दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई राज्यों में दो-तीन की बारिश के बाद मॉनसून रूठ गया. मॉनसून के मौजूदा हालात पर सरकार सतर्क है. कमजोर मॉनसून से देश के कई हिस्से प्रभावित हैं. केंद्र सरकार प्रभावित किसानों की सहायता कर सकती है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मॉनसून प्रभावित 14 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा करेंगे. सरकार ने अप्रैल से ही एहतियातन कदम उठाने शुरू कर दिए थे. अभी 20 जुलाई तक बारिश के आसार नहीं हैं. केवल तराई के कुछ क्षेत्रों में ही बारिश की संभावना है. हालांकि 20 जुलाई के बाद फिर से मॉनसून गति पकड़ सकता है.
देश के 372 जिलों में कमजोर मॉनसून
कमजोर मॉनसून की वजह से लगातार बारिश की कमी बनी हुई है. देश के 372 जिलों में मॉनसून कमजोर है. वहीं 68 जिले बुरी तरह प्रभावित हैं. अभी तक बुआई में एक करोड़ हेक्टेयर की कमी है. इस बीच कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 14 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा करेंगे. इससे पहले भी वो एक बार सभी प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा कर चुके हैं. मॉनसून की स्थिति की राज्यवार समीक्षा की जाएगी.
केंद्र सरकार अपनी ओर से पूरी सहायता दे रही है. अप्रैल से ही सरकार ने एहतियातन कदम उठाने शुरू कर दिए थे . बुआई अमूमन जुलाई के अंत तक होती है. इस बार अगस्त मध्य तक बुआई का सीजन है. अगर मॉनसून सुधरा तो बुआई के हालात में सुधार आ सकता है.

मॉनसून सीजन के दौरान बारिश की कमी बढ़कर 19% हुई
इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान 01 जून से 13 जुलाई 2026 के बीच बारिश की कमी बढ़कर 19% हो गई है. भारत मौसम विभाग की सोमवार को जारी ताजा पूर्वानुमान रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा कमी पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में रिकॉर्ड की गई है, जहां 13 जुलाई तक औसत से 36% कम बारिश रिकॉर्ड की गई है. दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश औसत से 22% कम दर्ज की गई है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की कमी 12% और मध्य भारत में 8% रही है.

फसलों की बुआई पर पड़ेगा असर
मॉनसून की रफ्तार ऐसे समय पर फिर कमजोर हुई है जब खरीफ सीजन पीक पर है और देश के कई हिस्सों में महत्वपूर्ण खरीफ फसलों की बुआई पर इसके असर को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है. कृषि मंत्रालय द्वारा जारी ताज़ा आकंड़ों के अनुसार, 10 जुलाई 2026 तक देशभर में खरीफ सीजन के दौरान कुल 531.25 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई है, जो पिछले साल के मुकाबले 101.44 लाख हेक्टेयर (-16.03%) कम है. पिछले साल 10 जुलाई तक देश में कुल 632.69 लाख हेक्टेयर इलाके में खरीफ फसलों की बुआई हो चुकी थी.
इस दौरान चावल की बुआई करीब 10.84 लाख हेक्टेयर (-8.63%) तक घट गयी है, जबकि अहम दलहन फसलों की बुआई 17.22 लाख हेक्टेयर (- 23.32%) और तिलहन की फसलों की बुआई सबसे ज़्यादा 31.34 लाख हेक्टेयर (-21.01%) इलाके में घट गयी है.

क्या है मौसम विभाग का पूर्वानुमान?
भारत मौसम विभाग ने अपने ताजा पूर्वानुमान रिपोर्ट में कहा है कि अगले 3-4 दिनों तक पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और बिहार में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है. सोमवार को भी मेघालय और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ जगहों पर बहुत ज़्यादा भारी बारिश होने की खबर है. लेकिन अगले 6-7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों और पश्चिम-मध्य व दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां कम रहने की संभावना है. जाहिर है, मॉनसून की स्थिति में अगर सुधार नहीं हुआ, तो इसका असर खरीफ फ़सलों की बुआई पर बढ़ता जायेगा.
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