India vs Sri Lanka Test Series: भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से टेस्ट सीरीज का आगाज होने जा रहा है. दोनों टीमों के बीच मुकाबलों का इतिहास कई यादगार रिकॉर्डों से भरा पड़ा है, लेकिन अगस्त 1997 में कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में जो हुआ, उसे भारतीय फैंस शायद ही कभी भूल पाएंगे. उस मुकाबले में टीम इंडिया के गेंदबाज लगभग दो दिन तक एक भी विकेट के लिए तरसते रहे, जबकि सनथ जयसूर्या और रोशन महानामा ने दूसरे विकेट के लिए 576 रन जोड़कर टेस्ट क्रिकेट के इतिहास की सबसे बड़ी पार्टनरशिप का पहाड़ खड़ा कर दिया. यह रिकॉर्ड आज भी भारत के खिलाफ किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी टेस्ट पार्टनरशिप बनकर एक चुनौती की तरह खड़ा है.
भारत को 537 रन बनाकर भी नहीं मिली जीत
दरअसल, भारत के श्रीलंका दौरे की दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला टेस्ट था. मैच 2 से 6 अगस्त के बीच कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेला गया. टॉस जीतकर भारत ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और 8 विकेट पर 537 रन बनाकर पारी घोषित की. सचिन तेंदुलकर ने शानदार 143 रन बनाए, जबकि कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 126 और नवजोत सिंह सिद्धू ने 111 रन की शतकीय पारी खेली.
जयसूर्या और महानामा ने विकेट के लिए तरसाया
537 रन के जवाब में श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही और ओपनर मारवन अटापट्टू जल्दी आउट हो गए. इसके बाद क्रीज पर आए सनथ जयसूर्या और रोशन महानामा ने भारतीय गेंदबाजों की ऐसी परीक्षा ली, जो टेस्ट इतिहास का हिस्सा बन गई. दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 576 रन जोड़ दिए. यह उस समय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारी थी. इस दौरान भारतीय गेंदबाज लगातार दो दिन तक विकेट लेने के लिए संघर्ष करते रहे.
जयसूर्या ने खेली करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक
सनथ जयसूर्या ने 578 गेंदों पर 340 रन बनाए. उनकी पारी में 36 चौके और 2 छक्के शामिल थे. यह आज भी टेस्ट क्रिकेट में किसी श्रीलंकाई बल्लेबाज का दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है. उनसे आगे केवल महेला जयवर्धने हैं, जिन्होंने 374 रन बनाए थे. दूसरी ओर रोशन महानामा ने धैर्य और संयम का शानदार प्रदर्शन करते हुए 225 रन बनाए. दोनों की बल्लेबाजी ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह बेअसर कर दिया.
श्रीलंका ने बनाया टेस्ट इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर
जयसूर्या के 340 रन पर आउट होने के बाद भी श्रीलंका नहीं रुका. अरविंदा डी सिल्वा ने शतक और कप्तान अर्जुन रणतुंगा ने 86 रन की उपयोगी पारी खेली. आखिरकार श्रीलंका ने 6 विकेट पर 952 रन बनाकर पारी घोषित की. उस समय 952/6 टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का सबसे बड़ा टीम स्कोर था. यह रिकॉर्ड कई साल तक कायम रहा.
सीरीज भी रही बराबरी पर
इतने विशाल स्कोर के बावजूद मुकाबले का नतीजा नहीं निकला और पहला टेस्ट ड्रॉ पर समाप्त हुआ. सनथ जयसूर्या को उनकी 340 रन और पहली पारी में तीन विकेट के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. इसके बाद दूसरा टेस्ट भी ड्रॉ रहा और दो मैचों की सीरीज 0-0 से बराबरी पर समाप्त हुई. भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में किसी भी विकेट के लिए 576 रन की साझेदारी आज भी सबसे बड़ी है. लगभग तीन दशक बाद भी यह रिकॉर्ड कायम है और भारत-श्रीलंका टेस्ट इतिहास के सबसे यादगार अध्यायों में गिना जाता है. 15 अगस्त से शुरू होने वाली नई टेस्ट सीरीज से पहले यह मुकाबला एक बार फिर क्रिकेट प्रेमियों की यादों में ताजा हो गया है.
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