विज्ञापन

‘15 साल से जिंदगी तबाह, बच्चों के खाने-पढ़ाई के लाले...’, SC में महिला ने उतारा मंगलसूत्र; क्या है मामला?

मुख्य न्यायाधीश ने महिला को भरोसा दिलाया कि उनकी बात पूरी तरह सुनी जाएगी. उन्होंने कहा कि मामला विशेष पीठ के सामने सूचीबद्ध है और महिला को अपनी दलील रखने का पूरा मौका मिलेगा.

‘15 साल से जिंदगी तबाह, बच्चों के खाने-पढ़ाई के लाले...’, SC में  महिला ने उतारा मंगलसूत्र; क्या है मामला?
दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट में हैदराबाद की एक महिला अपना पक्ष रखते हुए कर रोने लगी. उसकी आंखों से आंसू रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे. महिला ने न्यायाधीशों से कहा, "15 साल से हमारी पूरी जिंदगी बर्बाद हो चुकी है. पूरा परिवार तबाह हो गया है. आज हालात ऐसे हैं कि हम अपने बच्चों को सही से खाना तक नहीं दे पा रहे और उनकी पढ़ाई भी छूट रही है."

बहुचर्चित सहारा-सेबी विवाद की सुनवाई के दौरान यह दिल दहला देने वाला और बेहद भावुक नजारा देखने को मिला. सालों से अपनी जमा पूंजी और इंसाफ के लिए भटक रही महिला याचिकाकर्ता ने न्याय की उम्मीद में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

'औरत के लिए मंगलसूत्र से बढ़कर कुछ नहीं, पर अब बचा क्या है?'

हैदराबाद से दिल्ली पहुंची यह महिला वकील के बजाय खुद ही अपना केस लड़ रही थी. उन्होंने मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के सामने अपनी आपबीती सुनाते हुए गुहार लगाई कि उनकी बात को ध्यान से सुना जाए.

अपनी पीड़ा बयां करते-करते महिला इस कदर भावुक हो गई कि उन्होंने अपने गले से मंगलसूत्र उतारा और अदालत के सामने दिखाते हुए कहा, "हमारे जीवन से बढ़कर कुछ नहीं होता. एक महिला के लिए मंगलसूत्र से बड़ा कोई गहना या चीज नहीं होती, लेकिन आप ही देखिए... हमारे गले में अब क्या बचा है? सब कुछ तो खत्म हो गया."

महिला ने अदालत को बताया कि सहारा-सेबी मामले में उनके परिवार के पैसे फंसने की वजह से पिछले 15 सालों से वे बुरी स्थिति में जी रहे हैं.  पाई-पाई को तरसते परिवार के पास अब बच्चों की परवरिश और उनकी शिक्षा तक के पैसे नहीं बचे हैं.

'दिल्ली आने की जरूरत नहीं, ऑनलाइन जुड़ें'

महिला के भावुक अपील को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने बेहद संवेदनशीलता और धैर्य के साथ सुना. CJI ने महिला को जानकारी दी कि उनके इस मामले की सुनवाई अगले सोमवार को एक विशेष पीठ द्वारा की जाएगी.

महिला की आर्थिक तंगी को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश ने उनसे कहा कि उन्हें बार-बार पैसे खर्च करके हैदराबाद से दिल्ली आने की जरूरत नहीं है. वे चाहें तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी अदालत की कार्यवाही से जुड़ सकती हैं.

मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि जब मामला विशेष पीठ के सामने आएगा, तब उन्हें अपनी पूरी बात रखने और अपनी दलीलें देने का पर्याप्त मौका दिया जाएगा.

'मैं चाहती हूं अदालत मेरी तकलीफ को खुद महसूस करे'

मुख्य न्यायाधीश के ऑनलाइन जुड़ने के सुझाव के बावजूद, महिला ने अदालत में व्यक्तिगत रूप से ही उपस्थित रहने की इच्छा जताई. महिला का कहना था कि वे खुद चलकर अदालत के सामने इसलिए आई हैं ताकि देश की सबसे बड़ी अदालत उनके इतने सालों के दर्द, लाचारी और परेशानी को महसूस कर सके.

यह भी पढ़ें: चाकू से 51 वार, नाले में लाश... दिल्ली दंगों में मारे गए IB अफसर अंकित शर्मा के साथ उस दिन क्या हुआ था?

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Supreme Court, Sahara Case, SEBI Sahara Case
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com