
कपिल देव ने पूर्व कप्तान महेंद्रे सिंह धोनी का खुलकर समर्थन किया है (फोटो PTI)
ऐसे समय जब महेंद्र सिंह धोनी के टी20 टीम में स्थान को लेकर कुछ पूर्व क्रिकेटर सवाल उठा रहे हैं, महान हरफनमौला कपिल देव टीम इंडिया के इस पूर्व कप्तान के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं. इससे पहले, टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली, कोच रवि शास्त्री और महान ओपनर सुनील गावस्कर भी धोनी के समर्थन में अपनी राय जता चुके हैं. वर्ल्डकप 1983 में भारतीय टीम को चैंपियन बनाने वाले कपिल देव ने धोनी का पक्ष लेते हुए मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि मुझे समझ में नहीं आ रहा कि कुछ औसत प्रदर्शन के बाद कुछ लोग इस तरह की बातें क्यों कर रहे हैं. निश्चित रूप से उम्र का इससे कोई संबंध नहीं है. अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने कपिल के हवाले से कहा, 'सचिन ने जब वर्ल्डकप जीता था तो वे 38 वर्ष के थे. तब तो उनके खिलाफ किसी ने कोई बात नहीं कही. ' ट्विटर भी इस मामले में कपिल देव के समर्थन में खुलकर सामने आया है.
गौरतलब है कि राजकोट में न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में टीम इंडिया की हार के बाद अजित गरकर ने कहा था कि भारत को क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट (टी20) में धोनी से अलग कुछ सोचने की जरूरत है. उन्होंने यह भी कहा था कि टीम इंडिया को शायद ही टी20 क्रिकेट में एमएस धोनी की कमी महसूस होगी. अगरकर के अलावा टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण और आकाश चोपड़ा भी धोनी को लेकर कुछ इसी तरह की राय जता चुके हैं. वीवीएस लक्ष्मण ने कहा था, 'टी20 मैचों में धोनी चार नंबर पर आते हैं. उन्हें गेंद पर नजर जमाने में ज्यादा वक्त लगता है और उसके बाद वे अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं. राजकोट के मैच में जब विराट कोहली का स्ट्राइक रेट 160 के करीब था तब धोनी का स्ट्राइक रेट 80 के आसपास था. भारतीय टीम जब बड़े स्कोर का पीछा कर रही थी तब यह पर्याप्त नहीं था.' उन्होंने कहा था कि मुझे लगता है कि समय आ गया है कि धोनी टी20 फॉर्मेट में किसी युवा खिलाड़ी के लिए स्थान खाली करें. हां, वनडे क्रिकेट में वे (धोनी)टीम इंडिया के महत्वपूर्ण सदस्य हैं.
वीडियो: पुजारा बोले, धोनी और कोहली में जीत की भूख है कॉमन
पूर्व ओपनर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने कहा था कि श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज से धोनी की जगह किसी अन्य खिलाड़ी को चुना जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि श्रीलंका के खिलाफ सीरीज के बाद भारत को दक्षिण अफ्रीका के चुनौतीपूर्ण दौरे पर जाना है.
Dhoni has always a tougher job in hand when he comes out to bat. Even it's harder than Sachin's task. So get mature India.
— Tapas Kumar Das (@TapasKu33532421) November 12, 2017
Dhoni we support you
— SHAMBHURAJE (@SHAMBHURAJE2010) November 12, 2017
Kapil sir is right dhoni sir is the best
— KING BRAR (@KINGBRAR6) November 12, 2017
गौरतलब है कि राजकोट में न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में टीम इंडिया की हार के बाद अजित गरकर ने कहा था कि भारत को क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट (टी20) में धोनी से अलग कुछ सोचने की जरूरत है. उन्होंने यह भी कहा था कि टीम इंडिया को शायद ही टी20 क्रिकेट में एमएस धोनी की कमी महसूस होगी. अगरकर के अलावा टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण और आकाश चोपड़ा भी धोनी को लेकर कुछ इसी तरह की राय जता चुके हैं. वीवीएस लक्ष्मण ने कहा था, 'टी20 मैचों में धोनी चार नंबर पर आते हैं. उन्हें गेंद पर नजर जमाने में ज्यादा वक्त लगता है और उसके बाद वे अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं. राजकोट के मैच में जब विराट कोहली का स्ट्राइक रेट 160 के करीब था तब धोनी का स्ट्राइक रेट 80 के आसपास था. भारतीय टीम जब बड़े स्कोर का पीछा कर रही थी तब यह पर्याप्त नहीं था.' उन्होंने कहा था कि मुझे लगता है कि समय आ गया है कि धोनी टी20 फॉर्मेट में किसी युवा खिलाड़ी के लिए स्थान खाली करें. हां, वनडे क्रिकेट में वे (धोनी)टीम इंडिया के महत्वपूर्ण सदस्य हैं.
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पूर्व ओपनर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने कहा था कि श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज से धोनी की जगह किसी अन्य खिलाड़ी को चुना जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि श्रीलंका के खिलाफ सीरीज के बाद भारत को दक्षिण अफ्रीका के चुनौतीपूर्ण दौरे पर जाना है.