नीट पेपर लीक को देश के अलग-अलग हिस्सों में जारी छात्रों के प्रदर्शन के बीच सचिन तेंदुलकर ने एक्स पर एक पोस्ट किया है. सचिन तेंदुलकर ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि छात्रों के दर्द को समझा जाना चाहिए और एक ऐसा माहौल बनाना चाहिए जहां मेरिट की जीत हो. बता दें, दिल्ली के जतंर-मंतर पर बीते कई दिनों से कॉकरोज जनता पार्टी के नेतृत्व में छात्र नीट पेपर लीक को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
सचिन ने एक्स पर लिखा,"मेरे पिता एक प्रोफ़ेसर थे. वे कई युवा छात्रों के लिए एक मार्गदर्शक और सलाहकार थे. उन्होंने मुझे शुरू से ही एक बात सिखाई थी,'असफलता ठीक है, लेकिन चीटिंग करना नहीं. कभी भी शॉर्टकट न अपनाएं.' समाज में बड़े होने के नाते, हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम संस्कृति को सही दिशा दें. जो समाज मेहनत के बजाय नतीजों को ज़्यादा अहमियत देता है, वह काबिलियत के बजाय शॉर्टकट को चुनता है."
सचिन ने आगे लिखा,"आज, जब छात्र निराश महसूस करते हैं कि उनकी कड़ी मेहनत का उन्हें फल नहीं मिला, तो उनकी निराशा समझ में आती है. हम सभी को मिलकर यह पक्का करना चाहिए कि उन्हें दोबारा ऐसा महसूस न हो. युवा भारत सपनों और ऊर्जा से भरा हुआ है. वे हमारी सफलता का आधार हैं. एक समाज के तौर पर, माता-पिता, शिक्षक, दोस्त, रिश्तेदार, स्कूल और एडमिनिस्ट्रेटर - हम सभी की एक बड़ी ज़िम्मेदारी है और अलग-अलग भूमिकाएँ हैं ताकि हमारे युवा हमेशा उत्साहित और ऊर्जावान बने रहें."
— Sachin Tendulkar (@sachin_rt) July 23, 2026
सचिन ने आगे लिखा,"हमें एक ऐसा माहौल बनाना होगा, जहां कड़ी मेहनत को सराहा जाए, ईमानदारी को बढ़ावा मिले और काबिलियत की जीत हो. मुझे यकीन है कि हम सब मिलकर ऐसे समाधान निकालेंगे जो हमारे बच्चों के भविष्य को मज़बूत करेंगे और उनकी उम्मीदों को सुरक्षित रखेंगे. जय हिंद."
'धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा प्रदर्शन'
इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी के अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने गुरुवार को कहा कि यह प्रदर्शन किसी भी कीमत पर वापस नहीं लिया जाएगा और उनकी सभी मांगें पहले की तरह कायम हैं. जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक प्रदर्शन ऐसे ही चलेगा. उन्होंने कहा कि साथ ही उन्होंने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सोनम वांगचुक से स्वास्थ्य को देखते हुए भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील भी की.
अभिजीत दिपके ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 26वां दिन चल रहा है और लगातार उनकी तबीयत को लेकर चिंता बढ़ रही है. उन्होंने कहा,"हम नहीं चाहते कि सोनम सर अपनी जान जोखिम में डालें. उनकी जिंदगी इस देश के लिए बेहद कीमती है. इसलिए हम लगातार उनसे अनशन तोड़ने की अपील कर रहे हैं लेकिन हमारा आंदोलन तब तक खत्म नहीं होगा, जब तक धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते."
दिल्ली के जतंर-मंतर से शुरू हुआ विरोधी अब मुंबई, पटना और बेंगलुरु तक पहुंच चुका है. और कई हस्तियों ने छात्रों के समर्थन में मांग उठाई है. सचिन से पहले अभिनव बिंद्रा, युवराज सिंह, सानिया मिर्जा, मनु भाकर और निखत ज़रीन की तरह छात्रों के साथ अपनी एकजुटता जता चुके हैं.
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बिंद्रा ने लिखा,"मैंने खुद को कभी भी राजनीतिक व्यक्ति नहीं माना है. लेकिन मेरा मानना है कि कुछ मुद्दे हम सभी के हैं, चाहे हम कहीं भी खड़े हों. शिक्षा उनमें से एक है. किसी राष्ट्र का माप न केवल उसकी अर्थव्यवस्था या उसकी उपलब्धियों में पाया जाता है, बल्कि वह अपने युवाओं के लिए जो अवसर पैदा करता है, उसमें पाया जाता है. एक शिक्षा प्रणाली जो आत्मविश्वास को प्रेरित करती है, योग्यता को पुरस्कृत करती है और जिज्ञासा को बढ़ावा देती है, वह देश की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है."
"मुझे उम्मीद है कि हम सभी एकजुट हो सकते हैं और अपनी शिक्षा प्रणाली को लगातार मजबूत करने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं, ताकि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए अवसर, नवाचार और आशा का स्रोत बनी रहे."
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