- सीबीआई ने ट्विशा शर्मा की मौत मामले में उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की.
- चार्जशीट में आरोप है कि ट्विशा को शादी के बाद मानसिक प्रताड़ना, अपमान और आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ा था.
- जांच में पाया गया कि ट्विशा ने गर्भपात से जुड़ी दवा ली थी और इस पर परिवार की ओर से दबाव बनाया गया था.
भोपाल की चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई की चार्जशीट ने कई ऐसे आरोपों और घटनाओं को सामने रखा है, जिन्होंने इस पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है. जांच एजेंसी ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करते हुए आरोप लगाया है कि शादी के बाद ट्विशा को लगातार मानसिक प्रताड़ना, अपमान और भावनात्मक दबाव का सामना करना पड़ा. चार्जशीट में दावा किया गया है कि रिश्तों में बढ़ती खटास, चरित्र पर सवाल, गर्भपात को लेकर विवाद और आर्थिक मामलों को लेकर बना दबाव धीरे-धीरे ट्विशा को मानसिक रूप से तोड़ता चला गया. सीबीआई का निष्कर्ष है कि कथित मानसिक क्रूरता ने उन्हें ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया, जहां उन्होंने अपनी जिंदगी खत्म करने जैसा कदम उठा लिया.
पति और सास के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
सीबीआई ने इस मामले में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की है. एजेंसी का आरोप है कि दोनों ने मिलकर ऐसा माहौल बनाया, जिससे ट्विशा लगातार मानसिक तनाव में रहीं. मामले में जांच एजेंसी ने हत्या नहीं, बल्कि आत्महत्या के लिए उकसाने और मानसिक क्रूरता का मामला माना है.
चरित्र पर सवाल और मानसिक प्रताड़ना के आरोप
चार्जशीट के अनुसार, शादी के बाद ट्विशा को बार-बार उनके पुराने रिश्तों को लेकर अपमानित किया जाता था. सीबीआई का दावा है कि पति समर्थ सिंह उनके चरित्र पर सवाल उठाते थे, जबकि सास गिरिबाला सिंह कथित रूप से बेटे का पक्ष लेती थीं. जांच एजेंसी के अनुसार, इस तरह की परिस्थितियों ने ट्विशा के मानसिक तनाव को लगातार बढ़ाया.
गर्भपात को लेकर भी बढ़ा विवाद
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि ट्विशा ने गर्भपात से जुड़ी दवा ली थी. इसके बाद कथित तौर पर उन पर गर्भावस्था को जारी रखने या प्रक्रिया को बदलने के लिए दबाव बनाया. चार्जशीट में उल्लेख है कि डॉक्टर ने ट्विशा को अत्यधिक तनावग्रस्त और भावनात्मक रूप से परेशान पाया था. जांच के दौरान यह आरोप भी सामने आया कि सास ने गर्भपात को लेकर उन्हें तीन बार "हत्यारा" कहा था.
मां और ननद को भेजे गए संदेश बने अहम सबूत
जांच में ट्विशा द्वारा अपनी मां और ननद को भेजे गए कई संदेश महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में सामने आए हैं. चार्जशीट के मुताबिक उन्होंने अपनी ननद को लिखा था कि वह मानसिक रूप से टूट रही हैं और इस रिश्ते में उन्हें कोई भविष्य नजर नहीं आ रहा. एक अन्य संदेश में उन्होंने अपनी मां को बताया था कि उनका जीवन "नरक" बन चुका है और उन्हें लगातार एंग्जायटी अटैक आ रहे हैं.
निवेश की रकम को लेकर भी था विवाद
सीबीआई का दावा है कि ट्विशा के डीमैट खाते में करीब 20 लाख रुपये के शेयर निवेश थे. जांच के दौरान आरोप सामने आए कि पति और सास उन पर यह राशि संयुक्त खाते में ट्रांसफर करने का दबाव बना रहे थे. ट्विशा ने कथित तौर पर कहा था कि यह राशि उनके पिता की है. मौत वाले दिन भी उन्होंने अपनी ननद से यही शिकायत की थी कि उन पर निवेश की रकम ट्रांसफर करने का दबाव बनाया जा रहा है.
घर छोड़ने की तैयारी कर चुकी थीं ट्विशा
चार्जशीट के सबसे महत्वपूर्ण खुलासों में से एक यह है कि मौत वाले दिन ट्विशा घर छोड़कर जाने की तैयारी कर चुकी थीं. जांच के मुताबिक 12 मई की सुबह उन्होंने अपनी मां से 3,000 रुपये मांगे थे. इसके बाद उनके पिता ने पैसे भेजे और उन्होंने नसीराबाद जाने के लिए ट्रेन टिकट भी बुक कर लिया था. इससे यह संकेत मिलता है कि वह उस माहौल से बाहर निकलना चाहती थीं.
काउंसलिंग के बाद भी नहीं बदले हालात
जांच में सामने आया है कि 12 मई को ट्विशा और समर्थ सिंह एक डॉक्टर के पास कपल काउंसलिंग के लिए पहुंचे थे. सीबीआई के अनुसार डॉक्टर ने समर्थ को बताया था कि ट्विशा बेहद परेशान हैं और उन्हें धैर्य के साथ सुनने तथा समय देने की जरूरत है. हालांकि चार्जशीट में दावा किया गया है कि घर लौटने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ.
आखिरी घंटों में बढ़ी बेचैनी
सीबीआई के अनुसार, मौत से कुछ घंटे पहले ट्विशा लगातार रो रही थीं और अपने परिजनों से संपर्क कर रही थीं. रात करीब 9:20 बजे उन्होंने ननद से फोन पर बातचीत की और कहा कि रिश्ता अब नहीं चल सकता. कुछ मिनट बाद उन्होंने एक संदेश भेजा, जिसमें लिखा था, "Let me die in peace right now." जांच एजेंसी के मुताबिक यह संदेश उनके मानसिक हालात को दर्शाने वाले महत्वपूर्ण साक्ष्यों में शामिल है.
सीसीटीवी और कॉल रिकॉर्ड्स का जिक्र
चार्जशीट में सीसीटीवी फुटेज का भी उल्लेख किया है. सीबीआई के अनुसार रात 9:40 बजे ट्विशा अकेले छत की ओर जाती दिखाई देती हैं. इसके बाद उन्होंने अपने पिता और मां को फोन कर कथित रूप से बताया कि वह डरी हुई हैं और जल्द से जल्द उन्हें वहां से ले जाया जाए. बाद में परिवार के लोगों ने कई बार फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया?
एम्स भोपाल की प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी बताया गया था. बाद में परिवार की आपत्ति के बाद एम्स दिल्ली के मेडिकल बोर्ड से दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया. दूसरी रिपोर्ट में भी मौत को फांसी के कारण हुई आत्महत्या बताया गया. रिपोर्ट में ऐसी कोई गंभीर चोट नहीं पाई गई, जो मौत से पहले मारपीट या संघर्ष की ओर संकेत करती हो.
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है. ट्विशा के मुख्य आईफोन की फॉरेंसिक रिपोर्ट आना बाकी है. इसके अलावा घर से जब्त डीवीआर की जांच भी चल रही है. एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सीसीटीवी डेटा में किसी तरह की छेड़छाड़ हुई थी या नहीं. समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के वॉइस सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं.
दहेज और अन्य पहलुओं पर भी जांच जारी
सीबीआई ने कहा है कि दहेज की मांग और दहेज मृत्यु से जुड़े पहलुओं पर भी आगे जांच जारी रहेगी. फिलहाल एजेंसी का दावा है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मानसिक क्रूरता, आत्महत्या के लिए उकसाने और साझा मंशा से जुड़े अपराधों के पर्याप्त आधार मिले हैं. चार्जशीट में यह भी उल्लेख किया गया है कि जांच के दौरान परिवार से जुड़े एक पुराने मामले में भी मानसिक प्रताड़ना के आरोप सामने आए हैं, जिसकी जानकारी रिकॉर्ड में दर्ज की गई है.
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