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लॉर्ड्स में 142 सालों के इतिहास में हुआ पहला महिला टेस्ट, टीम इंडिया ने 270 रन से जीता, जानें मैच की बड़ी बाते

लॉर्ड्स का पहला मुकाबला 1884 में हुआ था यह इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की पुरुषों की टीम के बीच खेला गया था. लेकिन पहले महिला टेस्ट के लिए 142 सालों का इंतजार होना पड़ा.

लॉर्ड्स में 142 सालों के इतिहास में हुआ पहला महिला टेस्ट, टीम इंडिया ने 270 रन से जीता, जानें मैच की बड़ी बाते
India beat England by 270 Runs Lords First Womens test

भारतीय महिला टीम का नाम इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है क्योंकि उसने लॉर्ड्स के 142 सालों के इतिहास में हुए पहले महिला टेस्ट में इंग्लैंड को 270 रनों से रौंद दिया है. भारत ऐसा पहला देश बन गया, जिसने लॉर्ड्स में महिला टेस्ट मैच जीता है. यह भारतीय महिला टीम की टेस्ट में रनों के लिहाज से भारत की चौथी सबसे बड़ी जीत है. ऑफ स्पिनर स्नेह राणा के चार विकेट की बदौलत भारत ने सोमवार को प्रतिष्ठित लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए पहले महिला क्रिकेट टेस्ट मैच के चौथे और अंतिम दिन इंग्लैंड को 270 रन से हरा दिया. भारत को एकमात्र टेस्ट के अंतिम दिन जीत के लिए चार विकेट की दरकार थी और स्नेह (42 रन पर चार विकेट) की अगुआई में मेहमान टीम ने इंग्लैंड को 62.5 ओवर में 186 रन पर समेटकर मुकाबला अपने नाम किया.

सयाली सतघरे (24 रन पर दो विकेट), दीप्ति शर्मा (36 रन पर दो विकेट) और क्रांति गौड़ (54 रन पर दो विकेट) ने भी दो-दो विकेट हासिल किए. विकेटकीपर बल्लेबाज ऐमी जोन्स 80 गेंद में 54 रन बनाकर इंग्लैंड की ओर से शीर्ष स्कोरर रही जबकि अंतिम बल्लेबाज के दौरान पर आउट होने वाली सोफी एकलेस्टोन ने 50 रन की पारी खेली. इंग्लैंड ने अंतिम दिन की शुरुआत छह विकेट पर 130 रन से आगे खेलते हुए की और 90 मिनट से अधिक बल्लेबाजी की लेकिन आखिरकार भारतीय गेंदबाजों के सामने घुटने टेक दिए. 

बदला लॉर्ड्स का 142 सालों का इतिहास

लॉर्ड्स पर पहला मुकाबला टेस्ट मैच 1884 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेला गया था. इस मैच को इंग्लैंड ने पारी और 5 रनों से अंतर से जीता था. क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले इस मैदान पर कभी भी कोई महिला टेस्ट नहीं हुआ था. पहला महिला टेस्ट 1934 में खेला गया था. इस मैच से पहले तक 149 मैच हो चुके हैं, लेकिन कोई भी लॉर्ड्स पर नहीं हुआ था.

भारतीय टीम ने रचा इतिहास

भारतीय टीम लॉर्ड्स पर हुए पहले टेस्ट में जीत दर्ज करने वाली टीम बन गई है. 1976 में अपना पहला टेस्ट खेलने वाली भारतीय टीम बीते 12 सालों में जबरदस्त फॉर्म में चल रही है. उसने इस दौरान 9 टेस्ट खेले हैं और 6 में जीत दर्ज की है और उसे सिर्फ 1 हार मिली है जबकि 2 मैच ड्रॉ हुए हैं.

क्रांति गौड़ का नाम लॉर्ड्स बोर्ड पर

भारत ने अपनी पहली पारी में 285 रन बनाकर इंग्लैंड को सिर्फ 170 रन पर ढेर कर दिया. इस पारी में क्रांति गौड़ ने 37 रन देकर 5 विकेट हासिल किए. पहली पारी में शानदार 'फाइव विकेट हॉल' के साथ क्रांति गौड़ लॉर्ड्स के 'ऑनर्स बोर्ड' पर अपना नाम दर्ज करवाने वालीं पहली महिला क्रिकेटर बनीं. 

'प्लेयर ऑफ द मैच' चुने जाने के बाद जब क्रांति से पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी लॉर्ड्स में इस खिताब को जीतने का सपना देखा था, तो इसके जवाब में 22 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा,"मैंने बड़े होते हुए कभी नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ होगा, लेकिन जिस दिन से यह टेस्ट मैच शुरू हुआ, मैंने खुद से कहा कि मुझे 'ऑनर्स बोर्ड' पर अपना नाम दर्ज कराना है."

शतक से साथ ऑनर बोर्ड पर यास्तिका भाटिया का नाम

भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला बल्लेबाज बन गई हैं. यास्तिका ने रविवार को इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स के मैदान पर जारी टेस्ट मैच में भारत की दूसरी पारी के दौरान 113 रन बनाए. इस पारी में उन्होंने 158 गेंदों का सामना करते हुए 14 चौके लगाए. 

यास्तिका लॉर्ड्स में शतक लगाने वालीं दूसरी भारतीय

यास्तिका ऐसी दूसरी बाएं हाथ की भारतीय बल्लेबाज हैं, जिन्होंने लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाया है. इस लिस्ट में उनके अलावा, सौरव गांगुली का नाम है, जिन्होंने साल 1996 में अपने डेब्यू मैच में 131 रन की पारी खेली थी. यास्तिका टेस्ट की तीसरी या चौथी पारी में सबसे बड़ा स्कोर बनाने वाली भारतीय महिला बल्लेबाज भी बन गई हैं. वह इस मामले में पहली शतकवीर भी हैं. इस लिस्ट में दूसरे पायदान पर संध्या अग्रवाल हैं, जिन्होंने साल 1985 में न्यूजीलैंड के विरुद्ध लखनऊ के मैदान पर 98 रनों की पारी खेली थी. 

कपिल देव, विराट कोहली से आगे निकलीं हरमनप्रीत

लॉर्ड्स में भारत की - पुरुष या महिलाओं में रनों के लिहाज से सबसे बड़ी जीत है. भारत को पहली जीत लॉर्ड्स में कपिल देव की अगुवाई में मिली थी, जब टीम इंडिया ने 5 विकेट से मैच जीता था.

लॉर्ड्स में भारत की टेस्ट जीत (पुरुष या महिला)

  • 5 विकेट से, 1986 (कप्तान: कपिल देव)
  • 95 रन से, 2014 (कप्तान: एमएस धोनी)
  • 151 रन से, 2021 (कप्तान: विराट कोहली)
  • 270 रन से, 2026 (कप्तान: हरमनप्रीत कौर)

इंग्लैंड से खिलाफ चौथी जीत

भारत की यह इंग्लैंड के खिलाफ के खिलाफ चौथी टेस्ट जीत है. अभी तक टीम इंडिया और इंग्लैंड के बीच 16 मैच हुए हैं और 11 मैच ड्रॉ हुए हैं जबकि एक मैच इंग्लैंड ने जीता था 1995 में. 

मंधाना का 300वां मुकाबला

स्मृति मंधाना का 300वां इंटरनेशनल मैच था. वह ऐसा करने वाली 12वीं महिला क्रिकेटर और भारत की ओर से मिताली राज (333) और हरमनप्रीत कौर (374) के बाद तीसरी खिलाड़ी बनीं. मंधाना, जो इस हफ़्ते (18 जुलाई को) 30 साल की हो जाएंगी, 300 इंटरनेशनल मैच खेलने वाली सबसे कम उम्र की महिला क्रिकेटर हैं; दक्षिण अफ्रीका की सुने लूस ने हाल ही में हुए विमेंस T20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान 30 साल 163 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी.

एमी जोन्स का धमाल

एमी जोन्स महिलाओं के टेस्ट मैच की दोनों पारियों में 50 से ज़्यादा रन बनाने वाली पहली विकेटकीपर बनीं. वह इस मैच में 50 से ज़्यादा रन बनाने वाली इंग्लैंड की एकमात्र बल्लेबाज़ थीं. उन्होंने दोनों पारियों में क्रमशः 52 और 54 रन बनाकर सबसे ज़्यादा स्कोर किया. ऑस्ट्रेलिया की जेस जोनासन के बाद, वह नंबर 6 या उससे नीचे के क्रम पर बल्लेबाज़ी करते हुए यह कारनामा करने वाली दूसरी खिलाड़ी बनीं. जेस जोनासन ने 2015 में कैंटरबरी में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ 99 और 54 रन बनाए थे.

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