टेस्ट मैच के तीसरे दिन को मूविंग डे कहा जाता है. इस दिन जो अच्छा खेला, वो ड्राइविंग सीट पर है. भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में हो रहे सीरीज के पहले मुकाबले के शुरुआती दिन भारतीय बल्लेबाजों को दबदबा रहा. टीम इंडिया ने दूसरे दिन स्टंप्स पर 460 रन बना लिए थे. लेकिन 9 विकेट गिर चुके थे. तीसरे दिन बाजी श्रीलंकाई बल्लेबाजों के हाथ में थी. दूसरे दिन मीडिया में आकर पडिक्कल वार्निंद दे चुके थे कि भारतीय गेंदबाजों को लंबे स्पेल डालने पड़ सकते हैं. लेकिन सोमवार को मानव सुथार की अगुवाई में भारतीय स्पिनरों ने ऐसा जाल बुना कि दिन का खेल खत्म होने कर श्रीलंका की पहली पारी 284 पर सिमट चुकी थी. शायद ही किसी ने उम्मीद की हो कि श्रीलंकाई बल्लेबाज अपनी ही परिस्थिति में स्पिन गेंदों के खिलाफ संघर्ष करेंगे. लेकिन श्रीलंकाई बल्लेबाज अपने ही घर पर परास्त हुए. इसमें बड़ा हाथ उसी हथियार का रहा. जिससे उन्होंने दूसरे दिन भारत पर वार किया था.
श्रीलंका को उसी के हथियार से हराया
श्रीलंकाई गेंदबाजों ने पहले दिन काफी खराब लेंथ पर गेंदबाजी की और देवदत्त पडिक्कल और केएल राहुल ने इसे दोनों हाथों से भुनाया. टीम इंडिया ने पहले दिन सिर्फ दो विकेट गंवाए. लेकिन दूसरे दिन मेजबान देश पूरा होमवर्क करके आई और उसने पिच पर 3-5 मीटर के बीच गुच्छे में चापा डाला. प्रभात जयसूर्या की अगुवाई में मेजबान स्पिनरों में गुड लेंथ पर गेंदबाजी करके विकेट निकाले.
बारिश के चलते रविवार को आधे दिन का खेल बर्बाद हो गया था. लेकिन जब एक्शन शुरू हुआ तो लंकाई स्पिनरों ने लगातार एक जगह टप्पा डाला और विकेट निकाला. श्रीलंकाई गेंदबाजों ने इस लेंथ पर 133 गेंद फेंकी गई. इस दौरान भारतीय बल्लेबाजों ने 65 रन तो बनाए, लेकिन 5 बल्लेबाजों को पवेलियन भी लौटना पड़ा.
भारतीय मैनेजमेंट की नजरें भी इस प्लान पर थी. जब भारतीय गेंदबाजी की बारी आई तो इस हथियार से वार किया गया. गुड लेंथ पर लगातार बॉल फेंकी गई. भारत को श्रीलंका को आउट करने में 79.4 ओवर लगे और इसमें 229 गेंद गुड लेंथ एरिया पर फेंकी गई. इसका नतीजा विकटों में दिखा. भारत ने 110 रन लुटाए लेकिन विकेट झटके 7. जबकि एक विकेट बैक ऑफ लेंथ गेंद पर आया. मानव सुथार और कुलदीप ने मिलकर 7 विकेट निकाले.

भारतीय स्पिनर: लेंथ के हिसाब से
- हाफ वॉली (1.5-3m): 0/19 (15 गेंदें, इकॉनमी रेट: 7.6)
- गुड लेंथ (3-5m): 7/110 (229 गेंदें, इकॉनमी रेट: 2.88)
- बैक ऑफ़ अ लेंथ (5-6m): 1/42 (78 गेंदें, इकॉनमी रेट: 3.23)
- शॉर्ट (6m+): 0/18 (15 गेंदें, इकॉनमी रेट: 7.2)
तीसरे दिन स्टंप्स के बाद अपने पहले विदेशी दौरे पर ही कहर बरपाने वाले मानव सुथार ने भी बताया कि मैच के पहले दो दिनों में उन्होंने श्रीलंकाई स्पिन गेंदबाजों की रणनीति पर करीब से नजर रखी. उनका मानना था कि इस पिच पर गेंदबाजी में निरंतरता बनाए रखना सबसे अहम है. सुथार ने कहा,"उन्होंने कल अच्छी गेंदबाजी की. उन्होंने अपनी गति में बदलाव किया और मुझे लगता है कि इस विकेट पर आप जितनी निरंतरता के साथ गेंदबाजी करते हैं, उतनी ही अधिक मदद आपको मिलती है. इसलिए हम भी यही करने की कोशिश कर रहे थे." रत ने पहली पारी के आधार पर 178 रनों की बढ़त हासिल कर ली है. चौथे दिन भी बारिश की आशंका है. देखना मजेदार होगा कि भारतीय टीम क्या तेजी से रन बटोरती है या फिर दो सेशन बल्लेबाजी करके पारी घोषित करती है.
यह भी पढ़ें: बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप: आयुष शेट्टी ने किया बड़ा उलटफेर, वर्ल्ड नंबर-1 शी युकी को हराकर किया बाहर
यह भी पढ़ें: India vs England: इंग्लैंड के खिलाफ वर्ल्ड कप में हार का सिलसिला जारी, टीम इंडिया 2-4 से हारी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं