बिहार की राजधानी पटना के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में उस समय नया मोड़ आ गया, जब जनशक्ति जनता दल की उम्मीदवार वीणा मानवी को नामांकन दाखिल करने के बाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया. पुलिस के अनुसार, उनके खिलाफ पहले से दर्ज एक मामले में अदालत द्वारा गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया गया था, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई. हालांकि, बाद में उन्हें जमानत मिल गई और रिहा कर दिया गया. वहीं, तेज प्रताप यादव ने इस कार्रवाई को राजनीतिक साजिश करार दिया है. उनका आरोप है कि उनकी पार्टी की उम्मीदवार को चुनावी प्रक्रिया के दौरान जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है. इस घटनाक्रम के बाद बांकीपुर उपचुनाव की सियासत और भी गरमा गई है.
वीणा मानवी पटना की सामाजिक कार्यकर्ता हैं. वे महिलाओं, युवाओं और सामाजिक मुद्दों पर काम करने का दावा करती रही हैं. हाल ही में तेज प्रताप यादव ने उन्हें अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल का उम्मीदवार घोषित किया था. तेज प्रताप का कहना था कि वे एक ऐसे चेहरे को चुनाव मैदान में उतारना चाहते हैं, जो समाज सेवा से जुड़ा हो और आम लोगों के बीच सक्रिय रहा हो.
भाजपा के चुनावी रणनीति में बड़ा बदलाव
वीणा मानवी के चुनाव मैदान में आने के बाद बांकीपुर का मुकाबला और दिलचस्प हो गया. इस बीच भाजपा ने भी अपनी चुनावी रणनीति में बड़ा बदलाव किया. पहले पार्टी ने अभिषेक कुमार "बंटी" को उम्मीदवार बनाया था और उन्होंने नामांकन भी दाखिल कर दिया था. लेकिन बाद में भाजपा ने उनका नामांकन वापस ले लिया और उनकी जगह नीरज सिन्हा को अपना आधिकारिक उम्मीदवार बना दिया. अब बांकीपुर में भाजपा की ओर से नीरज सिन्हा चुनाव लड़ रहे हैं. राजनीतिक जानकार इस बदलाव को भाजपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं.
बांकीपुर उपचुनाव.... पार्टी की पहली बड़ी राजनीतिक परीक्षा
तेज प्रताप यादव का राजनीतिक सफर भी पिछले एक साल में काफी बदल गया है. वे राष्ट्रीय जनता दल के संस्थापक लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बड़े बेटे हैं. लंबे समय तक वे राजद में रहे और विधायक और बिहार सरकार में मंत्री भी रहे. लेकिन पारिवारिक और राजनीतिक मतभेदों के बाद उन्हें राजद से बाहर कर दिया गया. इसके बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल बनाई. बांकीपुर उपचुनाव उनकी नई पार्टी की पहली बड़ी राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है.
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि तेज प्रताप यादव इस चुनाव के जरिए अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, उनकी पार्टी नई है और उसका संगठन अभी सीमित है. लेकिन बांकीपुर जैसी चर्चित सीट पर उम्मीदवार उतारकर उन्होंने अपनी मौजूदगी दर्ज कराने का प्रयास किया है.
बांकीपुर सीट इस बार पूरे बिहार की सबसे चर्चित सीट बन गई है. भाजपा की ओर से अब नीरज सिन्हा मैदान में हैं, जबकि जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं. महागठबंधन ने भी अपना उम्मीदवार उतार दिया है. ऐसे में मुकाबला काफी रोचक हो गया है. इसी बीच वीणा मानवी की गिरफ्तारी ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है. तेज प्रताप यादव ने आरोप लगाया है कि उनकी उम्मीदवार को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया गया है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी कानूनी लड़ाई लड़ेगी और न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएगी. दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि कार्रवाई अदालत से जारी गैर-जमानती वारंट के आधार पर की गई है और इसका चुनाव से कोई संबंध नहीं है.
फिलहाल बांकीपुर उपचुनाव में हर दिन नए राजनीतिक घटनाक्रम सामने आ रहे हैं. भाजपा के उम्मीदवार बदलने, प्रशांत किशोर के चुनावी मैदान में उतरने और अब वीणा मानवी की गिरफ्तारी के बाद यह मुकाबला बिहार का सबसे चर्चित उपचुनाव बन गया है. अब सबकी नजर चुनाव प्रचार और आगे होने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी है.
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