आ सकते हैं.
| मैच | रन | शतक | औसत | स्ट्राइक रेट |
| 40 टेस्ट | 2843 | 10 | 43 | 62 |
| 58 वनडे | 2818 | 8 | 56 | 99 |
| 36 अंतर्राष्ट्रीय टी-20 | 869 | 1 | 28 | 139 |
| 175 घरेलू टी-20 | 5412 | 6 | 37 | 139 |
इंग्लैंड में प्रदर्शन ने जीता सबका दिल
गिल ने पिछले साल इंग्लैंड में जो धमाकेदार कारनामे किये वो सालों साल याद किया जाएगा. कप्तान गिल ने इंग्लैंड दौरे पर 5 टेस्ट में एक दोहरा शतक समेत, 4 शतकों के सहारे 754 रन बनाए. उन्होंने कप्तान सुनील गावस्कर के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा और सर डॉन ब्रैडमैन के पीछे आकर खड़े हो गए.
साल 2026 की वनडे सीरीज से पहले कप्तान गिल ने कहा, 'जब हमने पिछली बार न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे खेले थे तब मेरा पदार्पण हुआ था और मैं हमेशा उस दिन को संजोकर रखता हूं.'
उन्होंने ये भी कहा, 'किसी भी फॉर्मेट को आसान नहीं मानना चाहिए. अगर आप देखें तो भारतीय टीम ने 2011 के बाद कोई वनडे वर्ल्ड कप नहीं जीता है. ऐसे में कोई भी फॉर्मेट आसान नहीं होता और इसके लिए बहुत मेहनत और पक्के इरादे की जरूरत होती है.'
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