भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप के पहले दिन सोमवार को पुरुष एकल में बड़ा उलटफेर करते हुए चीन के विश्व नंबर-एक शी यू की के खिलाफ यादगार जीत दर्ज की. 21 वर्षीय शेट्टी ने 21-14, 13-21, 21-19 से जीत दर्ज कर पुरुष एकल के दूसरे दौर में प्रवेश किया. यह उनके छोटे से करियर की अब तक की सबसे बड़ी जीत है. इस साल यूएस ओपन सुपर 300 का खिताब जीत चुके शेट्टी ने घरेलू दर्शकों के समर्थन के बीच मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए और पहले गेम में 11-5 की बढ़त बना ली. चीन के खिलाड़ी ने भी कई गलतियां कीं. वह कभी शटल नेट में उलझा बैठे तो कभी शॉट कोर्ट से बाहर मार गए.
शेट्टी ने इन गलतियों का पूरा फायदा उठाते हुए पहला गेम 21-14 से अपने नाम कर लिया. शी ने हालांकि अपने अनुभव का इस्तेमाल किया. उन्होंने लंबी रैलियों के जरिए शेट्टी को थकाने की रणनीति अपनाई. भारतीय खिलाड़ी के खेल में भी गलतियां बढ़ने लगीं और शी ने दूसरा गेम 21-13 से जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया.
शेट्टी ने निर्णायक गेम में उन्होंने संयम बनाए रखा और रणनीति में समझदारी दिखाई. उन्होंने जोखिम भरे शॉट खेलने के बजाय शटल को कोर्ट के भीतर रखने पर जोर दिया और शी को गलतियां करने के लिए मजबूर किया. शेट्टी ने निर्णायक गेम में 11-5 की बढ़त बनाई और फिर स्कोर को 15-5 तक पहुंचा दिया जिससे लगा कि भारतीय खिलाड़ी आसानी से मुकाबला जीत लेंगे, लेकिन शी यू की ने जबरदस्त वापसी की.
शेट्टी की गलतियों का फायदा उठाकर चीन के खिलाड़ी ने अंतर घटाकर 20-15 कर दिया। इसके बाद उन्होंने लगातार चार अंक जुटाकर स्कोर 20-19 कर दिया। मुकाबला बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका था. शेट्टी ने इस दबाव भरे क्षण में अपना धैर्य नहीं खोया. उन्होंने अगला अंक जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया.
8 की उम्र में पकड़ा बैडमिंटन
आयुष शेट्टी इस साल की शुरुआत में तब सुर्खियों में आए जब वे 61 सालों में बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के फ़ाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष सिंगल्स खिलाड़ी बने थे. हालांकि फ़ाइनल में उन्हें शी युकी से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन सेमी-फ़ाइनल में उन्होंने कुनलावुत वितिदसर्न के ख़िलाफ़ शानदार जीत हासिल की थी. इस नतीजे ने ग्लोबल स्टेज पर उनकी दमदार एंट्री का ऐलान कर दिया.
आयुष कर्नाटक में करकाला के पास सानूर नाम के छोटे से शहर से आते है. 8 साल की उम्र में उनके पिता ने उन्हें बैडमिंटन से परिचित कराया और घर के आंगन में ही उन्हें कोचिंग दी. बाद में, शेट्टी को बेहतर ट्रेनिंग दिलाने के लिए उनका परिवार बेंगलुरु शिफ्ट हो गया, जहां प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन अकादमी के कोचों की देखरेख में उन्होंने अपने खेल को निखारा.
दिग्गजों को हराकर बटोरी सुर्खियां
शेट्टी के करियर में बड़ा मोड़ तब आया जब उन्होंने 2025 में ब्रायन यांग को सीधे गेम में हराकर US ओपन का ख़िताब जीता था. यह उनका पहला BWF वर्ल्ड टूर ख़िताब था. इसके बाद उन्होंने एशिया चैंपियनशिप में ली शी फेंग और ची यू जेन जैसे टॉप-10 खिलाड़ियों को हराया. इससे पहले, उन्होंने USA के स्पोकेन में 2023 वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता, 2021 में डेनमार्क जूनियर इंटरनेशनल जीता, और ओडिशा मास्टर्स सुपर 100 (2023), बहरीन इंटरनेशनल चैलेंज (2023) और डच ओपन (2024) के फ़ाइनल तक पहुंचे.
बता दें, आयुष इससे पहले ली शी फेंग, जोनाथन क्रिस्टी और कुनलावुत वितिदसर्न जैसे दिग्गजों को हरा चुके हैं और अब उन्होंने बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में अपने डेब्यू पर शी यू को हराकर इतिहास रचा है. यह शी के खिलाफ लगातार तीन हार के बाद आयुष की पहली जीत है.
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